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बाब-ए-सैयद बंद कर प्रदर्शन, नोकझोंक
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 18 Aug 2017 02:01 AM IST
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प्रवेश निरस्त किए जाने के विरोध में अमुवि के बाब-ए-सैयद को बंद करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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11वीं (स्ववित्त पोषित) पाठ्यक्रम में प्रवेश रद्द होने से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने बाब-ए-सैयद जामकर प्रदर्शन किया। छात्रों की प्रॉक्टोरियल टीम से तीखी नोकझोंक हुई। तेज धूप में एक छात्रा बेहोश होकर गिर गई, जिसे उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भेजा गया।
एएमयू के 90 से अधिक इंटरनल छात्रों को 11वीं स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम में प्रवेश देकर निरस्त कर दिया गया है। इससे छात्र-छात्रा ही नहीं बल्कि उनके अभिभावक भी काफी आक्रोशित है। बुधवार को छात्र-छात्राओं ने बाब-ए-सैयद बंद कर प्रदर्शन किया था।
वृहस्पतिवार की सुबह ही दर्जनों छात्र-छात्रा एवं उनके अभिभावक बाब-ए-सैयद पर बैठ गए। इसकी वजह से काफी देर तक यातायात बाधित रही। प्रॉक्टोरियल टीम ने सख्ती दिखाकर छात्रों को गेट से हटाया। यह क्रम दिन भर चलता रहा। कभी छात्र गेट जाम कर देते फिर प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य खुलवा देते। इस दौरान प्रॉक्टोरियल टीम एवं छात्रों के बीच नोकझोंक होती रही। तेज धूप में प्रदर्शन कर रही एक छात्रा बेहोश होकर बाब-ए-सैयद पर गिर गई, जिसे आनन-फानन में एंबुलेंस से जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
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कंट्रोलर से अभिभावकों की बातचीत के बाद भी मामला नहीं सुलझ पाया। कंट्रोलर का कहना था कि निर्धारित फार्मेट पर छात्रा ब्योरा दे, जिसकी जांच के बाद विचार किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि रद्द किये गये छात्रों ने रेगूलर कोर्स डिप्लोमा में फीस जमा कर दी है या उनका नाम वेटिंग लिस्ट में है।
ऐसे छात्रों को इवनिंग कोर्स में एडमिशन नहीं दिया जा सकता है। छात्रों पर तथ्य छुपाने की बात भी अधिकारी कर रहे है। वहीं, जानकारों का कहना है कि प्रवेश के दौरान डॉक्यूमेंट्स का ठीक से सत्यापन नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। कई छात्र ऐसे भी है, जिन्होंने डिप्लोमा में फीस जमा नहीं की और न ही वेटिंग लिस्ट आने के बाद रिपोर्ट की है। बावजूद इसके उनका प्रवेश रद्द कर दिया गया है।
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एएमयू के 90 से अधिक इंटरनल छात्रों को 11वीं स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम में प्रवेश देकर निरस्त कर दिया गया है। इससे छात्र-छात्रा ही नहीं बल्कि उनके अभिभावक भी काफी आक्रोशित है। बुधवार को छात्र-छात्राओं ने बाब-ए-सैयद बंद कर प्रदर्शन किया था।
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वृहस्पतिवार की सुबह ही दर्जनों छात्र-छात्रा एवं उनके अभिभावक बाब-ए-सैयद पर बैठ गए। इसकी वजह से काफी देर तक यातायात बाधित रही। प्रॉक्टोरियल टीम ने सख्ती दिखाकर छात्रों को गेट से हटाया। यह क्रम दिन भर चलता रहा। कभी छात्र गेट जाम कर देते फिर प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य खुलवा देते। इस दौरान प्रॉक्टोरियल टीम एवं छात्रों के बीच नोकझोंक होती रही। तेज धूप में प्रदर्शन कर रही एक छात्रा बेहोश होकर बाब-ए-सैयद पर गिर गई, जिसे आनन-फानन में एंबुलेंस से जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
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कंट्रोलर से अभिभावकों की बातचीत के बाद भी मामला नहीं सुलझ पाया। कंट्रोलर का कहना था कि निर्धारित फार्मेट पर छात्रा ब्योरा दे, जिसकी जांच के बाद विचार किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि रद्द किये गये छात्रों ने रेगूलर कोर्स डिप्लोमा में फीस जमा कर दी है या उनका नाम वेटिंग लिस्ट में है।
ऐसे छात्रों को इवनिंग कोर्स में एडमिशन नहीं दिया जा सकता है। छात्रों पर तथ्य छुपाने की बात भी अधिकारी कर रहे है। वहीं, जानकारों का कहना है कि प्रवेश के दौरान डॉक्यूमेंट्स का ठीक से सत्यापन नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। कई छात्र ऐसे भी है, जिन्होंने डिप्लोमा में फीस जमा नहीं की और न ही वेटिंग लिस्ट आने के बाद रिपोर्ट की है। बावजूद इसके उनका प्रवेश रद्द कर दिया गया है।