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एएमयू वीसी ने मो. अली के नाम पर रखा था बेटे का नाम
कौशल कुमार ओझा
Updated Mon, 06 Jun 2016 01:58 AM IST
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एएमयू वीसी
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह बॉक्सिंग के सबसे बड़े शो मैन मोहम्मद अली के जीवन से बेहद प्रभावित थे। उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उन्होंने अपने बड़े बेटे का नाम मोहम्मद अली रख दिया।
आपको यह जानकार हैरानी होगी कि युवावस्था में कुलपति जमीरउद्दीन शाह स्वयं बॉक्सर थे और 1963 में प्रदेश स्तरीय बाक्सिंग चैंपियनशिप भी जीत चुके हैं।
बॉक्सिंग के जादूगर के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर मोहम्मद अली के निधन के बाद एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह के घर में शोक का माहौल है।
कुलपति जमीरउद्दीन शाह की पुत्री सायरा शाह हलीम (कोलकाता निवासी) कहती हैं कि उनके पिता जमीरउद्दीन शाह मोहम्मद अली शाह से बेहद प्रभावित थे और उनके भाई (मेजर मोहम्मद अली शाह) का नाम उन्होंने मोहम्मद अली के नाम पर ही रखा था। इससे संबंधित उन्होंने एक खूबसूरत कविता भी लिखी थे, जिसे मैंने युवावस्था में पढ़ी थी। सायरा का कहना है कि उनके पिता युवावस्था में स्वयं प्रदेश स्तरीय बॉक्सिंग के चैंपियन रहे हैं।
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फिल्म स्टार मेजर मोहम्मद अली शाह ने मुंबई से फोन पर बताया कि मेरे पिता जमीरउद्दीन शाह, चाचा नसीरूद्दीन शाह (मशहूर फिल्म स्टार) एवं मोहम्मद अली मेरे हीरो हैं। मुझे खुशी होती है कि मोहम्मद अली के नाम पर मेरे पिता ने मेरा नाम रखा। आज भले ही दुनिया के महान बॉक्सर एवं मानवतावादी मोहम्मद अली नहीं रहे लेकिन वे हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगे। उनका जीवन हमेशा मेहनत के बूते आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता रहेगा। मोहम्मद अली कहते भी थे कि इंसान को ऊंचाई पर पहुंचने के लिए सिर्फ टैलेंट जरूरी नहीं है। मेहनत से अपनी काबिलियत साबित करना चाहिए। मेजर मोहम्मद अली कहते हैं कि स्कूली जीवन में वे स्वयं बॉक्सिंग के दीवाने थे।
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आपको यह जानकार हैरानी होगी कि युवावस्था में कुलपति जमीरउद्दीन शाह स्वयं बॉक्सर थे और 1963 में प्रदेश स्तरीय बाक्सिंग चैंपियनशिप भी जीत चुके हैं।
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बॉक्सिंग के जादूगर के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर मोहम्मद अली के निधन के बाद एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह के घर में शोक का माहौल है।
कुलपति जमीरउद्दीन शाह की पुत्री सायरा शाह हलीम (कोलकाता निवासी) कहती हैं कि उनके पिता जमीरउद्दीन शाह मोहम्मद अली शाह से बेहद प्रभावित थे और उनके भाई (मेजर मोहम्मद अली शाह) का नाम उन्होंने मोहम्मद अली के नाम पर ही रखा था। इससे संबंधित उन्होंने एक खूबसूरत कविता भी लिखी थे, जिसे मैंने युवावस्था में पढ़ी थी। सायरा का कहना है कि उनके पिता युवावस्था में स्वयं प्रदेश स्तरीय बॉक्सिंग के चैंपियन रहे हैं।
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फिल्म स्टार मेजर मोहम्मद अली शाह ने मुंबई से फोन पर बताया कि मेरे पिता जमीरउद्दीन शाह, चाचा नसीरूद्दीन शाह (मशहूर फिल्म स्टार) एवं मोहम्मद अली मेरे हीरो हैं। मुझे खुशी होती है कि मोहम्मद अली के नाम पर मेरे पिता ने मेरा नाम रखा। आज भले ही दुनिया के महान बॉक्सर एवं मानवतावादी मोहम्मद अली नहीं रहे लेकिन वे हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगे। उनका जीवन हमेशा मेहनत के बूते आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता रहेगा। मोहम्मद अली कहते भी थे कि इंसान को ऊंचाई पर पहुंचने के लिए सिर्फ टैलेंट जरूरी नहीं है। मेहनत से अपनी काबिलियत साबित करना चाहिए। मेजर मोहम्मद अली कहते हैं कि स्कूली जीवन में वे स्वयं बॉक्सिंग के दीवाने थे।