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AMU: वार्षिक बजट 25 करोड़, जेएन मेडिकल कॉलेज में 1269 बेड, 20 साल से कर्मचारी सिर्फ 398

Thu, 19 Feb 2026 06:24 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 19 Feb 2026 06:24 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज का वार्षिक बजट लगभग 25 करोड़ रुपये है, लेकिन संसाधनों की तुलना में कर्मचारियों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मियों और सहायक कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है।

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AMU JN Medical College faces staff shortage
जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में बेड क्षमता और स्टाफ संख्या के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। 1269 बेड वाले इस मेडिकल कॉलेज में 398 कर्मी कार्यरत हैं, जबकि मानकों के अनुसार यहां लगभग 1300 से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है। यानी बेड के अनुपात में करीब 900 कर्मचारियों की कमी बनी हुई है।

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जेएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना छह से सात हजार मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि ट्राॅमा सेंटर में करीब 70 से 80 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी से चिकित्सा सेवा प्रभावित होती है। पिछले 20 साल से पैरामेडिकल कर्मचारियों की समस्या से जूझ रहा है।
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मेडिकल कॉलेज का वार्षिक बजट लगभग 25 करोड़ रुपये है, लेकिन संसाधनों की तुलना में कर्मचारियों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मियों और सहायक कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। चिकित्सकों की स्थिति भी चिंताजनक है।

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वर्तमान में करीब 260 डॉक्टर तैनात हैं। इनमें 93 प्रोफेसर, 15 एसोसिएट प्रोफेसर, 112 असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वहीं, स्वीकृत पदों के सापेक्ष लगभग 30 डॉक्टरों की कमी बताई जा रही है, जो अलग-अलग बीमारियों के उपचार के विशेषज्ञ हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बेड क्षमता के अनुरूप पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति आवश्यक है, अन्यथा आपातकालीन और गंभीर मरीजों की देखभाल पर असर पड़ सकता है। बढ़ते मरीज भार और सीमित कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की कमी है। कमी को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन कोशिश में जुटा है। मंत्रालय को लगातार पत्राचार किया जा रहा है।-प्रो. अंजुम परवेज, प्राचार्य, जेएन मेडिकल कॉलेज


नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी पर नर्सेज एसोसिएशन ने जताई चिंता 
एएमयू नर्सेज एसोसिएशन ने नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी पर चिंता जताई है। संरक्षक आशिक अली ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ की कमी तत्काल दूर कर निर्धारित नर्स-रोगी अनुपात लागू किया जाए। 14-15 वर्षों से लंबित डीपीसी एवं पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। नर्सिंग सुपरिटेंडेंट और चीफ नर्सिंग ऑफिसर के पद सृजित व भरे जाएं। अस्थायी व फिक्स्ड वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सेवानिवृत्ति तक नाइट ड्यूटी और अत्यधिक कार्यभार के दबाव को समाप्त किया जाए।

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