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एएमयू प्रशासन ने माना, छात्रों को नोटिस जारी करने में हुई चूक

Tue, 16 Oct 2018 01:46 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Tue, 16 Oct 2018 01:46 AM IST
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AMU administration admits, mistakes in issuing notice to students
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष सज्जाद राथर प्रॉक्टर टीम से बातचीत करते। - फोटो : Amar Ujala
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के रजिस्ट्रार अब्दुल हामिद ने माना है कि मन्नान वानी प्रकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन से चूक हुई है और गलत नोटिस जारी कर दिए हैं। दूसरी ओर कश्मीरी छात्रों ने कहा है कि एएमयू प्रशासन ने अगर कश्मीरी छात्रों की बात नहीं मानी, तो 17 अक्तूबर को सर सैयद डे पर वो अपनी डिग्री वापस कर घर वापस चले जाएंगे। कश्मीरी छात्रों ने सोमवार को पैदल मार्च निकाल इसका एलान किया।
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दोपहर करीब दो बजे परिसर स्थित मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पास कश्मीरी छात्र एकत्र हुए। इसके बाद एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर ने मार्च की अगुवाई करते हुए कहा कि वह पांच सदस्यीय कश्मीरी छात्रों के प्रतिनिधि मंडल के साथ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अब्दुल हामिद से मुलाकात की। राथर ने कहा कि अगर एएमयू इंतजामिया ने कश्मीरी छात्रों की बात नहीं मानी, तो वह अपनी डिग्री लौटाकर कश्मीर चले जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि इंतजामिया के लोग अपने आकाओं को खुश करने के लिए छात्रों को परेशान कर रहे हैं। इसके बाद रजिस्ट्रार से प्रतिनिधि मंडल ने करीब 45 मिनट वार्ता की। बाद में सज्जाद सुभान ने पत्रकारों को बताया कि इस मामले में बातचीत चल रही है। उधर, रजिस्ट्रार ने माना कि छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करने में एएमयू प्रशासन से गलती हुई है।
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सरकारों से मांगी सुरक्षा

पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर ने कहा कि जब छात्र डिग्री लौटाकर कश्मीर के लिए निकलेंगे, तो उन्हें सुरक्षा की जरूरत होगी। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली के मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को पत्र लिखकर सुरक्षा करने की मांग की है। सज्जाद ने कहा कि एएमयू में कश्मीरी छात्रों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। पहले ही कश्मीर के दो छात्रों को निलंबित किया जा चुका है। हमने दो दिन पूर्व प्रॉक्टर से मिलकर इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई बात नहीं मानी गई। हम इंतजामिया के लगातार संपर्क में हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 

सात में से तीन छात्रों के नाम हटे 
हिजबुल कमांडर व एएमयू से निष्कासित शोध छात्र मन्नान वानी को मारे जाने के बाद जब कश्मीरी छात्र नमाज-ए-जनाजा की तैयारी करने लगे तो प्राक्टर टीम ने उन्हें रोका, जिस पर वाद विवाद हुआ और धक्का मुक्की हुई। रोके जाने पर यहीं पर देश विरोधी नारेबाजी की गई थी। इस मामले में एएमयू विश्वविद्यालय ने पहले नौ छात्रों को नोटिस दिया था।

दो छात्र निलंबित किए गए थे, जिनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें पीरजादा दानिश साबिर (बीएससी), अयाज अहमद भट्ट (एमएससी), मो. सुल्तान खान (एमफिल), रकीब सुल्तान (बीएससी), समीउल्ला रैदर (बीएससी), शौकत अहमद लोन व पीरजादा मुहीब उल हक (बीए) शामिल हैं।


सोमवार को प्रॉक्टोरियल टीम की जांच पड़ताल में तीन छात्रों के नाम अलग कर दिए गए हैं। अब नोटिस के मामले में चार छात्र रह गए हैं।

डिग्री वापसी की बात अफवाह : रजिस्ट्रार
एएमयू के रजिस्ट्रार अब्दुल हामिद ने कश्मीरी छात्रों के डिग्री वापसी को अफवाह बताया है। कश्मीरी छात्रों से एएमयू प्रशासन बात कर रहा है। जिन दो छात्रों को निलंबित किया गया है, वह प्रथमदृष्टया में दोषी पाए गए हैं। उधर, एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. मोहसिन खान ने कहा कि करीब 950 कश्मीरी छात्रों को जाने की जरूरत नहीं है। हम उन्हें समझा रहे हैं।
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