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Aligarh News: धनतेरस और दीपावली से पहले खनका बर्तनों का बाजार, कारोबार होगा 100 करोड़ के पार

Sat, 11 Oct 2025 12:31 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 11 Oct 2025 12:31 PM IST
सार

इस बार लोग एल्युमिनियम के बर्तनों से दूरी बनाते हुए पारंपरिक पीतल और तांबे के बर्तनों की ओर लौट रहे हैं। सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते इन धातुओं से बने बर्तनों की मांग खासी बढ़ गई है।

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Aligarh utensils market before Dhanteras and Diwali
बर्तन की खरीदारी करते ग्राहक - फोटो : संवाद

विस्तार

धनतेरस और दीपावली से पहले ही बर्तनों के बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। त्योहारी सीजन में धनतेरस तक बर्तनों के कारोबार में लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-2 अनिल कुमार राम त्रिपाठी कहते हैं कि मैटल आयटमों पर पांच फीसदी का स्लैब है। स्लैब बदला है इसलिए सटीक अनुमान अभी संभव नहीं, लेकिन बाजार के रुझान कहते हैं कि त्योहार पर बर्तन कारोबार 100 करोड़ तक जा सकता है।
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खास बात यह है कि इस बार लोग एल्युमिनियम के बर्तनों से दूरी बनाते हुए पारंपरिक पीतल और तांबे के बर्तनों की ओर लौट रहे हैं। सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते इन धातुओं से बने बर्तनों की मांग खासी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि एल्युमिनियम के मुकाबले ये पारंपरिक धातुएं खाना पकाने के लिए बेहतर हैं। इसके साथ ही, ट्राइप्लाई स्टील के बर्तन और प्रेशर कुकर भी ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं। एल्युमिनियम की जगह इस खास स्टील से बने प्रेशर कुकर को स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम माना जा रहा है, क्योंकि इनमें खाना जलने की समस्या कम होती है।
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खरीदार और कारोबारी

बाजार की इस उत्साहजनक स्थिति को देखते हुए इस त्योहारी सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद है। लोग पीतल और तांबे के बर्तनों की ओर लौट रहे हैं। - दीपांशु वार्ष्णेय, बर्तन कारोबारी
बर्तनों का इस्तेमाल हर घर में होता है। शुभ धातुओं जैसे तांबा पीतल आदि का प्रयोग करने का चलन बढ़ा है। इनकी मांग भी अच्छी है। - राहुल मल्होत्रा, बर्तन कारोबारी
धनतेरस के मौके पर पीतल के बर्तन खरीदने के लिए आए हैं। इन बर्तनों का प्रयोग पूजा के लिए भी शुभ माना जाता है। -भारती, खरीदार
पूजा के बर्तन और पूजा की थाली लेने आई हूं। एल्युमिनियम के बर्तनों से हम दूरी बना रहे हैं और पीतल तांबे के बर्तन ले रहे हैं।-सर्लेश, खरीदार
मैं घर पर एल्युमिनियम के प्रेशर कुकर को छोड़ रही हूं और स्टील का कुकर लेने आई हूं। स्टील के डिब्बे भी लिए हैं। -सुचेता तिवारी, खरीदार

डिजाइनर थाली की मांग 

त्योहारों पर पूजा-पाठ का भी खास महत्व होता है, जिसके चलते डिजाइनर पूजा की थाली की भी विशेष मांग है। इस बार लक्ष्मी-गणेश की पूजा इन्हीं आकर्षक थालियों में की जाएगी।
एक घंटे जलने वाला दीपकघी भरकर 24 घंटे तक जलेगा पूजा का दीपक
इसके अलावा, एक खास लालटेन के आकार का पूजा का दीपक भी बाजार में आया है। इसमें देसी घी भरकर जलाया जाता है और इसमें लगी शीशे की चिमनी के कारण दीपक 24 घंटे तक लगातार जलता रहेगा।

यह भी जानें

  • पीतल के बर्तन सामान्य रेंज में 700 रुपये से 1200 रुपये तक हैं। बर्तनों की संख्या बढ़ने पर रकम भी बढ़ जाएगी।
  • स्टील के बर्तन 180 रुपये से 1000 रुपये तक हैं। डिनर सेट आदि अलग से। संख्या बढ़ने पर रकम भी बढ़ेगी।
  • तांबे के सामान्य बर्तन 200 रुपये से 1200 रुपये तक हैं। गुणवत्ता और संख्या बढ़ने पर रकम अलग से जुड़ेगी।

स्रोत: बर्तन कारोबारी

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