सावन के तीसरे सोमवार पर शहर के शिवालयों में जलाभिषेक को लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे। खेरेश्वर मंदिर और अचलेश्वर मंदिर में भीड़ को संभालने के लिए कतारें लगवाई गईं। शिवालयों में शाम को भोलेनाथ का भव्य शृंगार कर आरती उतारी गई।
शहर के खेरेश्वर, अचलेश्वर और मंगलेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचने लगे। खेरेश्वर और अचलेश्वर मंदिर में भीड़ को संभालने के लिए कतारें लगवाई गईं। अधिकांश मंदिरों में यजमानों ने आचार्यों के सानिध्य में रुद्राभिषेक किया। शाम को भोलेनाथ का भव्य श्रंगार कर दर्शन कराए गए। अचलताल स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर में हरि गोस्वामी ने बाबा का भव्य शृंगार कर शाम को दर्शन कराए। जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री व राजू पंडित ने श्रद्धालुओं से रुद्राभिषेक संपन्न कराया। यहां मंदिर परिसर में भव्य फूल बंगला सजाया गया। शाम को आठ बजे महाआरती हुई। यहां अंकित वार्ष्णेय, मिलिंद वार्ष्णेय, भरत वार्ष्णेय, दीपांशु, राहुल पंडित, राजुल वर्मा आदि मौजूद रहे। स्वर्ण जयंती नगर स्थित प्रेमेश्वर महादेव मंदिर में भी दिनभर रुद्राभिषेक के कार्यक्रम हुए। इसके अलावा भूतेश्वर मंदिर, पीली कोठी में राज राजेश्वर महादेव मंदिर, नागेश्वर मंदिर, लाल मंदिर, चिंताहरण महादेव मंदिर, शांतिपुरम स्थित राधा माधव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ी। वहीं शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए यातायात और पुलिसकर्मियों का सहयोग रहा।