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नर्स ने प्रसूता के थप्पड़ जड़ा, ठंड में अस्पताल से निकाला
Aligarh
Updated Sat, 04 Jan 2014 05:43 AM IST
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अलीगढ़। सीएचसी बिजौली के स्टाफ ने गुरुवार रात मानवता को तार-तार कर दिया। प्रसव पीड़ा से चिल्ला रही प्रसूता को वहां की नर्स ने थप्पड़ जड़ा और रात 11 बजे कड़ाके की ठंड में अस्पताल से बाहर निकाल दिया। स्टाफ ने प्रसूता को अलीगढ़ भेजने के लिए एंबुलेंस देने से भी मना कर दिया। आनन-फानन प्रसूता के परिजनों ने प्राइवेट वाहन का इंतजाम किया और रात दो बजे उसे अलीगढ़ के एक निजी नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। वहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया। इस पूरे मामले की शिकायत परिजनों ने सीएमओ से की है।
बिजौली के गांव तरैंची निवासी आशा पत्नी संजय को गुरुवार दोपहर को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल की। परिजनों ने बताया कि कुछ देर बाद 108 एंबुलेंस गांव में पहुंची और करीब साढ़े तीन बजे आशा को सीएचसी बिजौली पर छोड़ दिया। रात 11 बजे आशा को प्रसव पीड़ा हुई तो वह चिल्लाने लगी। इस पर वहां की स्टाफ नर्स ने थप्पड़ जड़ते हुए कहा कि शोर क्यों मचा रही है। इतना ही नहीं उसे अस्पताल से बाहर भी निकाल दिया। परिजनों ने वहां के जिम्मेदार स्टाफ से आशा की हालत नाजुक देखकर अनुरोध किया कि सीएचसी पर मौजूद एंबुलेंस को अलीगढ़ तक भेज दिया जाए। इसके लिए वह पैसा भी देने को तैयार हैं लेकिन उन्हें स्टाफ ने फटकार लगाते हुए भगा दिया। इस पर परिजनों ने जैसे तैसे प्राइवेट वाहन की व्यवस्था की और उसमें डालकर आशा को कड़ाके की ठंड में रात दो बजे दुर्गाबाड़ी स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। नर्सिंग होम में आपरेशन से आशा ने बच्ची को जन्म दिया है। शुक्रवार को परिजनों ने इसकी लिखित शिकायत सीएमओ डा. सीएस सागरवाल से की है।
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बिजौली के गांव तरैंची निवासी आशा पत्नी संजय को गुरुवार दोपहर को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल की। परिजनों ने बताया कि कुछ देर बाद 108 एंबुलेंस गांव में पहुंची और करीब साढ़े तीन बजे आशा को सीएचसी बिजौली पर छोड़ दिया। रात 11 बजे आशा को प्रसव पीड़ा हुई तो वह चिल्लाने लगी। इस पर वहां की स्टाफ नर्स ने थप्पड़ जड़ते हुए कहा कि शोर क्यों मचा रही है। इतना ही नहीं उसे अस्पताल से बाहर भी निकाल दिया। परिजनों ने वहां के जिम्मेदार स्टाफ से आशा की हालत नाजुक देखकर अनुरोध किया कि सीएचसी पर मौजूद एंबुलेंस को अलीगढ़ तक भेज दिया जाए। इसके लिए वह पैसा भी देने को तैयार हैं लेकिन उन्हें स्टाफ ने फटकार लगाते हुए भगा दिया। इस पर परिजनों ने जैसे तैसे प्राइवेट वाहन की व्यवस्था की और उसमें डालकर आशा को कड़ाके की ठंड में रात दो बजे दुर्गाबाड़ी स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। नर्सिंग होम में आपरेशन से आशा ने बच्ची को जन्म दिया है। शुक्रवार को परिजनों ने इसकी लिखित शिकायत सीएमओ डा. सीएस सागरवाल से की है।
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