{"_id":"6-14248","slug":"Aligarh-14248-6","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंदर-बाहर दबावों के बीच फंसा हूं : वीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंदर-बाहर दबावों के बीच फंसा हूं : वीसी
Aligarh
Updated Thu, 01 Aug 2013 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़। एएमयू के मौजूदा हालात पर कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा है कि मैं चक्की के दो पाटों की तरह अंदरूनी और बाहरी दबावों के बीच में फंसा हूं। कुछ बाहरी लोग ‘मुसलिम यूनिवर्सिटी’ नहीं चाहते। जबकि कुछ अंदरूनी लोग केवल अपने हितों की पूर्ति करने के लिए फीस बढ़ोत्तरी, छात्रों का निलंबन जैसे मुद्दों को हवा देकर अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। जबकि यहां पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह बहुत ही जरूरी है। ऐसे लोग मेरे सुधार कार्यक्रम को बिगाड़ना चाहते हैं। एएमयू में फौजी अफसर लाने की बात पर कुलपति ने कहा कि एक वेबसाइट ने तो मुझे लिख दिया 10वीं पास कुलपति। जबकि वह लोग यह भूल गए कि मैंने मद्रास यूनिवर्सिटी से एमएससी और इंदौर यूनिवर्सिटी से एमफिल किया है साथ ही कई शैक्षिक संगठनों का प्रमुख रहा हूं। यह बहुत बड़ी गलतफहमी है कि फौजी लोग कम पढ़े लिखे होते हैं। लड़कियों के लिए परिधान की बात पर कुलपति ने कहा कि शुक्र है कुछ बाहरी लोगों ने मेरी नेक सलाह को फरमान बना डाला। शुक्र है फतवा नहीं बताया। 10 जून को मैंने वीमेंस कॉलेज की छात्राओं के अभिभावकों को पत्र लिखा था कि रात 10 बजे के बाद वह हॉस्टल से बाहर जाएंगी। क्या आप उनकी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं? मेरे पास पलट कर एक भी पत्र नहीं आया है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह सन 2016 तक एएमयू को विश्व की नंबर वन यूनिवर्सिटी बनाने का लक्ष्य है। साथ ही मेडिकल कॉलेज को भी एम्स का दर्जा दिलवाने और केंद्र सरकार से अधिक से अधिक सहायता दिलवाने का लक्ष्य है।
विज्ञापन