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बॉलिंग मशीन से अभ्यास करेंगे डीपीएस के खिलाड़ी
Aligarh
Updated Thu, 01 Aug 2013 05:33 AM IST
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अलीगढ़। क्रिकेट के किशोर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए अब अलीगढ़ में ऐसी सुविधा सुलभ हो गई है, जो पूरे उत्तर प्रदेश में अन्यत्र कहीं नहीं है। डीपीएस और पावना क्रिकेट एकेडमी के सौजन्य से प्राप्त इस सुविधा के फलस्वरूप यहां से निकले किशोर क्रिकेटर अब प्रदेश में ही नहीं, देश में अपनी चमक बिखेरेंगे।
डीपीएस के प्रो-वाइस चेयरमैन स्वप्निल जैन ने बताया कि स्कूल में एक आधुनिकतम बॉलिंग मशीन स्थापित की गई है। हैदराबाद की एक प्रमुख कंपनी से मंगाई गई यह मशीन खिलाड़ियों को हर तरह की गेंद का सामना करने में दक्षता प्रदान करेगी। मशीन न सिर्फ 170 किलोमीटर प्रति घंटा की तीव्रगति से बॉलिंग करने में सक्षम है, बल्कि यह बॉल को सभी तरह की स्विंग (लेग स्विंग, इन स्विंग और ऑफ स्विंग) भी प्रदान कर सकती है। उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे शीर्षस्थ खिलाड़ियों ने भी बॉलिंग मशीन की सहायता से ही अपनी बैटिंग को धार प्रदान की है। जैन ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में, इस तरह की मशीन अभी तक कहीं नहीं है। हालांकि यह मशीन डीपीएस (सीनियर विंग) में स्थापित की गई है, लेकिन इसका उपयोग डीपीएस स्कूल के सभी छात्रों के अलावा पावना क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे क्रिकेटर भी कर सकेंगे। यदि कुछ अन्य शिक्षण संस्थाएं भी इस सुविधा का लाभ लेना चाहेंगी तो उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा।
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डीपीएस के प्रो-वाइस चेयरमैन स्वप्निल जैन ने बताया कि स्कूल में एक आधुनिकतम बॉलिंग मशीन स्थापित की गई है। हैदराबाद की एक प्रमुख कंपनी से मंगाई गई यह मशीन खिलाड़ियों को हर तरह की गेंद का सामना करने में दक्षता प्रदान करेगी। मशीन न सिर्फ 170 किलोमीटर प्रति घंटा की तीव्रगति से बॉलिंग करने में सक्षम है, बल्कि यह बॉल को सभी तरह की स्विंग (लेग स्विंग, इन स्विंग और ऑफ स्विंग) भी प्रदान कर सकती है। उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे शीर्षस्थ खिलाड़ियों ने भी बॉलिंग मशीन की सहायता से ही अपनी बैटिंग को धार प्रदान की है। जैन ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में, इस तरह की मशीन अभी तक कहीं नहीं है। हालांकि यह मशीन डीपीएस (सीनियर विंग) में स्थापित की गई है, लेकिन इसका उपयोग डीपीएस स्कूल के सभी छात्रों के अलावा पावना क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे क्रिकेटर भी कर सकेंगे। यदि कुछ अन्य शिक्षण संस्थाएं भी इस सुविधा का लाभ लेना चाहेंगी तो उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा।
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