{"_id":"6-10134","slug":"Aligarh-10134-6","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेत्र चिकित्सा की नई तकनीक से हुए रू-ब-रू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेत्र चिकित्सा की नई तकनीक से हुए रू-ब-रू
Aligarh
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़। यूपी स्टेट ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी (यूपी एसओएस) की 47 वींवार्षिक कांफ्रेंस के दूसरे दिन डेढ़ दर्जन शैक्षिक सत्र हुए। इसके बाद कांफ्रेंस का समारोह पूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में नेत्र सर्जनों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
गूलर रोड स्थित गायत्री पैलेस में आयोजित यूपी एसओएस कांफ्रेंस के अंतिम दिन प्रदेश भर से आए नेत्र विशेषज्ञों के 18 शैक्षिक सत्र हुए। शैक्षिक सत्रों में दिल्ली से आए डॉ. जीवनदास टिटियाल ने मोतियाबिंद को लेकर नेत्र विशेषज्ञों को जानकारी दी। इसके साथ ही नेत्र चिकित्सा की नई तकनीक बताई। शैक्षिक सत्रों में व्याख्यान देने वालों में डॉ. ललित वर्मा दिल्ली, डॉ. सेवासिंह भट्टाचार्य डॉ. पंकज भट्टाचार्य गुवाहाटी, डॉ. कुमुद शर्मा लखनऊ, डॉ. केडी सिंह पंजाब ने नेत्र रोगों से संबंधित अलग-अलग विषय पर नेत्र विशेषज्ञों को जानकारी दी।
शाम को समापन समारोह हुआ। समारोह में मंचासीन डॉ. आशीष जैसवाल, डॉ. आनंद शर्मा, डॉ. विनोद बायला, आयोजन सचिव डॉ. आरआर शुक्ल ने कांफ्रेंस को सफल बताया। डॉक्टरों को सलाह दी कि उन्होंने कांफ्रेंस से जो सीखा है, उस तकनीक को अपनाकर मरीजों की सेवा करेंगे। मंचासीन अतिथियों ने उल्लेखनीय सेवाओं के लिए विभिन्न डॉक्टरों को स्मृति चिह्न भेंट किए।
विज्ञापन
आयोजन सचिव डॉ. आरआर शुक्ल ने कांफ्रेंस में देश, विदेश और प्रदेश से आए डॉक्टरों का आभार जताया। सभी ने कांफ्रेंस में की गई व्यवस्थाओं का सराहते हुए आयोजन सचिव को धन्यवाद दिया।
17/18 नवंबर की रात को कांफ्रेंस में भाग लेने आए डॉक्टरों के मनोरंजन के लिए गीत-संगीत का कार्यक्रम देर रात तक चला। कांफ्रेंस में गांधी नेत्र चिकित्सालय की सीएमओ डॉ. रजिया एस खान, अधीक्षक डॉ. मधुप लहरी, डॉ. केपी सिंह सहित स्थानीय नेत्र सर्जनों की विशेष भूमिका रही।
विज्ञापन
गूलर रोड स्थित गायत्री पैलेस में आयोजित यूपी एसओएस कांफ्रेंस के अंतिम दिन प्रदेश भर से आए नेत्र विशेषज्ञों के 18 शैक्षिक सत्र हुए। शैक्षिक सत्रों में दिल्ली से आए डॉ. जीवनदास टिटियाल ने मोतियाबिंद को लेकर नेत्र विशेषज्ञों को जानकारी दी। इसके साथ ही नेत्र चिकित्सा की नई तकनीक बताई। शैक्षिक सत्रों में व्याख्यान देने वालों में डॉ. ललित वर्मा दिल्ली, डॉ. सेवासिंह भट्टाचार्य डॉ. पंकज भट्टाचार्य गुवाहाटी, डॉ. कुमुद शर्मा लखनऊ, डॉ. केडी सिंह पंजाब ने नेत्र रोगों से संबंधित अलग-अलग विषय पर नेत्र विशेषज्ञों को जानकारी दी।
विज्ञापन
शाम को समापन समारोह हुआ। समारोह में मंचासीन डॉ. आशीष जैसवाल, डॉ. आनंद शर्मा, डॉ. विनोद बायला, आयोजन सचिव डॉ. आरआर शुक्ल ने कांफ्रेंस को सफल बताया। डॉक्टरों को सलाह दी कि उन्होंने कांफ्रेंस से जो सीखा है, उस तकनीक को अपनाकर मरीजों की सेवा करेंगे। मंचासीन अतिथियों ने उल्लेखनीय सेवाओं के लिए विभिन्न डॉक्टरों को स्मृति चिह्न भेंट किए।
विज्ञापन
आयोजन सचिव डॉ. आरआर शुक्ल ने कांफ्रेंस में देश, विदेश और प्रदेश से आए डॉक्टरों का आभार जताया। सभी ने कांफ्रेंस में की गई व्यवस्थाओं का सराहते हुए आयोजन सचिव को धन्यवाद दिया।
17/18 नवंबर की रात को कांफ्रेंस में भाग लेने आए डॉक्टरों के मनोरंजन के लिए गीत-संगीत का कार्यक्रम देर रात तक चला। कांफ्रेंस में गांधी नेत्र चिकित्सालय की सीएमओ डॉ. रजिया एस खान, अधीक्षक डॉ. मधुप लहरी, डॉ. केपी सिंह सहित स्थानीय नेत्र सर्जनों की विशेष भूमिका रही।