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लड़की की गई जान, पुलिस मुल्जिमों पर मेहरबान
Updated Sun, 30 Jul 2017 01:42 AM IST
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लड़की की गई जान, पुलिस मुलजिमों पर मेहरबान
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिस अपराध में क्वार्सी पुलिस आरोपी पर कृपा बरसाते हुए सुलह के लिए कोशिश कर रही थी। उस अपराध की शिकार मजदूर परिवार की लव-सेक्स-धोखा पीड़ित युवती की शनिवार तड़के मौत हो गई। उसे हालत नाजुक होने पर यहां से दिल्ली रेफर किया गया था। मगर दिल्ली पहुंचते-पहुंचते उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
इस खबर पर परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार देर शाम तक उसके शव का इंतजार चल रहा था। इधर, मामले में नामजदों के प्रति पुलिस के नरम रुख को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं और क्वार्सी पुलिस की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने की बात भाजपा युवा मोर्चा के स्तर से की गई है।
वाकया इस तरह है कि 20 जुलाई की दोपहर जमालपुर गोल मार्केट के मजदूर बाप की 24 वर्षीय बेटी ने रजा नगर स्थित सिलाई सेंटर पर खुद फांसी लगाकर सुसाइड की कोशिश की और सेंटर में रखे सामान में आग तक लगाई। उसका आरोप था कि सिलाई सेंटर संचालक शान मोहम्मद ने प्रेम संबंध बनाकर शादी का हवाला देकर उसके साथ रिश्ते बनाए और कई बार गर्भपात कराया। मुकदमे के अनुसार शान मोहम्मद के इस कृत्य में सपा छात्र सभा महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई ने भी मदद की।
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पुलिस जब मौके पर पहुंची तो तत्काल शान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि युवती को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मगर वहां हालत न सुधरने पर परिजन बाद में युवती को एक निजी नर्सिंग होम ले गए। जहां से हालत ज्यादा बिगड़ने पर शुक्रवार शाम उसे दिल्ली रेफर किया गया था। मगर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। देर शाम तक यहां शव का इंतजार चल रहा था।
परिजनों के अनुसार पोस्टमार्टम न होने के कारण शव नहीं आ सका है। बता दें कि युवती छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और पिता मजदूरी करता है। पूरा परिवार किराये के मकान में रहता है।
दोनों नामजदों पर इस तरह थाना पुलिस की कृपा
इस मामले में पहले ही दिन से थाना पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। सबसे पहले तो पुलिस ने नामजद मुख्य आरोपी प्रेमी शान मोहम्मद को गिरफ्तारी के सातवें दिन यानी गुरुवार को जेल भेजा। इस दौरान थाने में ही पुलिस स्तर से युवती परिवार से सुलहनामे के लिए प्रयास कराए जाते रहे। जब बात नहीं बनी तो सातवें दिन उसे जेल भेजा। इस मामले में पुलिस स्तर से दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई गई। दूसरे नामजद आरोपी सपा छात्र महासभा के महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई को लेकर लगातार पुलिस कह रही है कि युवती के पिता ने तहरीर में नाम जरूर लिखवाया है, मगर युवती ने बातचीत में उस पर कोई आरोप नहीं लगाया। इसे लेकर चर्चाएं हैं कि सपा के एक कद्दावर नेता के हस्तक्षेप पर पुलिस ऐसा कर रही है।
बयानों को लेकर खुद उलझ रही पुलिस
एक तरफ जहां पुलिस युवती पक्ष से कह रही है कि दूसरे नामजद को लेकर युवती ने उन्हें कुछ नहीं बताया। इससे साफ है कि युवती ने पुलिस को कुछ न कुछ तो बताया होगा। मगर मृत्यु के बाद इंस्पेक्टर क्वार्सी दिलीप सिंह का कहना है कि युवती बोलने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए बयान दर्ज नहीं हुए। हां युवती स्तर से जो सुसाइड नोट छोड़ा गया। वह अंतिम बयान माना जा सकता है। मगर बड़ा सवाल है कि युवती के मृत्यु पूर्व बयान क्यों नहीं कराए गए।
योगी जी ये क्या हो रहा है थानों में
इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाते हुए भाजपा युवा मोर्चा के महानगर मंत्री प्रतीक चौहान ने कहा है कि यह प्रकरण तो एक उदाहरण मात्र है। थाना स्तर पर लगातार इस तरह के प्रकरण संज्ञान में आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है। इसमें आरोपियों पर कार्रवाई और संदिग्ध भूमिका में कार्य करने वाले क्वार्सी थाने के स्टाफ पर कार्रवाई का अनुरोध किया जा रहा है। यह भी कहा कि स्थानीय अधिकारियों से भी मामले में 36 घंटे का समय दिया जा रहा है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिस अपराध में क्वार्सी पुलिस आरोपी पर कृपा बरसाते हुए सुलह के लिए कोशिश कर रही थी। उस अपराध की शिकार मजदूर परिवार की लव-सेक्स-धोखा पीड़ित युवती की शनिवार तड़के मौत हो गई। उसे हालत नाजुक होने पर यहां से दिल्ली रेफर किया गया था। मगर दिल्ली पहुंचते-पहुंचते उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
इस खबर पर परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार देर शाम तक उसके शव का इंतजार चल रहा था। इधर, मामले में नामजदों के प्रति पुलिस के नरम रुख को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं और क्वार्सी पुलिस की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने की बात भाजपा युवा मोर्चा के स्तर से की गई है।
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वाकया इस तरह है कि 20 जुलाई की दोपहर जमालपुर गोल मार्केट के मजदूर बाप की 24 वर्षीय बेटी ने रजा नगर स्थित सिलाई सेंटर पर खुद फांसी लगाकर सुसाइड की कोशिश की और सेंटर में रखे सामान में आग तक लगाई। उसका आरोप था कि सिलाई सेंटर संचालक शान मोहम्मद ने प्रेम संबंध बनाकर शादी का हवाला देकर उसके साथ रिश्ते बनाए और कई बार गर्भपात कराया। मुकदमे के अनुसार शान मोहम्मद के इस कृत्य में सपा छात्र सभा महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई ने भी मदद की।
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पुलिस जब मौके पर पहुंची तो तत्काल शान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि युवती को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मगर वहां हालत न सुधरने पर परिजन बाद में युवती को एक निजी नर्सिंग होम ले गए। जहां से हालत ज्यादा बिगड़ने पर शुक्रवार शाम उसे दिल्ली रेफर किया गया था। मगर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। देर शाम तक यहां शव का इंतजार चल रहा था।
परिजनों के अनुसार पोस्टमार्टम न होने के कारण शव नहीं आ सका है। बता दें कि युवती छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और पिता मजदूरी करता है। पूरा परिवार किराये के मकान में रहता है।
दोनों नामजदों पर इस तरह थाना पुलिस की कृपा
इस मामले में पहले ही दिन से थाना पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। सबसे पहले तो पुलिस ने नामजद मुख्य आरोपी प्रेमी शान मोहम्मद को गिरफ्तारी के सातवें दिन यानी गुरुवार को जेल भेजा। इस दौरान थाने में ही पुलिस स्तर से युवती परिवार से सुलहनामे के लिए प्रयास कराए जाते रहे। जब बात नहीं बनी तो सातवें दिन उसे जेल भेजा। इस मामले में पुलिस स्तर से दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई गई। दूसरे नामजद आरोपी सपा छात्र महासभा के महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई को लेकर लगातार पुलिस कह रही है कि युवती के पिता ने तहरीर में नाम जरूर लिखवाया है, मगर युवती ने बातचीत में उस पर कोई आरोप नहीं लगाया। इसे लेकर चर्चाएं हैं कि सपा के एक कद्दावर नेता के हस्तक्षेप पर पुलिस ऐसा कर रही है।
बयानों को लेकर खुद उलझ रही पुलिस
एक तरफ जहां पुलिस युवती पक्ष से कह रही है कि दूसरे नामजद को लेकर युवती ने उन्हें कुछ नहीं बताया। इससे साफ है कि युवती ने पुलिस को कुछ न कुछ तो बताया होगा। मगर मृत्यु के बाद इंस्पेक्टर क्वार्सी दिलीप सिंह का कहना है कि युवती बोलने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए बयान दर्ज नहीं हुए। हां युवती स्तर से जो सुसाइड नोट छोड़ा गया। वह अंतिम बयान माना जा सकता है। मगर बड़ा सवाल है कि युवती के मृत्यु पूर्व बयान क्यों नहीं कराए गए।
योगी जी ये क्या हो रहा है थानों में
इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाते हुए भाजपा युवा मोर्चा के महानगर मंत्री प्रतीक चौहान ने कहा है कि यह प्रकरण तो एक उदाहरण मात्र है। थाना स्तर पर लगातार इस तरह के प्रकरण संज्ञान में आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है। इसमें आरोपियों पर कार्रवाई और संदिग्ध भूमिका में कार्य करने वाले क्वार्सी थाने के स्टाफ पर कार्रवाई का अनुरोध किया जा रहा है। यह भी कहा कि स्थानीय अधिकारियों से भी मामले में 36 घंटे का समय दिया जा रहा है।