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डिग्रियों से नहीं, नैतिक शिक्षा से बनते हैं अच्छे इंसान : पद्मश्री जिल्लुर्रहमान
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:12 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गयासुद्दीन एजुकेशनल सोसाइटी के बैनरतले शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को दोधपुर स्थित इब्ने सीना एकेडमी के सभागार में एएमयू सिटी स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक सरफराज अहमद (प्रसिद्घ चित्रकार) को गयासुद्दीन अवार्ड व 51 सौ रुपये, शॉल, स्मृति चिह्न भेंट किया गया। यह सम्मान मिंटो सर्किल स्कूल के प्रधानाचार्य फैसल नफीस ने दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री जिल्लुर्रहमान ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ पूर्वजों द्वारा दिए गए संस्कार की भी शिक्षा देनी चाहिए। डिग्रियां लेकर अच्छा इंसान नहीं बना जा सकता है। अच्छे इंसान बनने के लिए नैतिक शिक्षा का ज्ञान बहुत जरूरी है।
मुख्य अतिथि आरएएफ कमांडेंट हेलाल फिरोज ने कहा कि शिक्षक देश के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाता है। जिस स्थान पर वे हैं, उसमें शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान है। साहित्यकार प्रेम कुमार ने कहा कि शिक्षा में बढ़ते व्यवसायीकरण से शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है। सोसाइटी की सचिव बुशरा गयास ने कहा कि उनके पिता गयासुद्दीन, जो एएमयू सिटी स्कूल में गणित के शिक्षक थे उन्हीं की दुआओं से मैं भी एएमयू में गणित की शिक्षिका हूं।
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उन्होंने एलान किया कि हर साल शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर गयासुद्दीन अवार्ड ट्रॉफी जिले के ऐसे शिक्षकों को प्रदान की जाएगी, जो रिटायर होने के बाद भी शिक्षा की सेवा कर रहे हैं। अगले साल से गयासुद्दीन अवार्ड व 51 हजार रुपये की नकद राशि होगी। इनके अलावा डॉ. रक्षपाल सिंह, एएमयू स्कूल शिक्षक संघ के सचिव मोहम्मद नोमान, डिप्टी डायरेक्टर एएमयू अनीस-उर-रहमान आदि ने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का आभार मजहर उल कमर ने जताया।
इस अवसर पर भूपेंद्र जैन, मोहम्मद गुफरान, खुसरो मारूफ, सितारा जबीं, तहसीन भारती, शाहीन एडवोकेट, भगत सिंह बाबा, मुजाहिद असलम, मोहम्मद गुलजार, सबा परवीन, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद आबाद, यमन, चांदनी, यासिर जाफर, तैयबा फातिमा, मोहम्मद अफजल मजहर, देवेश, अरसलान, कपिल, अमित ठाकुर, मोहम्मद इमरान, गुलजार, मेराज अहमद आदि मौजूद रहे।
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गयासुद्दीन एजुकेशनल सोसाइटी के बैनरतले शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को दोधपुर स्थित इब्ने सीना एकेडमी के सभागार में एएमयू सिटी स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक सरफराज अहमद (प्रसिद्घ चित्रकार) को गयासुद्दीन अवार्ड व 51 सौ रुपये, शॉल, स्मृति चिह्न भेंट किया गया। यह सम्मान मिंटो सर्किल स्कूल के प्रधानाचार्य फैसल नफीस ने दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री जिल्लुर्रहमान ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ पूर्वजों द्वारा दिए गए संस्कार की भी शिक्षा देनी चाहिए। डिग्रियां लेकर अच्छा इंसान नहीं बना जा सकता है। अच्छे इंसान बनने के लिए नैतिक शिक्षा का ज्ञान बहुत जरूरी है।
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मुख्य अतिथि आरएएफ कमांडेंट हेलाल फिरोज ने कहा कि शिक्षक देश के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाता है। जिस स्थान पर वे हैं, उसमें शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान है। साहित्यकार प्रेम कुमार ने कहा कि शिक्षा में बढ़ते व्यवसायीकरण से शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है। सोसाइटी की सचिव बुशरा गयास ने कहा कि उनके पिता गयासुद्दीन, जो एएमयू सिटी स्कूल में गणित के शिक्षक थे उन्हीं की दुआओं से मैं भी एएमयू में गणित की शिक्षिका हूं।
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उन्होंने एलान किया कि हर साल शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर गयासुद्दीन अवार्ड ट्रॉफी जिले के ऐसे शिक्षकों को प्रदान की जाएगी, जो रिटायर होने के बाद भी शिक्षा की सेवा कर रहे हैं। अगले साल से गयासुद्दीन अवार्ड व 51 हजार रुपये की नकद राशि होगी। इनके अलावा डॉ. रक्षपाल सिंह, एएमयू स्कूल शिक्षक संघ के सचिव मोहम्मद नोमान, डिप्टी डायरेक्टर एएमयू अनीस-उर-रहमान आदि ने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का आभार मजहर उल कमर ने जताया।
इस अवसर पर भूपेंद्र जैन, मोहम्मद गुफरान, खुसरो मारूफ, सितारा जबीं, तहसीन भारती, शाहीन एडवोकेट, भगत सिंह बाबा, मुजाहिद असलम, मोहम्मद गुलजार, सबा परवीन, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद आबाद, यमन, चांदनी, यासिर जाफर, तैयबा फातिमा, मोहम्मद अफजल मजहर, देवेश, अरसलान, कपिल, अमित ठाकुर, मोहम्मद इमरान, गुलजार, मेराज अहमद आदि मौजूद रहे।