{"_id":"5b05cf544f1c1be8408b74fe","slug":"81527107412-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड बीमार
Updated Thu, 24 May 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मलखान सिंह जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के चलते व्यवस्थाएं भी चरमरा कर रह गई हैं। सबसे ज्यादा बच्चा वार्ड की स्थिति खराब हुई है। भीषण गर्मी में बीमार बच्चे बिलबिला कर रह गए हैं।
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड संख्या 9 एक नर्स और एक वार्ड अटेंडेंट के सहारे चल रहा है। इस वार्ड में भर्ती मरीज इन्हीं दोनों के भरोसे हैं। 27 बेेड के वार्ड में एक बेड पर चार-चार मरीज एडजस्ट कर दिए गए हैं। पूरे वार्ड में किसी भी बेड पर बेड शीट नहीं है।
मरीजों के तीमारदारों से भरा हुआ वार्ड देखकर पता नहीं चलता कि यह मुसाफिर खाना है या किसी अस्पताल का वार्ड। यहां तक कि गर्मी से बचाने के लिए लगे कूलर की दुर्गंध हवा दम घोंट रही है। जमीन पर पड़े कूड़े में चूहे घूमते नजर आ जाएंगे। वहीं वार्ड के सामने ही बच्चों को मल मूत्र कराया जा रहा है।
विज्ञापन
जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। पेयजल की टंकी पर मरीजों के तीमारदार मल मूत्र के कपड़े धोते हुए दिखाई दिए। 20 मई को 41 मरीज, 21 मई को 34 मरीज, 22 मई को 80 और बुधवार 23 मई को 3 बजे तक 41 मरीजों इस वार्ड में रजिस्टर के अनुसार भर्ती हुए हैं।
विज्ञापन
मलखान सिंह जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के चलते व्यवस्थाएं भी चरमरा कर रह गई हैं। सबसे ज्यादा बच्चा वार्ड की स्थिति खराब हुई है। भीषण गर्मी में बीमार बच्चे बिलबिला कर रह गए हैं।
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड संख्या 9 एक नर्स और एक वार्ड अटेंडेंट के सहारे चल रहा है। इस वार्ड में भर्ती मरीज इन्हीं दोनों के भरोसे हैं। 27 बेेड के वार्ड में एक बेड पर चार-चार मरीज एडजस्ट कर दिए गए हैं। पूरे वार्ड में किसी भी बेड पर बेड शीट नहीं है।
विज्ञापन
मरीजों के तीमारदारों से भरा हुआ वार्ड देखकर पता नहीं चलता कि यह मुसाफिर खाना है या किसी अस्पताल का वार्ड। यहां तक कि गर्मी से बचाने के लिए लगे कूलर की दुर्गंध हवा दम घोंट रही है। जमीन पर पड़े कूड़े में चूहे घूमते नजर आ जाएंगे। वहीं वार्ड के सामने ही बच्चों को मल मूत्र कराया जा रहा है।
विज्ञापन
जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। पेयजल की टंकी पर मरीजों के तीमारदार मल मूत्र के कपड़े धोते हुए दिखाई दिए। 20 मई को 41 मरीज, 21 मई को 34 मरीज, 22 मई को 80 और बुधवार 23 मई को 3 बजे तक 41 मरीजों इस वार्ड में रजिस्टर के अनुसार भर्ती हुए हैं।