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छोटे जानवरों से बचाव के लिए बड़े पौधे लगाएं

Tue, 04 Sep 2018 01:53 AM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:53 AM IST
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छोटे जानवरों से बचाव के लिए बड़े पौधे लगाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पौधे लगाकर उसे बचाए रखना आसान नहीं होता। यही कारण है कि पौधरोपण अभियान के तहत लाखों में पौधे लगते है, लेकिन कुछ समय बाद बचते बहुत कम हैं। एएमयू जरूर इसका अपवाद है। यहां के लैंड एंड गार्डन के मेंबर इंचार्ज की मानें तो लगाए गए पौधों में से 90 से 95 प्रतिशत बचते हैं।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की हरियाली अपनी ओर सभी को आकर्षित करती है। देश ही नहीं बल्कि विदेश से आए मेहमान भी इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहते। दो साल पहले एएमयू में पहुंचे नोबल पुरस्कार से सम्मानित जापानी वैज्ञानिक प्रो. तकाकी कजिता ने भी यहां की हरियाली के कसीदे गढ़े थे। इस ऋतु में एएमयू में 5 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। जनवरी तक फलदार पौधों सहित 5 हजार पौधे और लगने हैं।
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एएमयू लैंड एंड गार्डन विभाग के एमआईसी प्रो. इरशाद महमूद ने बताया कि एएमयू क्षेत्र की मिट्टी सैंडी लोम है। लंगड़ा दशहरी आम, अमरूद, किनू, पत्थर बेल, बेल आदि जैसे फलदार पौधे लगाए गए हैं और अक्तूबर तक लगाने हैं।
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फलदार पौधे भी लगाए गए हैं और लगाए जा रहे हैं। जनवरी में चिकू एवं आडू के बाग लगाए जाएंगे। पौधा लगाने के पहले उसके बचाव पर ध्यान दें और करीब एक साल तक देखभाल जरूरी है।
- प्रो. इरशाद महमूद, एमआईसी एएमयू लैंड एंड गार्डन

एएमयू की हरियाली की प्रशंसा दुनिया भर के लोग करते हैं। वर्ष 2016 में दीक्षांत समारोह में नोबल पुरस्कार से सम्मानित जापान के वैज्ञानिक प्रो. तकाकी कजिता आए थे। उन्होंने ने भी कहा था कि इतनी ग्रीन एवं क्लीन यूनिवर्सिटी बहुत कम देखी हैं।
- उमर सलीम पीरजादा, एएमयू पीआरओ

पौधा लगाते वक्त रखें ध्यान...
- पौधा लगाने के पहले मिट्टी की जांच एवं ट्रीट जरूरी
- कोल क्षेत्र में दीमक ज्यादा है, इसलिए क्लोरपायरीफास का प्रयोग करें
- क्लोरपारीफास का प्रयोग मिक्सचर में भी कर सकते हैं
- छोटे जानवरों से बचाव के लिए 5 फीट के पौधे लगाए। फल भी जल्दी आते हैं
- पौध लगाने के बाद उसके आसपास सफाई का ध्यान रखें, पानी नियमित डालते रहें

मिक्सचर ऐसे तैयार करें
- एक हिस्सा बलुई मिट्टी, एक हिस्सा कैंचुए की खाद, एक हिस्से कुटी हुई पत्ती, हड्डी की खाद, नीम के खल आदि
--
पौधा लगाने के लिए गड्ढा ऐसे बनाएं
- पौधा लगाने के लिए 3 बाई 3 फीट चौड़ा एवं गहरा गड्ढा खोदें। नीचे पत्थर हो तो चार फीट तक खोदेें। 3 फीट में 2 फीट मिक्सचर से भरें। पौधरोपण के समय क्लोरपारीफास के साथ एक हिस्सा भरें। जरूरत पड़े तो पौधे में डंडे लगा दें। एक साल तक देखभाल करें।

(नोट- एएमयू के लैंड एंड गार्डन के मैनेजर शहाबुद्दीन खान से बातचीत पर आधारित सुझाव)

कुछ प्रमुख पौधे जो इस वर्ष एएमयू में लगे हैं...
गोल्डन टॉप, गुल-ए-फनूस, फाइकस, इवरग्रीन, हिबिसकस, बेर, जामुन, जेट्रोफा, नीम, मुसंडा, पोपुलर, अशोक, सीता अशोक, अमलताश, अर्जुन, अल्सटोनिया, अमरूद, गुलमोहर, आम, सिवर ओक, शीशम, सेमल आदि
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