{"_id":"5984d8674f1c1b7f648b4572","slug":"61501878375-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तय प्रकाशकों की पुस्तकों से ही कराई जाए पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तय प्रकाशकों की पुस्तकों से ही कराई जाए पढ़ाई
Updated Sat, 05 Aug 2017 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तय प्रकाशकों की पुस्तकों से ही कराई जाए पढ़ाई
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
शासन ने इस सत्र यूपी बोर्ड की किताबों के लिए पांच प्रकाशकों को अधिकृत किया है। इसमें राजीव प्रकाश एंड कंपनी इलाहबाद, बेनिशन पब्लिकेशन मथुरा, राजलक्ष्मी पब्लिकेशन मेरठ, मुद्रण महल प्रिंटर एंड पब्लिशर्स आगरा व रवि ऑफसेट प्रिंटर एंड पब्लिशर्स आगरा हैं। शासन ने आदेश दिया है कि जिले में इन्हीं प्रकाशकों की पुस्तकों से यूपी बोर्ड की कक्षाओं में पढ़ाई कराई जाए। यदि किसी जिले में पुस्तकें उपलब्ध न हों तो इससे अवगत कराया जाए, जिससे कि पुस्तकें उपलब्ध हो सकें। इस बारे में माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने आदेश दिए थे।
उसके बाद अब डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा ने सभी प्रधानाचार्यों को भी यह निर्देश दिए हैं कि वह इन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई कराएं। यहां यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जब डीआईओएस द्वारा गठित टीमों ने बुकसेलरों के यहां छापेमारी की थी तो यह बात सामने आई कि इन प्रकाशकों की किताबें यहां नहीं मिल रही। बुकसेलरों का कहना था कि इन प्रकाशकों की कि ताबें उपलब्ध नहीं हैं। वैसे छापामार टीम के सदस्य नौरंगीलाल जीआईसी के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कुमार का कहना है कि इन प्रकाशकों की किताबें मार्केट में उपलब्ध हैं लेकिन कुछ बुकसेलर जानबूझकर कमीशन के चक्कर में विद्यार्थियों को दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें बेच रहे हैं।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
शासन ने इस सत्र यूपी बोर्ड की किताबों के लिए पांच प्रकाशकों को अधिकृत किया है। इसमें राजीव प्रकाश एंड कंपनी इलाहबाद, बेनिशन पब्लिकेशन मथुरा, राजलक्ष्मी पब्लिकेशन मेरठ, मुद्रण महल प्रिंटर एंड पब्लिशर्स आगरा व रवि ऑफसेट प्रिंटर एंड पब्लिशर्स आगरा हैं। शासन ने आदेश दिया है कि जिले में इन्हीं प्रकाशकों की पुस्तकों से यूपी बोर्ड की कक्षाओं में पढ़ाई कराई जाए। यदि किसी जिले में पुस्तकें उपलब्ध न हों तो इससे अवगत कराया जाए, जिससे कि पुस्तकें उपलब्ध हो सकें। इस बारे में माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने आदेश दिए थे।
उसके बाद अब डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा ने सभी प्रधानाचार्यों को भी यह निर्देश दिए हैं कि वह इन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई कराएं। यहां यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जब डीआईओएस द्वारा गठित टीमों ने बुकसेलरों के यहां छापेमारी की थी तो यह बात सामने आई कि इन प्रकाशकों की किताबें यहां नहीं मिल रही। बुकसेलरों का कहना था कि इन प्रकाशकों की कि ताबें उपलब्ध नहीं हैं। वैसे छापामार टीम के सदस्य नौरंगीलाल जीआईसी के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कुमार का कहना है कि इन प्रकाशकों की किताबें मार्केट में उपलब्ध हैं लेकिन कुछ बुकसेलर जानबूझकर कमीशन के चक्कर में विद्यार्थियों को दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें बेच रहे हैं।
विज्ञापन