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एसपी सिटी के नाम पर 60 हजार की ठगी, गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 05 Jan 2018 01:48 AM IST
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ठगी के आरोपी को एसपी सिटी के समक्ष पेश करते सिविल लाइन के पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
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पिछले दिनों सिविल लाइन पुलिस व एसओजी द्वारा लूट व चेन झपटमारी सहित गोली मारने वाले गैंग को पकड़ने के मामले में कुछ निर्दोष युवक भी पुलिस के हाथ लग गए थे, जिन्हें बाद में पूछताछ के बाद स्वाभाविक रूप से छोड़ा गया। लेकिन ऐेसे दो निर्दोष युवकों को पुलिस से छुड़वाने के नाम पर भी एक दलाल किस्म के व्यक्ति ने युवकों के परिजनों से 60 हजार रुपये ठग लिए। पुलिस को इस बात का पता लगने पर आरोपी को झांसे में लेकर गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दिनों 13 लूट की वारदातों का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसी दौरान कुछ अन्य युवक भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए थे, जिन्हें पूछताछ में निर्दोष पाया गया। इसमें फुरकान व राशिद भी शामिल थे। इनको सम्मान के साथ छोड़ना ही था। लेकिन इसी दौरान फुरकान और राशिद के परिजनों कीमुलाकात शौकत मंजिल निवासी ताहिर पुत्र दलवीर खां मूल निवासी नूरपुर टप्पल से हुई। ताहिर खैर क्षेत्र में आरईएस की ठेकेदारी भी करता है और यहां किराए पर रहता है।
ताहिर को इस बात का अंदाजा हो गया था कि फुरकान और राशिद स्वाभाविक रूप से छूटने वाले हैं, लेकिन उन दोनों के परिवारवालों को इसकी जानकारी नहीं थी। इसी बीच ताहिर ने उन्हें झांसा दिया कि उसकी एसपी सिटी से बात हो गयी है। एक लाख रुपये देने हैं, दोनों छूट जाएंगे। परिजन ताहिर के झांसे में आ गए और उसे 60 हजार रुपये दे दिए।
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ताहिर परिजनों को लाल डिग्गी तिराहे पर खड़ा करके 60 हजार रुपये लेकर एसपी सिटी के आवास तक गया और इधर उधर टहल कर लौट आया। कह दिया कि काम हो गया है। अगली सुबह दोनों युवक स्वाभाविक रूप से छूट गए। किसी तरह 60 हजार रुपये एसपी सिटी के नाम पर ठगने की जानकारी एसओजी को हो गई। अब बात खुल चुकी थी कि दोनों युवकों के परिजन ठगी का शिकार हो गए हैं। पुलिस ने परिजनों से कह कर ताहिर को एक बार फिर पुलिस तक बुलाने की योजना बनाई। परिजनों ने ताहिर से कहा कि उनके बच्चे छूट गए हैं अब थाने पर मिठाई का डिब्बा तो दे आएं। इस बार ताहिर झांसे में आ गया। जैसे ही वह मिठाई का डिब्बा लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसओजी टीम में छोटेलाल, राकेश यादव, दुर्विजय आदि शामिल रहे।
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एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दिनों 13 लूट की वारदातों का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसी दौरान कुछ अन्य युवक भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए थे, जिन्हें पूछताछ में निर्दोष पाया गया। इसमें फुरकान व राशिद भी शामिल थे। इनको सम्मान के साथ छोड़ना ही था। लेकिन इसी दौरान फुरकान और राशिद के परिजनों कीमुलाकात शौकत मंजिल निवासी ताहिर पुत्र दलवीर खां मूल निवासी नूरपुर टप्पल से हुई। ताहिर खैर क्षेत्र में आरईएस की ठेकेदारी भी करता है और यहां किराए पर रहता है।
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ताहिर को इस बात का अंदाजा हो गया था कि फुरकान और राशिद स्वाभाविक रूप से छूटने वाले हैं, लेकिन उन दोनों के परिवारवालों को इसकी जानकारी नहीं थी। इसी बीच ताहिर ने उन्हें झांसा दिया कि उसकी एसपी सिटी से बात हो गयी है। एक लाख रुपये देने हैं, दोनों छूट जाएंगे। परिजन ताहिर के झांसे में आ गए और उसे 60 हजार रुपये दे दिए।
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ताहिर परिजनों को लाल डिग्गी तिराहे पर खड़ा करके 60 हजार रुपये लेकर एसपी सिटी के आवास तक गया और इधर उधर टहल कर लौट आया। कह दिया कि काम हो गया है। अगली सुबह दोनों युवक स्वाभाविक रूप से छूट गए। किसी तरह 60 हजार रुपये एसपी सिटी के नाम पर ठगने की जानकारी एसओजी को हो गई। अब बात खुल चुकी थी कि दोनों युवकों के परिजन ठगी का शिकार हो गए हैं। पुलिस ने परिजनों से कह कर ताहिर को एक बार फिर पुलिस तक बुलाने की योजना बनाई। परिजनों ने ताहिर से कहा कि उनके बच्चे छूट गए हैं अब थाने पर मिठाई का डिब्बा तो दे आएं। इस बार ताहिर झांसे में आ गया। जैसे ही वह मिठाई का डिब्बा लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसओजी टीम में छोटेलाल, राकेश यादव, दुर्विजय आदि शामिल रहे।