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अलीगढ़ में बाल विवाह पर कार्यशाला
Updated Fri, 30 Jun 2017 02:27 AM IST
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बाल विवाह से बर्बाद हो जाता है पूरा परिवार
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
बाल विवाह से एक बालक ही नहीं बल्कि पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। इस बुराई से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है। लोगों को समझाना होगा कि बाल विवाह समाज के लिए कितना घातक है।
यह विचार जिला स्तरीय विशेष किशोर पुलिस इकाई के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस लाइन मीटिंग हाल में हुई कार्यशाला में वक्ताओं ने व्यक्त किए।
उद्घाटन सत्र में पुलिस अधीक्षक अपराध आशुतोष द्विवेदी ने बालकों के हितों की रक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुपालन में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रशांत सिंह ने कहा कि बाल विवाह के कारण सिर्फ एक बालक का जीवन ही नहीं बर्बाद होता बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होता है। संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई हितेश कुमारी ने भारत सरकार द्वारा संचालित समेकित बाल संरक्षण योजना के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
विधि सह परिवीक्षा अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई मुश्ताक अली ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की। चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने जनपद में 2011 से चलायी जा रही चाइल्ड लाइन परियोजना की जानकारी दी।
जिला अपराध रिकार्ड ब्यूरो के प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने खोये-पाए बालकों व अन्य व्यक्तियों से संबंधित दस्तावेजों के रखरखाव की जानकारी दी। परामर्शदाता डॉ पूनम बत्रा ने पुलिस के समक्ष आने वाले बालकों की मनोदशा को चित्रों व केसों के माध्यम से समझाया।
इस मौके पर सहायक अभियोजन अधिकारी मनीष, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य कल्पना कुलश्रेष्ठ, बाल कल्याण समिति के प्रभारी अध्यक्ष अजय सक्सेना समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
बाल विवाह से एक बालक ही नहीं बल्कि पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। इस बुराई से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है। लोगों को समझाना होगा कि बाल विवाह समाज के लिए कितना घातक है।
यह विचार जिला स्तरीय विशेष किशोर पुलिस इकाई के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस लाइन मीटिंग हाल में हुई कार्यशाला में वक्ताओं ने व्यक्त किए।
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उद्घाटन सत्र में पुलिस अधीक्षक अपराध आशुतोष द्विवेदी ने बालकों के हितों की रक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुपालन में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रशांत सिंह ने कहा कि बाल विवाह के कारण सिर्फ एक बालक का जीवन ही नहीं बर्बाद होता बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होता है। संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई हितेश कुमारी ने भारत सरकार द्वारा संचालित समेकित बाल संरक्षण योजना के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
विधि सह परिवीक्षा अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई मुश्ताक अली ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की। चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने जनपद में 2011 से चलायी जा रही चाइल्ड लाइन परियोजना की जानकारी दी।
जिला अपराध रिकार्ड ब्यूरो के प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने खोये-पाए बालकों व अन्य व्यक्तियों से संबंधित दस्तावेजों के रखरखाव की जानकारी दी। परामर्शदाता डॉ पूनम बत्रा ने पुलिस के समक्ष आने वाले बालकों की मनोदशा को चित्रों व केसों के माध्यम से समझाया।
इस मौके पर सहायक अभियोजन अधिकारी मनीष, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य कल्पना कुलश्रेष्ठ, बाल कल्याण समिति के प्रभारी अध्यक्ष अजय सक्सेना समेत अन्य लोग उपस्थित थे।