{"_id":"5be7459bbdec22694e6b80c2","slug":"41541883291-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृति अधर में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृति अधर में
Updated Sun, 11 Nov 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
छात्रवृत्ति को लेकर शासन प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद कालेज संचालक अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के तमाम नोटिसों के बावजूद अब तक जिले के 20 कालेज संचालकों ने अपने संस्थान पर अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं का डाटा अब तक आन लाइन नहीं किया है। इस वजह से इन संस्थाओं में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने इन सभी संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में डाटा देने अथवा शासन स्तर से कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
जिले में 200 से अधिक कालेज हैं। इनमें से अधिकांश कालेज संचालकों ने समाज कल्याण विभाग को अपने विद्यार्थियों का डाटा आन लाइन दे दिया है। लेकिन 20 कालेज संचालक ऐसे हैं जो इस मामले में गंभीर नहीं हैं। उन्होंने अब तक छात्र-छात्राओं द्वारा भरे गए छात्रवृत्ति के आवेदन आन लाइन फारवर्ड करना तो दूर छात्रवृत्ति के पात्र छात्र-छात्राओं की लिस्ट तक समाज कल्याण विभाग को नहीं भेजी है।
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह ने स्वीकार किया कि 20 कालेज संचालकों द्वारा अपने विद्यार्थियों का स्कालरशिप डाटा नहीं भेजा गया है। इससे छात्रवृत्ति प्रक्रिया में बाधा आ रही है। इन सभी को जिलाधिकारी के माध्यम से नोटिस भेजा गया है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि यदि एक सप्ताह में डाटा नहीं मिलेगा तो इन संचालकों के विरुद्घ शासन को लिखा जाएगा।
विज्ञापन
छात्रवृत्ति को लेकर शासन प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद कालेज संचालक अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के तमाम नोटिसों के बावजूद अब तक जिले के 20 कालेज संचालकों ने अपने संस्थान पर अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं का डाटा अब तक आन लाइन नहीं किया है। इस वजह से इन संस्थाओं में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने इन सभी संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में डाटा देने अथवा शासन स्तर से कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
जिले में 200 से अधिक कालेज हैं। इनमें से अधिकांश कालेज संचालकों ने समाज कल्याण विभाग को अपने विद्यार्थियों का डाटा आन लाइन दे दिया है। लेकिन 20 कालेज संचालक ऐसे हैं जो इस मामले में गंभीर नहीं हैं। उन्होंने अब तक छात्र-छात्राओं द्वारा भरे गए छात्रवृत्ति के आवेदन आन लाइन फारवर्ड करना तो दूर छात्रवृत्ति के पात्र छात्र-छात्राओं की लिस्ट तक समाज कल्याण विभाग को नहीं भेजी है।
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह ने स्वीकार किया कि 20 कालेज संचालकों द्वारा अपने विद्यार्थियों का स्कालरशिप डाटा नहीं भेजा गया है। इससे छात्रवृत्ति प्रक्रिया में बाधा आ रही है। इन सभी को जिलाधिकारी के माध्यम से नोटिस भेजा गया है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि यदि एक सप्ताह में डाटा नहीं मिलेगा तो इन संचालकों के विरुद्घ शासन को लिखा जाएगा।