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अलीगढ़ ने भी महसूस किया कंपन
Updated Thu, 07 Dec 2017 01:30 AM IST
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अलीगढ़ ने भी महसूस किया धरती का कंपन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
बुधवार की रात दिल्ली एनसीआर में आए भूकंप के अलीगढ़ तक महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस होने के साथ ही कुछ लोग तो सड़कों पर आ गए। सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को हुई जो शहर के पुराने और गिरासू भवनों में रह रहे हैं। इस दौरान बहुमंजिला इमारतों में रात आठ बज कर 50 मिनट से लगभग डेढ़ मिनट तक कंपन महसूस किया गया।
बुधवार की रात को सर्द मौसम में अधिकांश लोग घरों के अंदर ही थे। तभी अचानक कुछ जमीन के हिलने जैसा अनुभव हुआ। जयगंज निवासी राहुल वार्ष्णेय, बंटी शर्मा, नितिन, अभिषेक वशिष्ठ, यूशांत मिश्रा आदि कहते हैं कि पहले तो वह कुछ समझ नहीं सके। लेकिन जब छत का पंखा हिलता देखा तो समझ आ गया कि भूकंप के झटके हैं। वह लोग नीचे सड़क तक आए, तब तक स्थिति सामान्य हो गई थी। इसी तरह के झटके तालानगरी, हरदुआगंज, क्वार्सी, बन्ना देवी और शहर के पुराने हिस्सों में रहने वाले लोगों को महसूस हुए। वह लोग जिनके एक मंजिल के ही मकान है, उनको झटके महसूस नहीं हुए। जो लोग फ्लैट या ऊंची इमारतों में रह रहे हैं उन्हें अपेक्षाकृत झटके अधिक तीव्रता के साथ अनुभव हुए। देर रात तक कहीं किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
बुधवार की रात दिल्ली एनसीआर में आए भूकंप के अलीगढ़ तक महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस होने के साथ ही कुछ लोग तो सड़कों पर आ गए। सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को हुई जो शहर के पुराने और गिरासू भवनों में रह रहे हैं। इस दौरान बहुमंजिला इमारतों में रात आठ बज कर 50 मिनट से लगभग डेढ़ मिनट तक कंपन महसूस किया गया।
बुधवार की रात को सर्द मौसम में अधिकांश लोग घरों के अंदर ही थे। तभी अचानक कुछ जमीन के हिलने जैसा अनुभव हुआ। जयगंज निवासी राहुल वार्ष्णेय, बंटी शर्मा, नितिन, अभिषेक वशिष्ठ, यूशांत मिश्रा आदि कहते हैं कि पहले तो वह कुछ समझ नहीं सके। लेकिन जब छत का पंखा हिलता देखा तो समझ आ गया कि भूकंप के झटके हैं। वह लोग नीचे सड़क तक आए, तब तक स्थिति सामान्य हो गई थी। इसी तरह के झटके तालानगरी, हरदुआगंज, क्वार्सी, बन्ना देवी और शहर के पुराने हिस्सों में रहने वाले लोगों को महसूस हुए। वह लोग जिनके एक मंजिल के ही मकान है, उनको झटके महसूस नहीं हुए। जो लोग फ्लैट या ऊंची इमारतों में रह रहे हैं उन्हें अपेक्षाकृत झटके अधिक तीव्रता के साथ अनुभव हुए। देर रात तक कहीं किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली।
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