{"_id":"5b490c114f1c1b3c748b4761","slug":"31531513873-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच कमेटी करेगी डॉ. जसीम पर हमले की जांच-Cordination","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच कमेटी करेगी डॉ. जसीम पर हमले की जांच-Cordination
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व मीडिया सलाहकार एवं पत्रकार डॉ. जसीम मोहम्मद पर हमले के मामले में भारतीय प्रेस परिषद ने जांच के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है। समिति जल्द ही अलीगढ़ आकर मामले की जांच करेगी। इसके साथ ही एएमयू कुलपति एवं एसएसपी को नोटिस देकर दो सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है।
एएमयू के मुख्य प्रशासनिक परिसर स्थित पीआरओ आफिस में डॉ. जसीम मोहम्मद के साथ नौ जुलाई को दुर्व्यवहार हुआ था। डॉ. जसीम मोहम्मद ने छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी एवं अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर कर जानलेवा हमला का आरोप लगाया था।
उनका यह भी आरोप है कि नदीम अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के किसी आदमी को कैंपस में नहीं घुसने देने की धमकी दी थी। डॉ. जसीम ने कुलपति, एसएसपी के अतिरिक्त भारतीय प्रेस परिषद से भी इसकी शिकायत की थी। प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस सीके प्रसाद ने इसको गंभीरता से लिया है।
विज्ञापन
उन्होंने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है, जिसमें सीके नायक, डी चंडोला और सैयद रजा हुसैन रिजवी शामिल है। समिति जल्द ही अलीगढ़ आकर मामले की जांच करेगी। प्रेस परिषद ने एएमयू कुलपति एवं एसएसपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में कार्रवाई का जवाब मांगा है।
डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि इसमें संलिप्त लोगों को कानूनी सजा दिलवाकर रहूंगा। कोई मोदी, आरएसएस और भाजपा को पसंद करता है तो क्या उसके ऊपर जानलेवा हमला होगा। तालीबानी सोच के छात्रों के विश्वविद्यालय में प्रवेश पर पाबंदी लगनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज जल्द से जल्द अपने कब्जे में लेेने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके।
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व मीडिया सलाहकार एवं पत्रकार डॉ. जसीम मोहम्मद पर हमले के मामले में भारतीय प्रेस परिषद ने जांच के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है। समिति जल्द ही अलीगढ़ आकर मामले की जांच करेगी। इसके साथ ही एएमयू कुलपति एवं एसएसपी को नोटिस देकर दो सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है।
एएमयू के मुख्य प्रशासनिक परिसर स्थित पीआरओ आफिस में डॉ. जसीम मोहम्मद के साथ नौ जुलाई को दुर्व्यवहार हुआ था। डॉ. जसीम मोहम्मद ने छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी एवं अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर कर जानलेवा हमला का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
उनका यह भी आरोप है कि नदीम अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के किसी आदमी को कैंपस में नहीं घुसने देने की धमकी दी थी। डॉ. जसीम ने कुलपति, एसएसपी के अतिरिक्त भारतीय प्रेस परिषद से भी इसकी शिकायत की थी। प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस सीके प्रसाद ने इसको गंभीरता से लिया है।
विज्ञापन
उन्होंने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है, जिसमें सीके नायक, डी चंडोला और सैयद रजा हुसैन रिजवी शामिल है। समिति जल्द ही अलीगढ़ आकर मामले की जांच करेगी। प्रेस परिषद ने एएमयू कुलपति एवं एसएसपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में कार्रवाई का जवाब मांगा है।
डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि इसमें संलिप्त लोगों को कानूनी सजा दिलवाकर रहूंगा। कोई मोदी, आरएसएस और भाजपा को पसंद करता है तो क्या उसके ऊपर जानलेवा हमला होगा। तालीबानी सोच के छात्रों के विश्वविद्यालय में प्रवेश पर पाबंदी लगनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज जल्द से जल्द अपने कब्जे में लेेने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके।