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चार दिनों में 'अननोन' से हो गई अनमोल
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:20 AM IST
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चार दिनों में ‘अननोन’ से हो गई अनमोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कल तक उसका कोई नाम नहीं था, लेकिन बेनाम सी वह नन्हीं परी अब गुमनाम नहीं है। मोहन लाल गौतम जिला महिला अस्पताल ने अनमोल नाम दिया है। कुछ ही दिनों में वह अननोन (अज्ञात) से अनमोल बन गई है। पिछले हफ्ते नौरंगाबाद के डोरी नगर नाले के पास जन्म के बाद कोई इस बच्ची को पोखर के पास छोड़ गया था। इसके बाद इसे महिला अस्पताल लाया गया था।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान बताती हैं कि जब इस बच्ची को हमारे अस्पताल लाया गया तो उसका कोई नाम पता नहीं था। इसलिए फार्म पर अननोन (अज्ञात) लिखा गया। इसी के साथ ही बच्ची को बच्चों की सघन केयर यूनिट एसएनसीयू में भर्ती कर दिया।
बच्ची पूरी तरह स्वस्थ और मानक के अनुसार वजन की थी। अस्पताल का स्टाफ उसके संबंध में बात करने के लिए उसे अननोन कहकर ही पुकारने लगा। बार बार अननोन अननोन कहते-कहते जुबां पर अचानक अनमोल शब्द आ गया और अस्पताल की नर्सों ने उसे अनमोल ही नाम दे दिया।
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अब सभी उसे अनमोल नाम से पुकार रहे हैं। नर्सों को देखकर बच्ची मुस्कुराने लगती है। बच्ची को पूरी तरह निगरानी में रखा जा रहा है। उसके स्वास्थ्य और टीकाकरण आदि के लिए चार्ट को पूरा किया जा रहा है।
अस्पताल लाया अनमोल के लिए गर्म कपड़े
इसे ममत्व का बंधन ही कहेंगे कि जिला महिला अस्पताल का स्टाफ मिलकर अनमोल के लिए अपनी ओर से बाजार से गर्म कपड़े, टोपी, मफलर, मोजे आदि लेकर आया है। उसके लिए बेबी मसाज आयल आदि भी लाए गए हैं। पूरा अस्पताल उसकी ममता के धागे में बंध गया है।
यह होगा अनमोल का भविष्य
अब अनमोल का आगे क्या होगा? इस बात पर चाइल्ड लाइन संस्था के डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा कहते हैं कि जिला महिला अस्पताल जब यह तय कर देगा कि बच्ची उनके यहां से डिस्चार्ज करने के लिए पूरी तरह स्वस्थ है, तो जिला बाल कल्याण समिति उसे आगरा के सरकारी अनाथालय में भेज देगी। वहां पर दो महीने बच्ची को रखा जाएगा और देखा जाएगा कि कोई क्लेम के लिए आता है या नहीं। निर्धारित अवधि गुजरने के बाद सरकारी वेबसाइट तारा के माध्यम से गोद लेने के लिए आवेदन करने वालों की पात्रता के आधार पर बच्ची को किसी दंपती को गोद दे दिया जाएगा।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कल तक उसका कोई नाम नहीं था, लेकिन बेनाम सी वह नन्हीं परी अब गुमनाम नहीं है। मोहन लाल गौतम जिला महिला अस्पताल ने अनमोल नाम दिया है। कुछ ही दिनों में वह अननोन (अज्ञात) से अनमोल बन गई है। पिछले हफ्ते नौरंगाबाद के डोरी नगर नाले के पास जन्म के बाद कोई इस बच्ची को पोखर के पास छोड़ गया था। इसके बाद इसे महिला अस्पताल लाया गया था।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान बताती हैं कि जब इस बच्ची को हमारे अस्पताल लाया गया तो उसका कोई नाम पता नहीं था। इसलिए फार्म पर अननोन (अज्ञात) लिखा गया। इसी के साथ ही बच्ची को बच्चों की सघन केयर यूनिट एसएनसीयू में भर्ती कर दिया।
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बच्ची पूरी तरह स्वस्थ और मानक के अनुसार वजन की थी। अस्पताल का स्टाफ उसके संबंध में बात करने के लिए उसे अननोन कहकर ही पुकारने लगा। बार बार अननोन अननोन कहते-कहते जुबां पर अचानक अनमोल शब्द आ गया और अस्पताल की नर्सों ने उसे अनमोल ही नाम दे दिया।
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अब सभी उसे अनमोल नाम से पुकार रहे हैं। नर्सों को देखकर बच्ची मुस्कुराने लगती है। बच्ची को पूरी तरह निगरानी में रखा जा रहा है। उसके स्वास्थ्य और टीकाकरण आदि के लिए चार्ट को पूरा किया जा रहा है।
अस्पताल लाया अनमोल के लिए गर्म कपड़े
इसे ममत्व का बंधन ही कहेंगे कि जिला महिला अस्पताल का स्टाफ मिलकर अनमोल के लिए अपनी ओर से बाजार से गर्म कपड़े, टोपी, मफलर, मोजे आदि लेकर आया है। उसके लिए बेबी मसाज आयल आदि भी लाए गए हैं। पूरा अस्पताल उसकी ममता के धागे में बंध गया है।
यह होगा अनमोल का भविष्य
अब अनमोल का आगे क्या होगा? इस बात पर चाइल्ड लाइन संस्था के डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा कहते हैं कि जिला महिला अस्पताल जब यह तय कर देगा कि बच्ची उनके यहां से डिस्चार्ज करने के लिए पूरी तरह स्वस्थ है, तो जिला बाल कल्याण समिति उसे आगरा के सरकारी अनाथालय में भेज देगी। वहां पर दो महीने बच्ची को रखा जाएगा और देखा जाएगा कि कोई क्लेम के लिए आता है या नहीं। निर्धारित अवधि गुजरने के बाद सरकारी वेबसाइट तारा के माध्यम से गोद लेने के लिए आवेदन करने वालों की पात्रता के आधार पर बच्ची को किसी दंपती को गोद दे दिया जाएगा।