फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   2378 hepatitis patients donated blood in Aligarh in 23 months

Hepatitis: अलीगढ़ में 23 महीने में हेपेटाइटिस के 2378 रोगी कर गए रक्तदान, डोनेट रक्त की जांच में हुआ खुलासा

Mon, 28 Oct 2024 10:26 AM IST
चमन शर्मा राहुल श्रोत्रिय, अमर उजाला, अलीगढ़
राहुल श्रोत्रिय, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 28 Oct 2024 10:26 AM IST
सार

जेएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में अक्तूबर 2022 से सितंबर 2024 तक हुए रक्तदान में 1628 यूनिट रक्त ऐसा निकला जो हेपेटाइटिस बी से संक्रमित था। 600 लोगों के रक्त में हेपेटाइटिस सी मिला। मलखान सिंह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में करीब 150 लोगों के रक्त में हेपेटाइटिस बी और सी मिला।

विज्ञापन
2378 hepatitis patients donated blood in Aligarh in 23 months
मलखान जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रखा रक्त - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल द्वारा लगाए गए कैंपों में 2378 ऐसे भी लोग रक्तदान कर गए जो हेपेटाइटिस-बी और सी के मरीज थे। डोनेट किए गए रक्त की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रक्तदाताओं में कई एचआईवी पॉजिटिव भी सामने आए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों को बता दिया है कि वह रोगी हैं और अपना इलाज कराए। इनमें से अधिकांश की उम्र 22 से 35 साल के करीब है।

विज्ञापन


जेएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में अक्तूबर 2022 से सितंबर 2024 तक हुए रक्तदान में 1628 यूनिट रक्त ऐसा निकला जो हेपेटाइटिस बी से संक्रमित था। वहीं, 600 लोगों के रक्त में हेपेटाइटिस सी मिला। इसी तरह मलखान सिंह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में हुए रक्तदान में इसी समयावधि में करीब 150 लोगों के रक्त में हेपेटाइटिस बी और सी मिला। इन सभी को ब्लड बैंक की तरफ से फोन कर तत्काल उपचार लेने की सलाह दी गई है।

विज्ञापन

रक्तदान वाले रक्तदाताओं को जांच रिपोर्ट से अवगत कराया जाता है, ताकि वह समय से अपनी बीमारियों का उपचार करा सकें। जो रक्त शुद्ध होता है, उसका प्रयोग होता है। बाकी को नियमानुसार निस्तारित कर दिया जाता है। हेपेटाइटिस के मामले औसतन कम आते हैं।-नीरज त्यागी, सीएमओ, अलीगढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

जेएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी प्रोफेसर जसीम हसन ने कहा है कि रक्तदाता से जो रक्त लिया जाता है, उसकी जांच की जाती है। अगर उसमें हेपेटाइटिस या अन्य कोेई गंभीर बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं तो इसकी जानकारी मरीजों को देकर उन्हें सजग किया जाता है। ऐसे रक्त का प्रयोग नहीं किया जाता है।-प्रोफेसर जसीम हसन, ब्लड बैंक प्रभारी, जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़

Trending Videos

संक्रमित रक्त को इस तरह किया जाता है नष्ट

जिला अस्पताल के लैब तकनीशियन रतन गुप्ता ने बताया कि संक्रमित रक्त में सोडियम हाइपोक्लोराइट डालकर उसे ऑटो क्लैब मशीन में उबालकर वायरस को नष्ट किया जाता है। उसके बाद रक्त को बायोमेडिकल वेस्ट में भेज दिया जाता है।

जिला अस्पताल में हर साल पहुंचते हैं 300 मरीज
जिला अस्पताल में साल में करीब 250 मरीज हेपेटाइटिस बी के और करीब 50 मरीज हेपेटाइटिस सी से ग्रसित होकर आते हैं। पं. दीनदयाल अस्पताल की पैथ लैब में पिछले दो माह में खून की जांच कराने आए मरीजों में 44 हेपेटाइटिस बी से संक्रमित पाए गए।

हेपेटाइटिस के प्रकार व कैसे फैलता है
हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई प्रकार का होता है। हेपेटाइटिस बी और सी के चलते यकृत का कैंसर, सिरोसिस, यकृत फेल भी हो सकता है। ये ज्यादातर दूषित थूक, बलगम या पेशाब के संपर्क में आने से फैलता है। असुरक्षित इंजेक्शन, संक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित मां से बच्चे में फैलता है। हेपेटाइटिस फैलने की एक वजह दूषित जल भी है।

हेपेटाइटिस के लक्षण
बुखार, कमजोरी, भूख की कमी, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, गहरे रंग का पेशाब, पीलिया (त्वचा और आंखों के सफेद भाग का पीला होना)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed