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केशौपुर जौफरी के सवर्णों की गुहार..गांव छोड़ देंगे इस बार
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:24 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आंबेडकर जयंती के मौके पर लोधा के गांव केशौपुर जौफरी में शोभायात्रा पर पथराव के बाद से नामजदों की खोज में पुलिस गांव के अन्य लोगों को भी डरा धमका रही है। कुछ लोगों को तो पीटा भी गया है। फिर से साल भर पहले नाली विवाद जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। अगर यही हाल रहा तो हम सवर्ण लोग गांव छोड़ देंगे।
यह कहना था गांव से आए सवर्णों लोगों का। बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह संग एसएसपी से मिले तो विधायक ने भी इस बात पर जोर दिया कि जो आरोपी हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। बाकी गांव के लोगों का उत्पीड़न न किया जाए। इस पर एसएसपी ने उन्हें व ग्रामीणों को आश्वस्त किया।
यहां एसएसपी के सामने सुरेश ने बताया कि उनके दो बेटों का नाम इस विवाद में पुरानी रंजिश के तहत लिखवाया गया है। उन्होंने सीडी पेश करते हुए कहा कि घटना के वक्त एक बेटा ट्रक पर था, जबकि दूसरा फैक्ट्री में था। बावजूद इसके इस घटना में शामिल दिखाया गया है।
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उन्होंने बताया कि पुलिस भी दबिश देकर परेशान कर रही है। कुछ लोगों को पीटा गया है। बताया कि पूर्व में नाली विवाद में भी हमें फंसाया गया था। इस तरह के कई लोग हैं। इस पर एसएसपी ने आश्वस्त किया और सीओ गभाना को भी कहा कि जो लोग आरोपी हैं, उनको चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। वहीं बरौली विधायक ने भी इस बात पर जोर दिया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बाकी किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए।
घायलों का कई संगठनों ने जाना हाल
इस पथराव व मारपीट में घायलों का हाल जानने के लिए कई संगठन यहां जिला अस्पताल पहुंचे। भारतीय दलित एवं शोषित समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकु मार बैनीवाल के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी जिला अस्पताल गए और वहां घायलों का हाल जाना। बैनीवाल ने कहा कि गांव में जाटवों पर हुए हमले में पुलिस प्रशासन व सरकार द्वारा दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न करने से यह स्पष्ट है कि दोषियों को पुलिस प्रशासन व सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त है। वहीं महिला शक्ति कारवां का प्रतिनिधिमंडल भी जिला अस्पताल गया और वहां घायलों का हाल जाना। संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की कि गुंडा तत्वोें के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। संयोजक मंडल में निशा गौतम, सुनीता सिंह, पूजा सिंह, रूपवती, फूलवती, सतीश नायक आदि थे।
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आंबेडकर जयंती के मौके पर लोधा के गांव केशौपुर जौफरी में शोभायात्रा पर पथराव के बाद से नामजदों की खोज में पुलिस गांव के अन्य लोगों को भी डरा धमका रही है। कुछ लोगों को तो पीटा भी गया है। फिर से साल भर पहले नाली विवाद जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। अगर यही हाल रहा तो हम सवर्ण लोग गांव छोड़ देंगे।
यह कहना था गांव से आए सवर्णों लोगों का। बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह संग एसएसपी से मिले तो विधायक ने भी इस बात पर जोर दिया कि जो आरोपी हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। बाकी गांव के लोगों का उत्पीड़न न किया जाए। इस पर एसएसपी ने उन्हें व ग्रामीणों को आश्वस्त किया।
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यहां एसएसपी के सामने सुरेश ने बताया कि उनके दो बेटों का नाम इस विवाद में पुरानी रंजिश के तहत लिखवाया गया है। उन्होंने सीडी पेश करते हुए कहा कि घटना के वक्त एक बेटा ट्रक पर था, जबकि दूसरा फैक्ट्री में था। बावजूद इसके इस घटना में शामिल दिखाया गया है।
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उन्होंने बताया कि पुलिस भी दबिश देकर परेशान कर रही है। कुछ लोगों को पीटा गया है। बताया कि पूर्व में नाली विवाद में भी हमें फंसाया गया था। इस तरह के कई लोग हैं। इस पर एसएसपी ने आश्वस्त किया और सीओ गभाना को भी कहा कि जो लोग आरोपी हैं, उनको चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। वहीं बरौली विधायक ने भी इस बात पर जोर दिया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बाकी किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए।
घायलों का कई संगठनों ने जाना हाल
इस पथराव व मारपीट में घायलों का हाल जानने के लिए कई संगठन यहां जिला अस्पताल पहुंचे। भारतीय दलित एवं शोषित समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकु मार बैनीवाल के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी जिला अस्पताल गए और वहां घायलों का हाल जाना। बैनीवाल ने कहा कि गांव में जाटवों पर हुए हमले में पुलिस प्रशासन व सरकार द्वारा दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न करने से यह स्पष्ट है कि दोषियों को पुलिस प्रशासन व सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त है। वहीं महिला शक्ति कारवां का प्रतिनिधिमंडल भी जिला अस्पताल गया और वहां घायलों का हाल जाना। संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की कि गुंडा तत्वोें के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। संयोजक मंडल में निशा गौतम, सुनीता सिंह, पूजा सिंह, रूपवती, फूलवती, सतीश नायक आदि थे।