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निर्विरोध चुनाव के पक्ष में एएमयू प्रशासन
Updated Mon, 26 Nov 2018 01:55 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार पद का चुनाव निर्विरोध एवं सर्वसम्मति से कराने के पक्ष में है। इसके लिए अंदर ही अंदर प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। इंतजामियां के पैनल से चांसलर पद पर सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन, प्रो चांसलर पद पर नवाब इब्ने सईद ऑफ छतारी और ऑनरेरी ट्रेजरार पद पर पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लूर्रहमान का नाम आ सकता है।
एएमयू के प्रशासनिक सूत्रों की माने तो पैनल में निवर्तमान चांसलर एवं प्रो चांसलर के अतिरिक्त ऑनरेरी ट्रेजरार पद पर पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लूर्रहमान का नाम शामिल होना तय है। एएमयू प्रशासन द्वारा इस बात की कोशिश की जा रही है कि चुनाव की नौबत नहीं आए और सर्व सम्मति से निर्णय ले लिये जाएं। हालांकि एएमयू प्रशासन अपनी कोशिश में कितनी कामयाब होती है, यह आने वाला वक्त तय करेगा। एएमयू कोर्ट की विशेष एवं वार्षिक बैठक 2 दिसंबर को एनआरएससी में प्रस्तावित है। इसी में चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार का चुनाव होना है। उल्लेखनीय है कि निर्वाचित चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार का कार्यकाल तीन साल के लिए होता है। वर्ष 2015 में बोहरा समुदाय के धर्म गुरू सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने एएमयू के कुलपति रह चुके पद्मश्री डॉ. महमूद उर रहमान को पराजित कर चांसलर निर्वाचित हुए थे।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार पद का चुनाव निर्विरोध एवं सर्वसम्मति से कराने के पक्ष में है। इसके लिए अंदर ही अंदर प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। इंतजामियां के पैनल से चांसलर पद पर सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन, प्रो चांसलर पद पर नवाब इब्ने सईद ऑफ छतारी और ऑनरेरी ट्रेजरार पद पर पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लूर्रहमान का नाम आ सकता है।
एएमयू के प्रशासनिक सूत्रों की माने तो पैनल में निवर्तमान चांसलर एवं प्रो चांसलर के अतिरिक्त ऑनरेरी ट्रेजरार पद पर पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लूर्रहमान का नाम शामिल होना तय है। एएमयू प्रशासन द्वारा इस बात की कोशिश की जा रही है कि चुनाव की नौबत नहीं आए और सर्व सम्मति से निर्णय ले लिये जाएं। हालांकि एएमयू प्रशासन अपनी कोशिश में कितनी कामयाब होती है, यह आने वाला वक्त तय करेगा। एएमयू कोर्ट की विशेष एवं वार्षिक बैठक 2 दिसंबर को एनआरएससी में प्रस्तावित है। इसी में चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार का चुनाव होना है। उल्लेखनीय है कि निर्वाचित चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार का कार्यकाल तीन साल के लिए होता है। वर्ष 2015 में बोहरा समुदाय के धर्म गुरू सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने एएमयू के कुलपति रह चुके पद्मश्री डॉ. महमूद उर रहमान को पराजित कर चांसलर निर्वाचित हुए थे।
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