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नगर आयुक्त के खिलाफ मामले में अदालत में सुनवाई हुई
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:52 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नगर निगम वर्कशाप के सामने फौजी जमीन पर कूड़े का डंप बनाने और हजारों लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने पर शुक्रवार को अदालत में नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई हुई, जिसमें वादी पक्ष की ओर से जवाब दाखिल किया गया। इस प्रकरण में अगली सुनवाई अब छह अक्तूबर को होगी।
अदालत में मामले को ले जाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उन्हें नगर निगम के जवाब पर अपना पक्ष रखना था। उन्होंने अदालत को बताया कि नगर निगम वहां से कूड़ा उठवाने का दावा कर रहा है वह गलत है। एक दो ट्रॉली ही वहां से हटाई जा रही हैं। स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। इसके अलावा वहां से कूड़ा हटाने के संबंध में नगर निगम के किसी भी सक्षम अधिकारी ने लिखित में कुछ भी नहीं दिया है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली से हजारों लोगों को अस्वस्थ कर स्थिति में रहना पड़ रहा है। बदबू में सांस लेनी पड़ रही है। जबकि शहर से लेकर देहात तक में संक्रामक रोग फैल रहे हैं। इस मामले में छह अक्तूबर को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में सहमति के कुछ प्रस्तावों पर चर्चा होनी है। राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि जब तक वहां लेवलिंग करके वृक्षारोपण आदि का काम नहीं होता है, तब तक वह इस मामले का अनुसरण करते रहेंगे।
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नगर निगम वर्कशाप के सामने फौजी जमीन पर कूड़े का डंप बनाने और हजारों लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने पर शुक्रवार को अदालत में नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई हुई, जिसमें वादी पक्ष की ओर से जवाब दाखिल किया गया। इस प्रकरण में अगली सुनवाई अब छह अक्तूबर को होगी।
अदालत में मामले को ले जाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उन्हें नगर निगम के जवाब पर अपना पक्ष रखना था। उन्होंने अदालत को बताया कि नगर निगम वहां से कूड़ा उठवाने का दावा कर रहा है वह गलत है। एक दो ट्रॉली ही वहां से हटाई जा रही हैं। स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। इसके अलावा वहां से कूड़ा हटाने के संबंध में नगर निगम के किसी भी सक्षम अधिकारी ने लिखित में कुछ भी नहीं दिया है।
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नगर निगम की कार्यप्रणाली से हजारों लोगों को अस्वस्थ कर स्थिति में रहना पड़ रहा है। बदबू में सांस लेनी पड़ रही है। जबकि शहर से लेकर देहात तक में संक्रामक रोग फैल रहे हैं। इस मामले में छह अक्तूबर को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में सहमति के कुछ प्रस्तावों पर चर्चा होनी है। राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि जब तक वहां लेवलिंग करके वृक्षारोपण आदि का काम नहीं होता है, तब तक वह इस मामले का अनुसरण करते रहेंगे।
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