{"_id":"5c3a59fcbdec22738b6ad2e6","slug":"15473281212-city-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा-बसपा जिलाध्यक्ष गले मिले, मिठाई खिलाईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा-बसपा जिलाध्यक्ष गले मिले, मिठाई खिलाईं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बसपा और सपा गठबंधन की घोषणा के बाद दोनो पार्टियों के पदाधिकारियों ने बसपा मुख्य जोन कोआर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप के एडीए कालोनी आवास पर बैठक की। जहां दोनों दलों के नेताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
यहां पर कश्यप के अलावा बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव और सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि ये राजनीति में ऐतिहासिक कदम है। 25 वर्ष बाद दोनों पार्टियां एकजुट हुई हैं।
इससे पहले मुलायम सिंह यादव और बसपा संस्थापक कांशीराम ने समझौता किया था और भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना पड़ा था। लेकिन शिवपाल सिंह यादव जैसे असामाजिक तत्वों के कारण ये गठबंधन टूट गया।
विज्ञापन
लेकिन एक बार फिर से बहन मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ममय की जरूरत और जनभावनाओं को देखते हुए ये कदम उठाया है। अंबेडकर और राम मनोहर लोहिया के विचारों का मिलन इसकी नींव बन रहा है।
इस मौके पर जोन कोआर्डिनेटर गजराज विमल, रोशन लाल माहौर, प्रमोद गौड़, मुकेश चंद्रा, रघुवीर उषवा, अर्जुन स्वामी, जितेंद्र राही, सुनील निगम, महेंद्र पाल सिंह शास्त्री बसपा से मौजूद रहे।
सपा से विनोद सविता, अज्जू इस्हाक, जस्सू शेरवानी, बदशाह खान, राजेश यादव, अयाज कुरैशी, पिछड़ा वर्ग की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शाकिर अंसारी, सरदार मनजीत सिंह, मुनीष गाजी आदि मौजूद रहे।
इधर, पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने जेल रोड स्थित अपने कार्यालय पर पहुंचे सपाईयों के साथ मुंह मीठा कर एक-दूसरे को बधाई दी।
विज्ञापन
बसपा और सपा गठबंधन की घोषणा के बाद दोनो पार्टियों के पदाधिकारियों ने बसपा मुख्य जोन कोआर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप के एडीए कालोनी आवास पर बैठक की। जहां दोनों दलों के नेताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
यहां पर कश्यप के अलावा बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव और सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि ये राजनीति में ऐतिहासिक कदम है। 25 वर्ष बाद दोनों पार्टियां एकजुट हुई हैं।
विज्ञापन
इससे पहले मुलायम सिंह यादव और बसपा संस्थापक कांशीराम ने समझौता किया था और भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना पड़ा था। लेकिन शिवपाल सिंह यादव जैसे असामाजिक तत्वों के कारण ये गठबंधन टूट गया।
विज्ञापन
लेकिन एक बार फिर से बहन मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ममय की जरूरत और जनभावनाओं को देखते हुए ये कदम उठाया है। अंबेडकर और राम मनोहर लोहिया के विचारों का मिलन इसकी नींव बन रहा है।
इस मौके पर जोन कोआर्डिनेटर गजराज विमल, रोशन लाल माहौर, प्रमोद गौड़, मुकेश चंद्रा, रघुवीर उषवा, अर्जुन स्वामी, जितेंद्र राही, सुनील निगम, महेंद्र पाल सिंह शास्त्री बसपा से मौजूद रहे।
सपा से विनोद सविता, अज्जू इस्हाक, जस्सू शेरवानी, बदशाह खान, राजेश यादव, अयाज कुरैशी, पिछड़ा वर्ग की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शाकिर अंसारी, सरदार मनजीत सिंह, मुनीष गाजी आदि मौजूद रहे।
इधर, पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने जेल रोड स्थित अपने कार्यालय पर पहुंचे सपाईयों के साथ मुंह मीठा कर एक-दूसरे को बधाई दी।