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BirthDay to AMU: आज 150 साल की हो गई एएमयू, सात छात्रों से शुरू हुई, अब हैं 110 देशों में इसके छात्र

Sat, 24 May 2025 10:42 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 24 May 2025 10:42 AM IST
सार

150 साल का लंबा सफर तय किया है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने। एएमयू ने देश को भारत रत्न, पद्मविभूषण, पद्मभूषण, पद्मश्री, ज्ञानपीठ, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज तक दिए हैं। आज दुनिया के 110 देशों में इसके छात्र फैले हुए हैं। यह है उसी एएमयू की कहानी... 

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150 years of Aligarh Muslim University
एएमयू का बाब-ए-सैय्यद - फोटो : संवाद

विस्तार

सर सैयद अहमद खान ने सात छात्र और 700 रुपये के मासिक बजट से 24 मई 1875 को सैन्य छावनी की 74 एकड़ जमीन पर मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज के रूप में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। 1918 में सर सैयद की मृत्यु के 22 साल बाद यही कॉलेज 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ। आज इस विश्वविद्यालय में 300 कोर्स संचालित होते हैं। 30 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। दुनिया के 110 देशों में इसके छात्र फैले हुए हैं।

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एएमयू के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी और विवि पर 32 किताबें लिख चुके डॉ. राहत अबरार कहते हैं कि सर सैयद ने अपने जीवनकाल में यह कहा था कि कॉलेज की स्थापना वह विश्वविद्यालय को ध्यान में रखकर ही कर रहे हैं। यह भी अहम है कि संस्थापक के नाम पर कोई दिवस न मनाया जाए, बल्कि इस संस्था का स्थापना दिवस मनाया जाए। लेकिन आज सर सैयद डे मनाया जाता है एएमयू के स्थापना दिवस को लोग भूल रहे हैं।
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एचजीआई सिडन थे पहले प्रिंसिपल, राजा महेंद्र प्रताप रहे छात्र
एएमयू जन संचार विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. शाफे किदवई कहते हैं कि एमएओ कॉलेज के पहले प्रिंसिपल एचजीआई सिडन थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा महेंद्र प्रताप भी इस कॉलेज के छात्र रह चुके हैं। इसके अलावा ईश्वरी प्रसाद कॉलेज के पहले ग्रेजुएट विद्यार्थी रहे।

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विश्वविद्यालय ने देश को दिए बड़े नाम

भारत रत्न
डॉ. जाकिर हुसैन (1963), खान अब्दुल गफ्फार खान (1983)
पद्मविभूषण
डॉ. जाकिर हुसैन (1954), हाफिज मुहम्मद इब्राहिम (1967), सैयद बसीर हुसैन जैदी (1976), प्रो. आवेद सिद्दीकी (2006), प्रो. राजा राव (2007), प्रो. एआर किदवई (2010)।
पद्मभूषण
शेख मोहम्मद अब्दुल्लाह (1964), प्रो. सैयद जुहूर कासिम (1982), प्रो. आले अहमद सुरुर (1985), नसीरुद्दीन शाह (2003), प्रो. इरफान हबीब (2005), कुर्रतुल एन हैदर (2005), जावेद अख्तर (2007), डॉ. अशोक सेठ (2014)।
पद्मश्री
विश्वविद्यालय के 53 गणमान्य व्यक्तियों को पद्मश्री से नवाजा जा चुका है।
ज्ञानपीठ
कुर्रतुल एन हैदर (1989), अली सरदार जाफरी (1997), प्रो. शहरयार (2008)

सुप्रीम कोर्ट के जज
जस्टिस बहारुल इस्लाम
जस्टिस सैयद मुर्तजा फजल अली
जस्टिस एस. सगीर अहमद
जस्टिस आरपी सेठी
हाईकोर्ट में अब तक 47 जज

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