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चुनिंदा बच्चों की निकली लाटरी

Sun, 09 Jul 2017 01:47 AM IST
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:47 AM IST
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चुनिंदा बच्चों की निकली लाटरी
इस बार महज 451 बच्चों की निकली ‘लॉटरी’
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम का इस बार फिर जिले में मजाक ही उड़ाया जा है। इस शैक्षिक सत्र में अब तक 451 दुर्बल आय वर्ग के केवल बच्चे ही निजी कान्वेंट स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ने के लिए चयनित हुए हैं।

विडंबना तो यह है कि जितने बच्चे चयनित हुए हैं, उससे कहीं ज्यादा तो जिले में निजी कान्वेंट विद्यालयों की संख्या है। इन बच्चों का चयन ऑनलाइन आवेदन के बाद लॉटरी सिस्टम से हुआ है।
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नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत यह आदेश हैं कि निजी कान्वेंट स्कूलों में 25 फीसदी सीट गरीब तबके के बच्चों के लिए सुरक्षित रखी जाएंगी और वह नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण करेंगे।
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इस बार इस आदेश का पालन करने के लिए शासन ने ऑनलाइन आवेदन मांगे। ऐसे में इस जिले में पहले चरण में 92 आवेदन आए। इसमें से 79 बच्चों का चयन लाटरी सिस्टम से हुआ। उसके बाद दूसरे चरण में 202 आवेदन आए।

इसमें से 180 बच्चे इस प्रक्रिया में चयनित हुए। तीसरे चरण में 281 दुर्बल आय वर्ग के बच्चों ने आवेदन किया। इसमें से 192 का चयन हुआ है। ऐसे में कुल 451 बच्चे कान्वेंट स्कूलों में पढ़ने के लिए चयनित हुए हैं।

वैसे, बच्चों की इतनी कम संख्या को देखकर यह स्पष्ट है कि इस बार भी यहां इस अधिनियम के तहत जारी शासनादेश के नाम पर औपचारिकता ही पूरी की जा रही है।

बेसिक शिक्षा विभाग इसमें लापरवाही बरत रहा है। यदि आवेदनों की संख्या देखें तो इसे देखकर लगता है कि इस नियम के बारे में पात्र बच्चों के अभिभावकों को जागरूक नहीं किया जा रहा और निजी कान्वेंट स्कूल अधिनियम लागू होने के सात साल बाद भी इनका पालन नहीं कर रहे।


ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। जिन बच्चों द्वारा आवेदन किया गया था। उनका चयन लाटरी सिस्टम से हुआ है। आवेदन के लिए भी कई शर्तें हैं। अब इन बच्चों का निजी कान्वेंट स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। जो विद्यालय दाखिला नहीं करेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई क राई जाएगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम का और ज्यादा प्रचार प्रसार कराया जाएगा।
धीरेंद्र कुमार, बीएसए
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