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एएमयू-बरमूडा-चप्पल पहनकर हॉस्टल से बाहर जाने पर रोक-Cordination

Wed, 12 Sep 2018 01:44 AM IST
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:44 AM IST
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एएमयू-बरमूडा-चप्पल पहनकर हॉस्टल से बाहर जाने पर रोक-Cordination
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सर शाह सुलेमान हॉल के प्रोवोस्ट डॉ. सदफ जैदी छात्रों के नाम विवादित पत्र लिखकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने छात्रों को बरमुडा, नेकर एवं चप्पल पहनकर छात्रावास से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। हालांकि उन्होेंने छात्रों को यह खत सलाह के रूप में लिखा है। इस पत्र के 12 बिंदुओं में उन्होंने हास्टल में रहने के नियम बताए हैं।

एएमयू का सर शाह सुलेमान हॉल में करीब 700 बीटेक, एमटेक एवं बायोटेक आदि के छात्र रहते हैं। नया सत्र शुरू हो गया है और छात्रों को छात्रावास (हॉल) में कमरे आवंटित हो गए हैं। प्रोवोस्ट डॉ. सदफ जैदी ने 8 सितंबर 2018 को छात्रों के नाम विवादित खत लिखा है।
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इस पत्र में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी के कार्यक्रमों में काली शेरवानी एवं कुर्ता-पायजामा पहनकर शामिल हो। उन्होंने छात्रों से एएमयू की रवायत एवं परंपरा का ख्याल रखते हुए कुर्ता, पजामा व चप्पल पहनकर छात्रावास से बाहर नहीं जाने को कहा है।
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प्रोवोस्ट ने इस पत्र के सभी 12 बिंदुओं का ध्यान रखने का सुझाव छात्रों को दिया है। यह खत सामने आने के बाद इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। इसे छात्रों के अधिकार एवं पसंद पर कुठाराघात के रूप में देखा जा रहा है।

मैने कोई आदेश नहीं दिया है बल्कि एएमयू में आने वाले छात्रों को सुझाव दिया है। मेरा खत की शुरूआत डियर स्टूडेंट्स से हैं। मैने अपने खत में एएमयू की शानदार परंपरा एवं रवायत को 12 बिंदुओं में हाईलाइट किया है। यह सब बच्चों की भलाई के लिए किया है।
- डॉ. सदफ जैदी, प्रवोस्ट, सर शाह सुलेमान हॉल, एएमयू

सर शाह सुलेमान हॉल के प्रोवोस्ट डॉ. सदफ जैदी का खत नए छात्रों को आचरण अच्छा बनाने की सलाह मात्र है। उन्होंने सुझाव दिया है जो छात्रों के लिए बाध्यकारी नहीं है। उन्होंने छात्रों को जो सुझाव दिए हैं, वह अच्छे आचरण का अनुपम उदाहरण है।

- प्रो. शाफे किदवई, एमआईसी, पीआरओ आफिस, एएमयू

प्रोवोस्ट के खत में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है, जिसे तूल दिया जाए। एएमयू की अपनी रवायत एवं परंपरा है। पिछले कुछ वर्षों में इसमें गिरावट हुई है, जिसे पुन: स्थापित कर एएमयू का गौरव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
- फैजुल हसन, पूर्व अध्यक्ष, एएमयू छात्र संघ

प्रोवोस्ट के पत्र में उल्लिखित 12 बिंदु
1- किसी भी दूसरे छात्र के कमरे में प्रवेश के पहले दरवाजा खटखटाएं और इंतजार करें।
2- यूनिवर्सिटी के महत्वपूर्ण अवसरों एवं कार्यक्रमों के समय काली शेरवानी एवं कुर्ता-पायजामा पहनें।
3- शर्ट्स, ट्राऊजर्स एवं शूज या शेरवानी-पजामा पहनकर छात्रावास से बाहर जाएं। कुर्ता-पायजामा एवं चप्पल पहनकर बाहर नहीं जाएं।
4- डायनिंग हॉल, रीडिंग रूम एवं कॉमन रूम में भी यहीं नियम लागू होंगे।
5- बरमूडाज, शार्ट्स एवं स्लिपर पहनकर बाहर जाना निषिद्ध है।
6- अतिथि सबके अतिथि हैं, किसी भी छात्र के अतिथि के साथ सभी अपने अतिथि की तरह बर्ताव करेंगे।
7- जूनियर छात्र सीनियर का आदर करें और सीनियर छात्र जूनियर के प्रति उदार रहें।
8- डायनिंग हॉल के कर्मचारी को वेटर के बदले उनके नाम से पुकारें और उनके नाम के साथ ‘मियां’ या ‘भाई’ शब्द का इस्तेमाल इज्जत के साथ करें।
9- यदि घर से बना खाना लाते हैं तो अपने रूम पार्टनर एवं दूसरे छात्रों के साथ साझा कर खाएं।
10- ढाबा, कैफे आदि पर साथ खाने की स्थिति में जूनियर छात्रों का पेमेंट सीनियर छात्र करें।
11- मिलने आने वालों का स्वागत चाय, कॉफी, कोल्डड्रिंक, बिस्कुट आदि से करें।
12- यदि किसी अलीगरियन का नाम नहीं मालूम हो तो पार्टनर कहकर संबोधित करें।
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