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हंगामे के बीच संपन्न हुई आरटीए की बैठक
Updated Fri, 23 Nov 2018 01:31 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक गुरुवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें सात मृतकाश्रितों के उत्तराधिकारियों को, 47 अराष्ट्रीयकृत मार्गों पर, 100 बाइक व टैक्सी परमिट संचलन के लिए निर्णय लिया गया। वहीं स्कूल वाहन को 52 सीटर की जगह 32 सीटर कर उनका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। इस दौरान बैठक में बस ऑपरेटरों ने हंगामा भी किया। लेकिन, बाद में मामले को हल कर लिया गया।
बैठक में मृतक आश्रितों में नवी आलम की पत्नी नजमा बेगम, मो. जाहिद के पुत्र आदिल, अब्दुल रशीद पुत्र सौदी सहित 7 के परमिट उनके उत्तराधिकरियों को दिए गए। वहीं एटा-ओनघाट-कादरचौक-बदायूं मार्ग के 18 परमिट, सिकंदराराऊ-हाथरस जंक्शन वाया जलेसर मार्ग के 6, अतरौली-हरदोई के 2, अवागढ़-सादाबाद के 2, मथुरा-अवागढ़-जुगसना सादाबाद मार्ग के 5, गोरहा-कादरगंज मार्ग के 5, अलीगढ़-गोंडा, खैर इगलास, हाथरस जलेसर मार्ग के 5 व अलीगढ़-कासिमपुर के 2 परमिट स्वीकृत किए गए। वहीं स्कूलों में चलने वाली प्राइवेट बसों के संचालन में केवल 32 सीटर वाहन चलाने का निर्णय लिया गया।
साथ ही एक माह के भीतर इनका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। करीब दो माह तक चलने वाले शादी-विवाह में बसों के संचालन पर भी निर्णय लिया गया। 100 बाइक टैक्सी के संचालन का निर्णय लिया गया। आरोप है कि बस ऑपरेटरों की बातें न मानने पर बैठक में हंगामा हुआ। बस ऑपरेटर अजय सिंह ने बताया कि अधिकारियों के समक्ष हमने जो मांगे रखीं उनका निस्तारण नहीं हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने अपनी मनमर्जी चलाई है। आरोप है कि एक अधिवक्ता से डीएम की बहस भी हुई। बाद में मामला शांत हो गया।
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बैठक में हंगामे जैसा कुछ भी नहीं हुआ है। अधिवक्ताओं का काम है बहस करने का। उन्होंने बस ऑपरेटरों की बात को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा। डीएम ने अधिवक्ताओं, बस ऑपरेटरों सभी की बात सुनी है।
- राधेश्याम शर्मा, आरटीओ, अलीगढ़
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संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक गुरुवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें सात मृतकाश्रितों के उत्तराधिकारियों को, 47 अराष्ट्रीयकृत मार्गों पर, 100 बाइक व टैक्सी परमिट संचलन के लिए निर्णय लिया गया। वहीं स्कूल वाहन को 52 सीटर की जगह 32 सीटर कर उनका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। इस दौरान बैठक में बस ऑपरेटरों ने हंगामा भी किया। लेकिन, बाद में मामले को हल कर लिया गया।
बैठक में मृतक आश्रितों में नवी आलम की पत्नी नजमा बेगम, मो. जाहिद के पुत्र आदिल, अब्दुल रशीद पुत्र सौदी सहित 7 के परमिट उनके उत्तराधिकरियों को दिए गए। वहीं एटा-ओनघाट-कादरचौक-बदायूं मार्ग के 18 परमिट, सिकंदराराऊ-हाथरस जंक्शन वाया जलेसर मार्ग के 6, अतरौली-हरदोई के 2, अवागढ़-सादाबाद के 2, मथुरा-अवागढ़-जुगसना सादाबाद मार्ग के 5, गोरहा-कादरगंज मार्ग के 5, अलीगढ़-गोंडा, खैर इगलास, हाथरस जलेसर मार्ग के 5 व अलीगढ़-कासिमपुर के 2 परमिट स्वीकृत किए गए। वहीं स्कूलों में चलने वाली प्राइवेट बसों के संचालन में केवल 32 सीटर वाहन चलाने का निर्णय लिया गया।
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साथ ही एक माह के भीतर इनका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। करीब दो माह तक चलने वाले शादी-विवाह में बसों के संचालन पर भी निर्णय लिया गया। 100 बाइक टैक्सी के संचालन का निर्णय लिया गया। आरोप है कि बस ऑपरेटरों की बातें न मानने पर बैठक में हंगामा हुआ। बस ऑपरेटर अजय सिंह ने बताया कि अधिकारियों के समक्ष हमने जो मांगे रखीं उनका निस्तारण नहीं हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने अपनी मनमर्जी चलाई है। आरोप है कि एक अधिवक्ता से डीएम की बहस भी हुई। बाद में मामला शांत हो गया।
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बैठक में हंगामे जैसा कुछ भी नहीं हुआ है। अधिवक्ताओं का काम है बहस करने का। उन्होंने बस ऑपरेटरों की बात को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा। डीएम ने अधिवक्ताओं, बस ऑपरेटरों सभी की बात सुनी है।
- राधेश्याम शर्मा, आरटीओ, अलीगढ़