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सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में तत्कालीन एसडीएमकोल पर लटकी तलवार

Thu, 31 Jan 2019 02:30 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2019 02:30 AM IST
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सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में तत्कालीन एसडीएमकोल पर लटकी तलवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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कोल तहसील क्षेत्र के मौजा याकूतपुर की ऊसर भूमि को सरकारी अभिलेखों में हेर फेर करके दो प्राइवेट व्यक्तियों के नाम चढ़ाने के मामले के आरोपी तत्कालीन एसडीएम कोल के खिलाफ आखिरकार जांच अधिकारी ने चार्जशीट तैयार कर ली। अब इसे अभियोजन की स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजने की तैयारी है। इसकी भनक लगते ही तत्कालीन एसडीएम कोल डा.पंकज वर्मा ने एसएसपी से अलीगढ़ आकर मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की विवेचना में मेरा पक्ष नहीं सुना गया है। एसएसपी ने उनसे लिखित में अपना पक्ष रखने तथा उसके आधार पर अलग से विवेचना कराने का आश्वासन दिया है।

मौजा याकूतपुर की खसरा संख्या 273 की आठ बीघा दो विसा जमीन सरकारी कागजों में हेर फेर करके राजवती पत्नी रामजीलाल एवं सुमन पत्नी गोपाल के नाम अंकित कर दी गई थी। इस बहुचर्चित मामले में दोनों महिलाओं के साथ तत्कालीन पीठासीन अधिकारी एवं एसडीएम कोल डा.पंकज वर्मा एवं अन्य कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया था। इनमें से एसडीएम के पेशकार रहे कर्मचारी ने हाईकोर्ट से एफआईआर क्वैश करा ली थी। लेकिन एसडीएम होने के नाते जांच अधिकारी ने डा.पंकज वर्मा के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने में लंबा समय लिया।
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उन्होंने चार्जशीट तैयार कर ली। एसएसपी आकाश कुलहरि ने स्वीकार किया कि इस मामले में तत्कालीन एसडीएम कोल डा.पंकज वर्मा उनसे कार्यालय आकर मिले थे। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने अपनी विवेचना में मेरा पक्ष नहीं सुना। उनसे कहा गया है कि वे अपना पक्ष लिखित में दें। एसपी सिटी स्तर से उसकी अलग से जांच कराई जाएगी। जांच अधिकारी द्वारा तैयार की गई चार्जशीट को अभियोजन की स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जा रहा है। वहीं इस मामले में पंकज कुमार वर्मा का कहना है कि उनके पक्ष में अदालत का स्थगनादेश है। वह एसएसपी से यूं ही मुलाकात करने गए थे।
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