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जिला महिला अस्पताल से दो दलाल पकड़ीं
Updated Fri, 26 Jan 2018 02:32 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला महिला अस्पताल में प्रसव और अन्य जांच को आई महिलाओं को फुलसा कर निजी नर्सिंग होमों में ले जाने वाले दो दलालों को अस्पताल की सीएमएस ने रंगे हाथों दबोच लिया। उनके पास से निजी नर्सिंग होम के नंबर, आशाओं के नाम आदि मिले।
नर्सिंग होम से इनको 30 फीसदी कमीशन मिलता था। कुछ अस्पताल के कर्मचारी भी इनसे मिले हुए थे। सीएमएस गीता प्रधान ने पूरे मामले के संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित में अवगत कराने की तैयारी की है।
गत दिवस सीएमएस डॉ. गीता प्रधान अस्पताल में राउंड ले रही थीं। इसी दौरान उन्हें ओपीडी के बाहर दो महिलाएं संदिग्ध सी दिखायी दीं। उन्होंने महिलाओं से पर्चा मांगा तो वह नहीं दिखा सकीं। फिर लाए गए मरीज का नाम पूछा तो वह भी नहीं बता सकीं।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह निजी नर्सिंग होम की एजेंट थीं। उनके पास डायरी से जो विवरण मिला वह चौंकाने वाला था। वह और उनसे जुड़ी कुछ आशाएं अस्पताल में आने वाली महिलाओं को प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में ले जाती हैं। सामान्य डिलीवरी के लिए 10 हजार रुपये तक लिए जाते हैं।
उनमें दलालों और आशाओं को 30 फीसदी तक कमीशन मिलता है। यह भी संकेत मिले हैं कि निजी नर्सिंग होम संचालक इस काम के लिए मंहगे गिफ्ट देते हैं। पूरे मामले को सीएमएस ने आला अधिकारियों को पहुंचाने की तैयारी कर ली है। डॉ. गीता प्रधान ने बताया कि इस घटना के बाद अस्पताल में चौकसी बढ़ा दी गई है।
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जिला महिला अस्पताल में प्रसव और अन्य जांच को आई महिलाओं को फुलसा कर निजी नर्सिंग होमों में ले जाने वाले दो दलालों को अस्पताल की सीएमएस ने रंगे हाथों दबोच लिया। उनके पास से निजी नर्सिंग होम के नंबर, आशाओं के नाम आदि मिले।
नर्सिंग होम से इनको 30 फीसदी कमीशन मिलता था। कुछ अस्पताल के कर्मचारी भी इनसे मिले हुए थे। सीएमएस गीता प्रधान ने पूरे मामले के संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित में अवगत कराने की तैयारी की है।
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गत दिवस सीएमएस डॉ. गीता प्रधान अस्पताल में राउंड ले रही थीं। इसी दौरान उन्हें ओपीडी के बाहर दो महिलाएं संदिग्ध सी दिखायी दीं। उन्होंने महिलाओं से पर्चा मांगा तो वह नहीं दिखा सकीं। फिर लाए गए मरीज का नाम पूछा तो वह भी नहीं बता सकीं।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह निजी नर्सिंग होम की एजेंट थीं। उनके पास डायरी से जो विवरण मिला वह चौंकाने वाला था। वह और उनसे जुड़ी कुछ आशाएं अस्पताल में आने वाली महिलाओं को प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में ले जाती हैं। सामान्य डिलीवरी के लिए 10 हजार रुपये तक लिए जाते हैं।
उनमें दलालों और आशाओं को 30 फीसदी तक कमीशन मिलता है। यह भी संकेत मिले हैं कि निजी नर्सिंग होम संचालक इस काम के लिए मंहगे गिफ्ट देते हैं। पूरे मामले को सीएमएस ने आला अधिकारियों को पहुंचाने की तैयारी कर ली है। डॉ. गीता प्रधान ने बताया कि इस घटना के बाद अस्पताल में चौकसी बढ़ा दी गई है।