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तपती रेत के मैदान पर सब्र का इम्तिहान
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:31 PM IST
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तपती रेत के मैदान पर सब्र का इम्तहान
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
मुहर्रम की आठ तारीख को करबला की सरजमीं पर नबीए-ए-इस्लाम के घराने के लिए पानी बंद कर दिया गया था। नहर-ए-फरात पर हजारों सिपाहियों का पहरा लगा था। इमाम हुसैन के खेमों में पानी की एक बूंद भी नहीं थी। तपती हुई रेत का मैदान था। गर्मी का महीना था और प्यास की शिद्दत थी। छोटे-छोटे बच्चे प्यासे थे, मगर कोई नहीं था जो प्यास से टूटे, सभी जानते थे कि अल्लाह हमारा इम्तिहान ले रहा है और हम दे रहे हैं।
ज़ुल्म की इंतहा तो यह थी की छह महीने के अली असगर के लिए इमाम हुसैन ने दो बूंद पानी मांगा तो पानी के बदले यजीदियों ने उनकी गर्दन पर तीर मारकर उसे छेद दिया। यह दुनिया का अकेला बच्चा था, जो गले पर तीर खाकर मुस्कुराया था। यह मुस्कराहट ही दहशतगर्दी की शिकस्त का एलान हो गया। इस पर सैयद मेहंदी रिजवी कहते हैं कि ‘बच्चे ने मुस्कुरा के बताया जहान को, रोती जमीन सर पे झुके आसमान को, मारा रसूल जादे को भूख और प्यास में, हंस हंस उजाड़ा फातिमा के गुलस्तिान को।
अलम का जुलूस निकला
अलीगढ़। इमामबाड़ा अख्तर रजा सैयदबाड़ा बाबरी मंडी में मजलिस के बाद आठवीं मुहर्रम का अलम जुलूस निकला, जो परंपरागत रास्तों से होते हुए इमामबाड़ा अख्तर रजा पर समाप्त हुआ। जुलूस में लोगों ने मातम किया। नोहा पढ़ा। फूल चौक इमामबाड़ा से परवेज अख्तर व बॉबी भाई ने प्रशासन को धन्यवाद दिया। जुलूस में करबला मुतवल्ली मुख्तार जैदी, रजा हुसैन, तारे, गुलरेज, बुद्घन, अतहर अब्बास आदि मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान सीओ सिटी, इंस्पेक्टर कोतवाली, एसओ देहलीगेट ने संभाल रखी थी।
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यहां हो रही मजलिस
चांद की तारीख जगह समय
नौ मुहर्रम तक नेशनल कॉलोनी सुबह आठ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा फूल चौराहा सुबह 11 बजे
नौ मुहर्रम तक अकबर मार्केट दोधपुर दोपहर दो बजे
नौ मुहर्रम तक बैतुल सलात एएमयू शाम 4:15 बजे
नौ मुहर्रम तक शमशाद मार्केट 4:30 बजे
नौ मुहर्रम तक भमोला क्रासिंग मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक हुसैनी मस्जिद जोहरा बाग मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा नगला मल्लाह मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा धौर्रामाफी मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा केलानगर मगरिब नमाज बाद
दस मुहर्रम तक कोठी रानी दुल्हन रात आठ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा अख्तर रजा रात आठ बजे
दस मुहर्रम इमामबाड़ा हुसैनिया जेहरा केलानगर रात नौ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा भुजपुरा रात 8:30 बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा मोहम्मद हुसैन रात नौ बजे
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
मुहर्रम की आठ तारीख को करबला की सरजमीं पर नबीए-ए-इस्लाम के घराने के लिए पानी बंद कर दिया गया था। नहर-ए-फरात पर हजारों सिपाहियों का पहरा लगा था। इमाम हुसैन के खेमों में पानी की एक बूंद भी नहीं थी। तपती हुई रेत का मैदान था। गर्मी का महीना था और प्यास की शिद्दत थी। छोटे-छोटे बच्चे प्यासे थे, मगर कोई नहीं था जो प्यास से टूटे, सभी जानते थे कि अल्लाह हमारा इम्तिहान ले रहा है और हम दे रहे हैं।
ज़ुल्म की इंतहा तो यह थी की छह महीने के अली असगर के लिए इमाम हुसैन ने दो बूंद पानी मांगा तो पानी के बदले यजीदियों ने उनकी गर्दन पर तीर मारकर उसे छेद दिया। यह दुनिया का अकेला बच्चा था, जो गले पर तीर खाकर मुस्कुराया था। यह मुस्कराहट ही दहशतगर्दी की शिकस्त का एलान हो गया। इस पर सैयद मेहंदी रिजवी कहते हैं कि ‘बच्चे ने मुस्कुरा के बताया जहान को, रोती जमीन सर पे झुके आसमान को, मारा रसूल जादे को भूख और प्यास में, हंस हंस उजाड़ा फातिमा के गुलस्तिान को।
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अलम का जुलूस निकला
अलीगढ़। इमामबाड़ा अख्तर रजा सैयदबाड़ा बाबरी मंडी में मजलिस के बाद आठवीं मुहर्रम का अलम जुलूस निकला, जो परंपरागत रास्तों से होते हुए इमामबाड़ा अख्तर रजा पर समाप्त हुआ। जुलूस में लोगों ने मातम किया। नोहा पढ़ा। फूल चौक इमामबाड़ा से परवेज अख्तर व बॉबी भाई ने प्रशासन को धन्यवाद दिया। जुलूस में करबला मुतवल्ली मुख्तार जैदी, रजा हुसैन, तारे, गुलरेज, बुद्घन, अतहर अब्बास आदि मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान सीओ सिटी, इंस्पेक्टर कोतवाली, एसओ देहलीगेट ने संभाल रखी थी।
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यहां हो रही मजलिस
चांद की तारीख जगह समय
नौ मुहर्रम तक नेशनल कॉलोनी सुबह आठ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा फूल चौराहा सुबह 11 बजे
नौ मुहर्रम तक अकबर मार्केट दोधपुर दोपहर दो बजे
नौ मुहर्रम तक बैतुल सलात एएमयू शाम 4:15 बजे
नौ मुहर्रम तक शमशाद मार्केट 4:30 बजे
नौ मुहर्रम तक भमोला क्रासिंग मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक हुसैनी मस्जिद जोहरा बाग मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा नगला मल्लाह मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा धौर्रामाफी मगरिब नमाज बाद
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा केलानगर मगरिब नमाज बाद
दस मुहर्रम तक कोठी रानी दुल्हन रात आठ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा अख्तर रजा रात आठ बजे
दस मुहर्रम इमामबाड़ा हुसैनिया जेहरा केलानगर रात नौ बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा भुजपुरा रात 8:30 बजे
नौ मुहर्रम तक इमामबाड़ा मोहम्मद हुसैन रात नौ बजे