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अखिलेश ने पलटा माया का एक और फैसला
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2013 01:27 AM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में संपन्न प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर निजी आपरेटरों को डबलडेकर चलाने संबंधी पिछली बसपा सरकार के फैसले को रद कर दिया गया।
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सरकार ने निजी क्षेत्र के मार्गों पर प्राइवेट आपरेटरों के जरिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई नीति बनाने का फैसला किया है।
मंगलवार को प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2008 में जारी अधिसूचना पर विचार हुआ। पता चला कि प्रदेश में 90.87 प्रतिशत मार्ग निजी क्षेत्र में उपलब्ध हैं लेकिन प्राइवेट आपरेटर इसमें पर्याप्त रुचि नहीं ले रहे हैं।
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मंत्रिपरिषद ने परिवहन निगम को निर्देशित किया है कि वह इस बिंदु का परीक्षण कर प्रभावी नीति तैयार करे ताकि प्राइवेट आपरेटरों को निजी क्षेत्र के लिए उपलब्ध मार्गों पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना लाभदायक हो सके।
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इसी के साथ मंत्रिपरिषद ने मायावती सरकार के समय मार्च 2008 में जारी अधिसूचना को वापस लेने का फैसला किया। इस अधिसूचना के अंतर्गत 460 मार्गों पर निजी आपरेटरों को भी अपनी डबलडेकर चलाने की अनुमति दी गई थी।
मंत्रिपरिषद ने इस अधिसचना को वापस लेते हुए मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा-102 के अंतर्गत तय प्रक्रिया केअनुसार कार्यवाही कर संबंधित मार्गों को अधिसूचना के पूर्व की स्थिति में लाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।