करवा चौथ में पति घर नहीं आया, व्रत के लिए मना किया तो युवती ने लगा लगी फांसी
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फिरोजाबाद के एका में करवा चौथ पर पति के न आने और ससुराल वालों द्वारा व्रत रखने से मना करने से क्षुब्ध एक सुहागिन ने फांसी का फंदा कसकर जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जिला एटा के थाना पिलुआ के नगला इमलिया निवासी सरोज यादव (20) की शादी सात महीने पहले थाना एका के गांव नगला कृपी निवासी दीपू यादव के साथ हुई थी। सरोज की सास उसकी सगी बुआ भी है। सरोज का पति दीपू दिल्ली में हलवाई है।
शनिवार को सरोज ने पति से करवाचौथ पर घर आने की बात कही, तो दीपू ने काम की व्यस्तता का हवाला देते हुए इंकार कर दिया। पति के न आने पर सरोज ने दीपू का फोटो देखकर ही व्रत रखने की बात कही, तो परिजनों ने मना कर दिया। उनका कहना था कि जब पति ही घर पर नहीं है, तो व्रत रखने का कोई फायदा नहीं है, अगले वर्ष रख लेना।
सरोज ने व्रत को रखने की जिद की, तो विवाद हो गया। पहले करवाचौथ पर पति के घर न आने और ऊपर से व्रत न रखने देने से सरोज तनाव में आ गई। इसी दौरान परिजन खेत पर काम करने चले गए थे। पीछे से सरोज ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फांसी के फंदे पर झूल गई।
ससुराल वाले खेत से घर लौटे तो इसकी जानकारी हुई। बहू को फांसी के फंदे पर लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना पर सीओ जसराना डा. अभिषेक कुमार राहुल, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, कोतवाल एका फूल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को नीचे उतरवाया।
मायके पक्ष के लोग भी पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से किसी भी कार्रवाई करने से मना कर दिया। फिर भी पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सीओ डा. अभिषेक राहुल ने कहा कि करवा चौथ पर पति के न आने से महिला ने क्षुब्ध हो फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मायका पक्ष कार्रवाई नहीं चाह रहा था, लेकिन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।