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यमुना कितनी लाचार, कुम्भकर्ण हैं पहरेदार

Sun, 12 Jun 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Sun, 12 Jun 2016 12:58 AM IST
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Yamuna so helpless, are Kumbhakarna Watchers
यमुना कितनी लाचार, कुम्भकर्ण हैं पहरेदार - फोटो : Amar Ujala
दम तोड़ती कालिंदी को बचाने के लिए उठी आवाज
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पुण्यदायी और जीवनदायी कालिंदी दम तोड़ रही है। सरकारी विभागों की उदासीनता और जागरूकता के अभाव में ये नदी सिल्ट से भरी जा रही है। इससे जल संकट तो बढ़ ही रहा है, आस्था पर भी चोट पड़ रही है। बढ़ते प्रदूषण की वजह से कभी हिलोरे मारती पवित्र यमुना में श्रद्धालुओं ने स्नान करना ही छोड़ दिया है। शनिवार को विश्व कल्याण मिशन, हरिद्वार की महानगर इकाई द्वारा ‘कालिंदी काली क्यों’ विषय पर आयोजित सेमिनार में शहरवासियों के चिंतन में कुछ ऐसा ही दर्द झलका। तमाम वक्ताओं ने अपने विचार रखे। डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चले सेमिनार में वक्ताओं ने कालिंदी को बचाने के लिए सभी से जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में आयोजित सेमिनार में शहर के सामाजिक, धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अलावा शिक्षकों, व्यापारियों आदि ने भी शिरकत की। इस दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरारी लाल गोयल ने इसकी बदहाली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिनके कंधों पर इसको सहेजने की जिम्मेदारी है, वही लापरवाह हो गए हैं। कहा कि दर्जनों नालों के गंदे पानी सीधे नदी में जाने से अब तक नहीं रोका जा सका है। 
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कालिंदी हमारी करतूतों से काली हो रही है। लोग एक ओर यमुना को मां कहते हैं, दूसरी ओर उसे मलमूत्र से अपवित्र कर रहे हैं। लोग भूल रहे हैं कि जल नहीं होगा तो कल नहीं होगा।
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- प. अश्विनी मिश्र, यमुना सत्याग्रही

यमुना एक्शन प्लान के तहत मिले 60-70 करोड़ रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। द्वापर में भगवान कृष्ण ने यमुना को कालिया नाग से मुक्त कराया था, अब कलियुग में हर घर से एक कृष्ण को निकलना होगा, तब यमुना बचेगी।
- योगेश पुरी, महंत, मनकामेश्वर मंदिर

यमुना में कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगना चाहिए। नदी में गंदगी करने वालों को रोकना होगा। धार्मिक सामग्री के विसर्जन से भी बचना होगा।
- डा. मंजू लता शर्मा, विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग, सेंट जोंस कालेज

यमुना शहर की लाइफ लाइन है। इसे बचाना जरूरी है। शहरवासियों को इसके लिए एकजुट होना होगा।
- शिशिर भगत, अध्यक्ष, वेकअप आगरा

ये भी रहे मौजूद
गुरुद्वारा माईथान के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह, भागवताचार्य बृजकिशोर वशिष्ठ, इनररिंग व्हील क्लब की अध्यक्ष नीलू धाकरे, प्रतिभा जिंदल, नूतन अग्रवाल, शैलेंद्र नरवार, भोलानाथ अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, रवि बंसल आदि मौजूद थे। 


हाथी घाट पर होगा दीपदान
सेमिनार के दौरान विभिन्न संगठनों से आए वक्ताओं ने तय किया कि आगामी सप्ताह में हाथी घाट पर वृहत स्तर पर शहरवासियों को जागरूक करने के लिए दीपदान किया जाएगा। 
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