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यमुना बचाओ अभियान से जुड़ने लगा कारवां
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 04 Feb 2016 02:12 AM IST
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ब्रज 84 में यमुना बचाने की अलख जगाने के लिए बुधवार को साधु-संतों की जनजागरण यात्रा अपने तीसरेे पड़ाव पर बसई अरेला पहुंच गई। यमुना रक्षक मंच के अध्यक्ष वंदन गिरि महाराज और विदुषी कुसुम शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना का आंचल ससुराल बटेश्वर में भी मैला होने से नहीं बच सका है। उन्होंने यमुना की पवित्रता के आंदोलन में बिहार, बंगाल, झारखंड, राजस्थान, एमपी, यूपी के साधु-संतों के शामिल होने पर आभार जताया। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में लोगों ने यमुना बचाने के अभियान से जुड़ने का संकल्प लिया।
यमुना जी में अविरल पवित्र जल बहे, यही अभियान हमारा है। ट्रैक पर बजता यह गीत और झूमते साधु-संत यमुना को बचाने का जज्वा लेकर जिस भी गांव में जाते उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया जाता। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे यमुना वंदन गिरि महाराज ने कहा कि यमुना में शहरों के नालों का पानी बहाया जा रहा है। इससे दूषित पानी आचमन के लायक तक नहीं रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से यमुना में गंदगी न फेंकने का आह्वान किया। कुसुम शर्मा ने कहा कि यमुना के बिना ब्रज की सुषमा धूमिल हो रही है। ऐसे में लोगों को सरकारों को जगाने के लिए आगे आना चाहिए। रघुनाथ पुरा, होलीपुरा, पुरा कनैरा, खोड़, इटायली, किन्दर पुरा, भदरौली, गोपाल पुरा, स्याही पुरा, मानिकपुरा, गजौरा और बसई अरेला में यात्रा स्वागत हुआ। पदयात्रा में झारखंड की जयमाला, ललिता, कामिनी, यूपी के सियाराम दास, रामानन्द, आनन्द दास, नारायन दास, राजस्थान के गुलाबदास, चरनसिंह भगत, लोचनदास, बिहार के अंजनी झा, अशर्फी साहनी, नंदिनी कुमारी, बंगाल के जगदीश सरकार, कौशल्या, जसोदा दादी, विमलेश दासी, मध्यप्रदेश के रवीदास, नागेश्वर, जानकी, विजेन्द्र आदि शामिल रहे।
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यमुना जी में अविरल पवित्र जल बहे, यही अभियान हमारा है। ट्रैक पर बजता यह गीत और झूमते साधु-संत यमुना को बचाने का जज्वा लेकर जिस भी गांव में जाते उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया जाता। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे यमुना वंदन गिरि महाराज ने कहा कि यमुना में शहरों के नालों का पानी बहाया जा रहा है। इससे दूषित पानी आचमन के लायक तक नहीं रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से यमुना में गंदगी न फेंकने का आह्वान किया। कुसुम शर्मा ने कहा कि यमुना के बिना ब्रज की सुषमा धूमिल हो रही है। ऐसे में लोगों को सरकारों को जगाने के लिए आगे आना चाहिए। रघुनाथ पुरा, होलीपुरा, पुरा कनैरा, खोड़, इटायली, किन्दर पुरा, भदरौली, गोपाल पुरा, स्याही पुरा, मानिकपुरा, गजौरा और बसई अरेला में यात्रा स्वागत हुआ। पदयात्रा में झारखंड की जयमाला, ललिता, कामिनी, यूपी के सियाराम दास, रामानन्द, आनन्द दास, नारायन दास, राजस्थान के गुलाबदास, चरनसिंह भगत, लोचनदास, बिहार के अंजनी झा, अशर्फी साहनी, नंदिनी कुमारी, बंगाल के जगदीश सरकार, कौशल्या, जसोदा दादी, विमलेश दासी, मध्यप्रदेश के रवीदास, नागेश्वर, जानकी, विजेन्द्र आदि शामिल रहे।
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