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मैनपुरीः भागवत कथा में 'खलल' पर भड़कीं महिलाएं, पुलिस ने संभाला 'मोर्चा'

Fri, 01 Nov 2019 12:10 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 01 Nov 2019 12:10 AM IST
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Women angry at disturbance in Bhagwat Katha in Mainpuri
महिलाओं के हंगामा करने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शहर के मोहल्ला खरगजीत नगर में स्थित ऋषि आश्रम में क्षेत्रीय महिलाओं और आश्रम समिति के बीच गुरुवार को रार हो गई। भागवत कथा के लिए लगाया गया लाउडस्पीकर हटाने और कमरों के ताले न खोले जाने से गुस्साई महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की।
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साथ ही मौके पर पहुंचे समिति के उपाध्यक्ष का घेराव किया। जानकारी होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस के समझाने पर आयोजक मंडल ने नए सिरे से सामान की व्यवस्था करके भागवत कथा शुरू कराई। 
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ऋषि आश्रम में हर वर्ष इच्छा नवमी पर स्थानीय लोगों द्वारा भागवत कथा का आयोजन कराया जाता है। बुधवार को विधिवत भागवत कथा का कलश स्थापना के साथ शुभारंभ हो गया।
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Women angry at disturbance in Bhagwat Katha in Mainpuri
ऋषि आश्रम - फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि गुरुवार सुबह जब आश्रम के अध्यक्ष व अन्य को इस संबंध में जानकारी मिली तो उन्होंने आश्रम पहुंचकर यहां लगे लाउड स्पीकर आदि हटवा दिए। इस पर आयोजन समिति की महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और नारेबाजी करने लगीं।

इस दौरान महिलाओं ने यहां पहुंचे आश्रम की शिक्षा सुधार समिति के उपाध्यक्ष एडवोकेट देवेंद्र सिंह का घेराव कर लिया। महिलाएं मांग कर रहीं थीं कि उन्हें आश्रम के भंडार कक्ष की चॉबी दिलवाई जाए, जिससे कि वे भागवत के लिए सामान निकलवा सकें।

जब उन्होंने चॉबी अध्यक्ष के पास होने की बात कही तो महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आश्रम के अध्यक्ष से फोन पर बात की तो उन्होंने चॉबी देने से मना कर दिया। इसके बाद महिलाओं ने अपने घरों से सामान लाकर तथा फिर से माइक मंगाकर भागवत कथा शुरू करा दी। 

इन्होंने किया विरोध
इस दौरान आयोजन समिति की अध्यक्ष विमला मिश्रा, एडवोकेट सीमा शुक्ला, विमलेश मिश्रा, आशा मिश्रा, रीता यादव, मीनेश मिश्रा, सत्यवती श्रीवास्तव, कमलेश मिश्रा, मुन्नी चौहान, मुन्नी गुप्ता, बोबी पांडेय, अनीता देवी, मीना देवी, सुनीता देवी, हेमलता, पप्पी चौहान, उर्मिला, पूनम, मामलती देवी, कमलेश चौहान, विमलेश चौहान आदि महिलाएं शामिल रहीं।  

तीन घंटे तक मौके पर डटी रहीं महिलाएं
कथा में खलल पर गुस्साई महिलाएं मौके पर पहुंच गई। इसके बाद उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। जब आश्रम समिति ने भंडार कक्ष व अन्य कमरों की चॉबी नहीं दी तो उनका पारा और चढ़ गया। इस दौरान करीब तीन घंटे तक महिलाएं मौके पर डटीं रहीं। 
 

शिक्षा सुधार समिति के अध्यक्ष रामबाबू कुशवाह ने बताया कि भागवत कथा हर वर्ष होती आ रही है। इस वर्ष आश्रम समिति के मंत्री के पिता की मृत्यु के कारण समिति ने भागवत कथा को पांच नवंबर से कराने का निर्णय लिया था।

कुछ लोगों ने महिलाओं को भड़काने का कार्य किया है। पहले ये कथा इच्छा नवमी को खत्म होती थी, इस वर्ष इच्छा नवमी से शुरू कराने की बात तय की गई थी। 

कोतवाली इंस्पेक्टर ओमहरि वाजपेयी ने बताया कि भंडारगृह में ताला लगाने का महिलाएं विरोध कर रही थीं। समिति के पदाधिकारियों ने कहने के बाद भी ताला नहीं खोला। बाद में दूसरी जगह से जरूरी सामान की व्यवस्था कराकर भागवत कथा शुरू करा दी गई। 
 
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