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मृत बताई गई महिला पुलिस को जिंदा मिली, सामने आई हैरान करने वाली सच्चाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 17 Jul 2018 08:01 AM IST
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पुलिस ने किया महिला का बरामद
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी के करहल में मिले एक अज्ञात शव की शिनाख्त बेटी के रूप में करने के बाद मायके वालों ने ससुरालीजनों के विरुद्ध दहेज हत्या का मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने जब गहराई से तफ्तीश की तो मृत बताई गई महिला जीवित निकली।
करहल क्षेत्र में चार जुलाई को गांव डाडा के पास बंबा में एक महिला का शव बरामद हुआ था। छह जुलाई को सुभाष कुमार निवासी गांव खरगजपुर किशनी ने शव की शिनाख्त बहन ज्योति के रूप में की थी।
पुलिस को बताया गया था कि चार वर्ष पूर्व महिला की शादी गांव बहादुरपुर निवासी रिंकू के साथ की थी। पिता अरविंद कुमार ने पति रिंकू, देवर जितेद्र, अल्लू, ससुर मुन्नालाल और सास रेशमा देवी पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था।
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करहल क्षेत्र में चार जुलाई को गांव डाडा के पास बंबा में एक महिला का शव बरामद हुआ था। छह जुलाई को सुभाष कुमार निवासी गांव खरगजपुर किशनी ने शव की शिनाख्त बहन ज्योति के रूप में की थी।
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पुलिस को बताया गया था कि चार वर्ष पूर्व महिला की शादी गांव बहादुरपुर निवासी रिंकू के साथ की थी। पिता अरविंद कुमार ने पति रिंकू, देवर जितेद्र, अल्लू, ससुर मुन्नालाल और सास रेशमा देवी पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था।
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अहमदाबाद में मिली महिला
घटना संदिग्ध प्रतीत होने पर जब पुलिस ने आरोपी पति रिंकू से पूछताछ की तो उसने बताया कि शव उसकी पत्नी का नहीं है। इसके बाद सर्विलांस टीम भी जांच में जुट गई थी।
पुलिस का शक सही निकला ज्योति जीवित थी और अहमदाबाद में रह रही थी। पुलिस सोमवार को उसे लेकर मैनपुरी पहुंची। एसपी अजय शंकर राय ने प्रेसवार्ता कर बताया कि इस खुलासे से कई बेकसूर सजा पाने से बच गए।
वहीं महिला ने बताया कि पति परेशान करता था इसलिए वो गुजरात के अहमदाबाद चली गई। वहीं रहने लगी थी। टीम के सराहनीय कार्य के लिए पांच हजार का पुरस्कार दिया गया है।
पुलिस का शक सही निकला ज्योति जीवित थी और अहमदाबाद में रह रही थी। पुलिस सोमवार को उसे लेकर मैनपुरी पहुंची। एसपी अजय शंकर राय ने प्रेसवार्ता कर बताया कि इस खुलासे से कई बेकसूर सजा पाने से बच गए।
वहीं महिला ने बताया कि पति परेशान करता था इसलिए वो गुजरात के अहमदाबाद चली गई। वहीं रहने लगी थी। टीम के सराहनीय कार्य के लिए पांच हजार का पुरस्कार दिया गया है।