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Agra News: बहुचर्चित कोमल हत्याकांड में पलटे गवाह, पांच आरोपी अदालत से बरी

Tue, 26 Aug 2025 11:52 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Tue, 26 Aug 2025 11:52 PM IST
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Witnesses turn hostile in the famous Komal murder case, five accused acquitted by the court
मैनपुरी। शहर में 26 अप्रैल 2022 को हुई बहुचर्चित कोमल हत्याकांड की घटना में सत्र न्यायालय ने पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। यह फैसला सोमवार को आया। मुकदमे के मुख्य गवाह यानी खुद पीड़ित परिवार अदालत में अपने बयानों से मुकर गया। गवाहों के पलटने और पुलिस के कोई ठोस सबूत पेश न कर पाने के कारण अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला मोहल्ला भरतवाल पुरोहिताना का है, यहां के रॉकी गोस्वामी के भाई करन गोस्वामी ने पड़ोस में रहने वाली कोमल से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने 20 अप्रैल 2022 को सामाजिक रूप से शादी की थी। रॉकी की दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार कोमल के भाई करन, चाचा रविंद्र, दिलीप, और सनी इस शादी से खुश नहीं थे। 26 अप्रैल 2022 को आरोपियों के साथ गौरव और धर्मवीर भी थे। इन्होंने छत के रास्ते रॉकी के घर में घुस आए। रविंद्र और करन ने तमंचों से कोमल और उसके पति करन पर गोली चलाई। इस हमले में कोमल के माथे में गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग में उनका पति करन और सास पिंकी भी घायल हो गए थे। पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था। पुलिस ने जांच के बाद सभी छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, लेकिन सुनवाई के दौरान कहानी पूरी तरह बदल गई। मुकदमे के मुख्य गवाह वादी रॉकी गोस्वामी, पीड़ित करन गोस्वामी और उनकी मां पिंकी देवी अदालत में अपने पुलिस को दिए बयानों से मुकर गए। उन्होंने अदालत को बताया कि हमलावरों के चेहरे ढके हुए थे और वे उन्हें पहचान नहीं पाए थे। गवाहों के अपने ही बयानों से मुकर जाने के कारण अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सका। बचाव पक्ष के चंचल दीक्षित के अनुसार साक्ष्य के अभाव में अदालत ने रविंद्र, दिलीप, सनी, धर्मवीर और गौरव को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में छठवां आरोपी किशोर है। उसकी फाइल अभी भी किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है।
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प्यार करने की मिली सजा... जिंदगी के बाद इंसाफ की लड़ाई भी हार गई कोमल

मैनपुरी। किसी ने ठीक ही कहा है, मोहब्बत की राह में मुश्किलें हैं हजारों। कोमल ने इस रास्ते पर चलने की कीमत अपनी जान देकर चुकाई। उससे भी बड़ी त्रासदी यह रही कि वह मौत के बाद इंसाफ की लड़ाई भी हार गई। शहर के मोहल्ला भरतवाल पुरोहिताना में 26 अप्रैल 2022 को दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट ने एक घर को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। कोमल ने अपने प्यार, करन से शादी करने का फैसला किया था। प्रेमी विवाह कोर्ट मैरिज के रूप में किया था। इसके बाद भी कोमल के परिवार वाले राजी नहीं हुए। हालांकि करन के परिवार वाले राजी हो गए। उन्होंने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और 20 अप्रैल 2022 को सामाजिक रूप से दोनों की शादी कराई। कोमल को लगा कि सामाजिक रजामंदी के बाद अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन उसे क्या पता था कि उसके अपनों की आंखों में यह ‘सहमति’ कांटे की तरह चुभ रही थी। कोमल ने वैवाहिक जीवन ठीक से शुरू भी नहीं किया था कि पांचवें दिन ही उसके ही अपनों ने गोलियां मार दीं। उसके पति करन और सास भी हमले में घायल हो गए। केस दर्ज हुआ। पूरे मोहल्ले ने देखा कि प्यार करने की क्या सजा मिली है।
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अगर उन्होंने हत्या नहीं की तो फिर कौन थे कातिल

बेशक गवाहों के पलटने से के बाद अदालत का आदेश आ गया। मगर, यह सवाल इंसाफ की चौखट पर आज भी खड़ा है कि आखिर कोमल की हत्या किसने और क्यों की।
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