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नहीं छूटेगा कोई पात्र परिवार: हेमराज
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 14 Jun 2016 02:05 AM IST
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हेमराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम उत्तर प्रदेश में लागू करना एक बड़ी चुनौती थी लेकिन अखिलेश सरकार ने यह कारनामा कर दिखाया है। भारतीय जनता पार्टी शासित कई राज्यों में अभी तक खाद्य सुरक्षा बिल लागू नहीं हो सका है। हर पात्र परिवार तक इसका लाभ पहुंचे और अपात्रों को बाहर करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के रसद एवं आपूर्ति राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का। वे सोमवार को सर्किट हाउस में आगरा मंडल के खाद्य विभाग के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए हेमराज वर्मा ने कहा कि कोई भी पात्र परिवार छूटे नहीं इसके लिए अधिकारियों को गांव-गांव जाकर खुली बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य में पारदर्शिता रहे इसके लिए विकास भवन और तहसीलों के अधिकारियों को भी बैठकों में शामिल होने के लिए कहा गया है। राशन वितरण प्रणाली, आधार एवं राशन कार्ड फीडिंग की स्थिति, दुकानों का आवंटन, नई ग्राम पंचायतों में दुकान आवंटन प्रक्रिया को 30 जून तक पूर्ण कराने और निरीक्षण आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराने को कहा गया है। राज्यमंत्री ने बताया कि फीरोजाबाद में ई-स्टांप प्रक्रिया का सफल ट्रायल किया गया है। अब इस प्रक्रिया को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके माध्यम से लाभार्थी के राशन कार्ड और आधार कार्ड का लिंक कराने से किसी भी लाभार्थी को राशन उपलब्धता, वितरण, कोटेदार के राशन उठान की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। उन्होंने खाद्यान्न वितरण तथा पेट्रोल पंपों पर घटतौली की शिकायत अथवा कमियां मिलने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये। बैठक में अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति अतुल सिंह और मंडल के अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री की कार के आगे बैठ गई महिलाएं
ताजगंज के असद गली क्षेत्र की महिलाओं ने सर्किट में प्रदर्शन किया। महिलाएं मंत्री की कार के आगे बैठ गईं। जानकारी होने पर राज्यमंत्री हेमराज वर्मा मीटिंग बीच में छोड़कर उनकी समस्या जानने पहुंचे। महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र राशन डीलर अनिल उपाध्याय, राज नारायण गुप्ता और ईशाक राशन नहीं देते है। राशन मांगने पर गाली गलौज की जाती है और मारपीट तक कर डालते हैं। सोमवार कुछ महिलाओं ने साथ अभद्रता की गई है। जबकि इनमें से अधिकांश के पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बने राशन कार्ड हैं। इस मंत्री ने अधिकारियों को उनके साथ भेजकर मामले की जांच कराने और आरोपी राशन डीलरों के खिलाफ कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
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बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए हेमराज वर्मा ने कहा कि कोई भी पात्र परिवार छूटे नहीं इसके लिए अधिकारियों को गांव-गांव जाकर खुली बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य में पारदर्शिता रहे इसके लिए विकास भवन और तहसीलों के अधिकारियों को भी बैठकों में शामिल होने के लिए कहा गया है। राशन वितरण प्रणाली, आधार एवं राशन कार्ड फीडिंग की स्थिति, दुकानों का आवंटन, नई ग्राम पंचायतों में दुकान आवंटन प्रक्रिया को 30 जून तक पूर्ण कराने और निरीक्षण आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराने को कहा गया है। राज्यमंत्री ने बताया कि फीरोजाबाद में ई-स्टांप प्रक्रिया का सफल ट्रायल किया गया है। अब इस प्रक्रिया को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके माध्यम से लाभार्थी के राशन कार्ड और आधार कार्ड का लिंक कराने से किसी भी लाभार्थी को राशन उपलब्धता, वितरण, कोटेदार के राशन उठान की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। उन्होंने खाद्यान्न वितरण तथा पेट्रोल पंपों पर घटतौली की शिकायत अथवा कमियां मिलने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये। बैठक में अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति अतुल सिंह और मंडल के अधिकारी मौजूद रहे।
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मंत्री की कार के आगे बैठ गई महिलाएं
ताजगंज के असद गली क्षेत्र की महिलाओं ने सर्किट में प्रदर्शन किया। महिलाएं मंत्री की कार के आगे बैठ गईं। जानकारी होने पर राज्यमंत्री हेमराज वर्मा मीटिंग बीच में छोड़कर उनकी समस्या जानने पहुंचे। महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र राशन डीलर अनिल उपाध्याय, राज नारायण गुप्ता और ईशाक राशन नहीं देते है। राशन मांगने पर गाली गलौज की जाती है और मारपीट तक कर डालते हैं। सोमवार कुछ महिलाओं ने साथ अभद्रता की गई है। जबकि इनमें से अधिकांश के पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बने राशन कार्ड हैं। इस मंत्री ने अधिकारियों को उनके साथ भेजकर मामले की जांच कराने और आरोपी राशन डीलरों के खिलाफ कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
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