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परीक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए आज करेंगे मंथन
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेषज्ञ दो दिन मंथन करेंगे। परीक्षाओं के स्वचालन और सुदृढ़ीकरण के लिए विश्वविद्यालय की ओर से पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसकी पहली बैठक 29 और 30 सितंबर को होगी।
समिति में मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के प्रो. पीयूष भार्गव, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव डॉ. रोहन राय, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत और विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव शामिल हैं।
प्रायोगिक और मौखिक परीक्षाओं के अंक मौके से ही ऑनलाइन दिए जाने की व्यवस्था बनाई जानी है। वहीं, अभी वार्षिक परीक्षा में कराने में तमाम समस्या आ रही हैं। छात्र-छात्राओं को समय से परीक्षा परिणाम नहीं मिल पा रहा है।
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विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के स्नातक पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है। उसके अनुरूप पाठ्यक्रमों का निर्धारण किया गया है, उसी के अनुरूप सेमेस्टर परीक्षाएं कराई जानी है। इस तरह से अब एक वर्ष में दो परीक्षाएं करानी होगी। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था के स्वचालन (ऑटोमेशन) के लिए समिति बनाई गई है। समिति में ऐसे लोगों को रखा गया है, जिनको परीक्षाएं कराने का अच्छा अनुभव है।
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समिति में मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के प्रो. पीयूष भार्गव, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव डॉ. रोहन राय, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत और विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव शामिल हैं।
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प्रायोगिक और मौखिक परीक्षाओं के अंक मौके से ही ऑनलाइन दिए जाने की व्यवस्था बनाई जानी है। वहीं, अभी वार्षिक परीक्षा में कराने में तमाम समस्या आ रही हैं। छात्र-छात्राओं को समय से परीक्षा परिणाम नहीं मिल पा रहा है।
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विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के स्नातक पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है। उसके अनुरूप पाठ्यक्रमों का निर्धारण किया गया है, उसी के अनुरूप सेमेस्टर परीक्षाएं कराई जानी है। इस तरह से अब एक वर्ष में दो परीक्षाएं करानी होगी। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था के स्वचालन (ऑटोमेशन) के लिए समिति बनाई गई है। समिति में ऐसे लोगों को रखा गया है, जिनको परीक्षाएं कराने का अच्छा अनुभव है।