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अंधेरगर्दी: 142 करोड़ की पाइपलाइन में गड़बड़ी से गहराया संकट, जीवनी मंडी से ताजगंज के बीच बिछाई जा रही लाइन
Sun, 25 Jul 2021 11:47 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 25 Jul 2021 11:47 AM IST
सार
जीवनीमंडी वाटर वर्क्स के गेट से जीवनी मंडी पुलिस चौकी के बीच 1200 मिमी व्यास की पाइपलाइन सड़क के लेवल से 6 से 8 इंच तक ऊपर उठा दी गई।
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आगरा में डाली जा रही नई पाइप लाइन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजगंज को 24×7 पानी देने की स्मार्ट सिटी योजना में गड़बड़ियों से संकट गहराया है। 142.6 करोड़ रुपये की योजना में अब तक 3.6 किमी ही पाइपलाइन बिछी है लेकिन इन 3 किमी में तीन बड़ी गड़बड़ियां हैं जो न केवल अभी से, बल्कि भविष्य में भी सीवर और पानी के नेटवर्क की मरम्मत में मुश्किलें खड़ी करने वाली है। जीवनी मंडी से लेकर मंटोला नाले के बीच में ही स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने तीन बड़ी खामियां इस पाइपलाइन में छोड़ दी हैं, जिनकी वजह से न केवल ट्रैफिक, हरियाली और अब पानी का संकट खड़ा हो गया।
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गड़बड़ी नंबर-1, सड़क के लेवल से आठ इंच ऊपर उठा दी
जीवनीमंडी वाटर वर्क्स के गेट से जीवनी मंडी पुलिस चौकी के बीच 1200 मिमी व्यास की पाइपलाइन सड़क के लेवल से 6 से 8 इंच तक ऊपर उठा दी गई। जीवनीमंडी रोड पर यह पाइपलाइन कम से कम दो फुट तक नीचे होनी चाहिए थी लेकिन स्मार्ट सिटी इंजीनियरों का तर्क ये रहा कि नीचे सीवर और पानी की लाइनें हैं, जिनके ऊपर ही लाइन बिछाई गई। चार विभागों के इंजीनियरों की कमेटी ने इसे गड़बड़ी बताकर पाइपलाइन नीचे बिछाने की सिफारिश की।
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गड़बड़ी नंबर-2, लाइन बिछाने में 215 हरे पेड़ काट दिए
आगरा किला और ताजमहल के बीच चर्चित ताज हेरिटेज कॉरिडोर की जमीन पर पाइपलाइन बिछाने के दौरान स्मार्ट सिटी ने 215 हरे पेड़ काट दिए, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ताज ट्रिपेजियम जोन में पेड़ काटना प्रतिबंधित है। वन विभाग ने इस मामले में स्मार्ट सिटी के लाइजन अधिकारी पंकज सक्सेना समेत दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। स्मार्ट सिटी कंपनी ने बचाव के लिए अपने ठेकेदार के खिलाफ छत्ता थाना में मुकदमा दर्ज कराया। मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है।
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गड़बड़ी नंबर-3, 40 से ज्यादा लाइनों को क्रॉस कर रही
जीवनीमंडी से ताजगंज को 24×7 गंगाजल की आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन 40 से ज्यादा पानी और सीवर लाइनों को क्रॉस कर रही है। जीवनी मंडी रोड पर ही इस लाइन के नीचे 3 से 5 पाइप लाइनें हैं। सीवर और पानी की पुरानी लाइनों के लीक होने की स्थिति में मरम्मत करना मुश्किल हो जाएगा, जैसा शुक्रवार के लीकेज में सामने आया है। मिट्टी के भराव के दौरान अगर भारी दबाव से 1200 एमएम लाइन दबीं तो नीचे बिछीं पुरानी सीवर, पानी की लाइनें टूट सकती हैं।
एलाइनमेंट में बदलाव का प्रयास कर रहे हैं
जलनिगम, जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वे करके हमने यह एलाइनमेंट चुना था। जिस जगह लाइन लीक हुई है, वहां जलकल के पूर्व सचिव ने जैसा कहा, वैसे स्लैब डालकर पाइपलाइन बिछाई है। अभी तो पाइपलाइन में पानी नहीं चल रहा तो प्रेशर है ही नहीं। फिर भी हम एलाइनमेंट में बदलाव करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अब न हरियाली को नुकसान हो, न नीचे कोई लाइन मिले। -आनंद मेनन, टीम लीडर, आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी
जलकल अफसरों के साथ रूट तय हुआ था
पानी की पाइपलाइन जहां भी बिछी हैं, वह क्रॉस करती ही हैं। जलकल विभाग के अफसरों के साथ निरीक्षण, सर्वे में रूट तय हआ था। उसी के मुताबिक पाइपलाइन बिछाई गई है। अब वह मरम्मत नहीं कर पा रहे तो स्मार्ट सिटी कंपनी क्या करे। हम उन्हें अपनी मशीनरी से सहयोग कर रहे हैं। -आरके सिंह, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी
गलत एलाइनमेंट से भविष्य में होगा संकट
रिटायर्ड इंजीनियर अशोक प्रकाश के मुताबिक आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने जीवनी मंडी से ताजगंज के बीच गलत एलाइनमेंट चुना है। इस रूट पर पानी की बड़ी पाइपलाइन जमीन के नीचे बिछी हैं जो जर्जर हैं। भविष्य के लिहाज से यमुना किनारे से इस लाइन को गुजारना चाहिए था, जहां कोई लीकेज या गड़बड़ी होने पर सुधार और मरम्मत आसानी से हो सकता था। पानी की बड़ी पाइपलाइनों के नीचे कोई सीवर या पानी की लाइन न हो, यह आदर्श स्थिति रहती। जीवनी मंडी से ताजगंज के लिए यमुना किनारे एक पाइपलाइन जा रही है। उसी से सटाकर यह पाइपलाइन बिछाई जानी चाहिए थी। लेवल के लिए कई जगह कॉलम खड़े किए जा सकते थे लेकिन अधिकांश हिस्सा मिट्टी का है।
आगरा में पानी के लिए हाहाकार: 28 इंच पाइप लाइन के फटने से जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से आपूर्ति ठप
जीवनीमंडी से ताजगंज को 24×7 गंगाजल की आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन 40 से ज्यादा पानी और सीवर लाइनों को क्रॉस कर रही है। जीवनी मंडी रोड पर ही इस लाइन के नीचे 3 से 5 पाइप लाइनें हैं। सीवर और पानी की पुरानी लाइनों के लीक होने की स्थिति में मरम्मत करना मुश्किल हो जाएगा, जैसा शुक्रवार के लीकेज में सामने आया है। मिट्टी के भराव के दौरान अगर भारी दबाव से 1200 एमएम लाइन दबीं तो नीचे बिछीं पुरानी सीवर, पानी की लाइनें टूट सकती हैं।
एलाइनमेंट में बदलाव का प्रयास कर रहे हैं
जलनिगम, जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वे करके हमने यह एलाइनमेंट चुना था। जिस जगह लाइन लीक हुई है, वहां जलकल के पूर्व सचिव ने जैसा कहा, वैसे स्लैब डालकर पाइपलाइन बिछाई है। अभी तो पाइपलाइन में पानी नहीं चल रहा तो प्रेशर है ही नहीं। फिर भी हम एलाइनमेंट में बदलाव करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अब न हरियाली को नुकसान हो, न नीचे कोई लाइन मिले। -आनंद मेनन, टीम लीडर, आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी
जलकल अफसरों के साथ रूट तय हुआ था
पानी की पाइपलाइन जहां भी बिछी हैं, वह क्रॉस करती ही हैं। जलकल विभाग के अफसरों के साथ निरीक्षण, सर्वे में रूट तय हआ था। उसी के मुताबिक पाइपलाइन बिछाई गई है। अब वह मरम्मत नहीं कर पा रहे तो स्मार्ट सिटी कंपनी क्या करे। हम उन्हें अपनी मशीनरी से सहयोग कर रहे हैं। -आरके सिंह, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी
गलत एलाइनमेंट से भविष्य में होगा संकट
रिटायर्ड इंजीनियर अशोक प्रकाश के मुताबिक आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने जीवनी मंडी से ताजगंज के बीच गलत एलाइनमेंट चुना है। इस रूट पर पानी की बड़ी पाइपलाइन जमीन के नीचे बिछी हैं जो जर्जर हैं। भविष्य के लिहाज से यमुना किनारे से इस लाइन को गुजारना चाहिए था, जहां कोई लीकेज या गड़बड़ी होने पर सुधार और मरम्मत आसानी से हो सकता था। पानी की बड़ी पाइपलाइनों के नीचे कोई सीवर या पानी की लाइन न हो, यह आदर्श स्थिति रहती। जीवनी मंडी से ताजगंज के लिए यमुना किनारे एक पाइपलाइन जा रही है। उसी से सटाकर यह पाइपलाइन बिछाई जानी चाहिए थी। लेवल के लिए कई जगह कॉलम खड़े किए जा सकते थे लेकिन अधिकांश हिस्सा मिट्टी का है।
आगरा में पानी के लिए हाहाकार: 28 इंच पाइप लाइन के फटने से जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से आपूर्ति ठप