आगरा में पानी के लिए हाहाकार: 28 इंच पाइप लाइन के फटने से जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से आपूर्ति ठप
जलकल विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम से ही मरम्मत का काम शुरू किया लेकिन ऊपर से निकल रही पानी की 1200 एमएम की स्मार्ट सिटी की लाइन के कारण काम करने में परेशानी हुई।
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आगरा जीवनी मंडी वाटरवर्क्स के गेट पर पानी की 28 इंच पाइपलाइन फटने के कारण शनिवार को आधे शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। शनिवार को आगरा प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में दूसरे नंबर पर रहा। ऐसी भीषण गर्मी और उमस के बीच पानी का संकट गहराने से लोग बेहाल हो गए। शहर के चार लाख से ज्यादा लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा। यमुनापार के साथ काला महल, जीवनीमंडी, कचहरी घाट, विजय नगर, बालगूंज, छीपीटोला, लोहामंडी, गोकुलपुरा, बाड़ा चरन सिंह समेत इलाकों में पानी नहीं पहुंचा। लोगों ने पड़ोसी और गलियों में लगवाई गईं टीटीएसपी टंकियों से पानी भरा, जिसके लिए उन्हें 300 से 800 मीटर तक की दौड़ लगानी पड़ी। पानी का संकट सोमवार तक रहने की आशंका है।
आगरा स्मार्ट सिटी की 1200 एमएम व्यास पाइपलाइन के नीचे बिछी वाटर वर्क्स की 28 इंच पाइपलाइन के फट जाने के कारण आधे शहर को पानी का संकट झेलना पड़ा। शुक्रवार शाम को आपूर्ति बाधित होने के बाद शनिवार सुबह और शाम को भी आपूर्ति ठप रही। जीवनी मंडी से यमुनापार और छीपीटोला, ताजगंज और पीपल मंडी की सप्लाई देने वाली लाइनें बंद रहीं।
जलकल विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम से ही मरम्मत का काम शुरू किया लेकिन ऊपर से निकल रही पानी की 1200 एमएम की स्मार्ट सिटी की लाइन के कारण काम करने में परेशानी हुई। पूरी रात डी-वाटरिंग के बाद शनिवार दोपहर में पाइपलाइन का लीकेज तलाशा गया। जलकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऊपर से निकल रही पाइपलाइन के वजन से पुरानी लाइन टूट गई है।
28 इंच की पाइपलाइन टूटने से शहर में 4 लाख से ज्यादा लोग पानी की तलाश में भटकते रहे। 36 घंटे से सप्लाई ठप होने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। जलकल विभाग ने पानी के टैंकर भेजे लेकिन पुराने शहर की तंग गलियों में पानी के टैंकर नहीं पहुंच सके। कोतवाली, मंटोला, कलक्ट्रेट, काजीपाड़ा, छीपीटोला, बिजलीघर, बालूगंज, काला महल, जीवनी मंडी, बेलनगंज, पथवारी, कचहरी घाट, पीपलमंडी, गुदड़ी मंसूर खां, घटिया आजम खां, फुलट्टी, हींग की मंडी, विजय नगर कॉलोनी, पीर कल्याणी सहित बड़े इलाके में सुबह और शाम पानी न पहुंचने से लोग बेहाल हो गए। तंग गलियों में रहने वाले लोग मुख्य मार्गों पर पहुंचे टैंकरों तक पानी लेने नहीं पहुंच सके। टैंकर आते ही पानी के लिए मारामारी मची रही।
सोमवार को ही आपूर्ति संभव
स्मार्ट सिटी की पाइप लाइन के कारण नीचे बिछी हमारी लाइन की मरम्मत में परेशानी आ रही है। मरम्मत करने की जगह ही उपलब्ध नहीं है। कर्मचारी सावधानी से काम कर रहे हैं, ताकि स्मार्ट सिटी की लाइन न टूट जाए। रविवार शाम तक लाइन की मरम्मत का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार को ही आपूर्ति हो पाएगी। -एसके श्रीवास्तव, सचिव, जलकल
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से जुड़ी 28 इंच लाइन टूटने से आधा शहर जहां पानी का संकट झेल रहा है वहीं पालड़ा फॉल से भी गंगाजल की मात्रा एकाएक घट गई। उत्तराखंड के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण नदियों में मिट्टी और सिल्ट कई गुना बढ़ गई है। आमतौर पर गंगाजल में 300 पीपीएम तक मिट्टी आ रही थी, लेकिन शनिवार से मध्य गंगा कैनाल पर 1800 पीपीएम सिल्ट आने पर सप्लाई बंद कर दी गई।
बुलंदशहर के पालड़ा फॉल को मध्य गंगा कैनाल और अपर गंगा कैनाल के जरिए गंगाजल मिलता है। ऐसे में इसका असर मंगलवार तक शहर की जलापूर्ति पर पड़ सकता है। शनिवार को आगरा को 70 फीसदी गंगाजल कम मिला। 370 एमएलडी के उलट आगरा को महज 120 एमएलडी गंगाजल मिला, जो जीवनीमंडी को भेजा गया। जीवनीमंडी पर लाइन टूटने के कारण अब इसे सिकंदरा वाटर वर्क्स पर ही उपचारित किया जाएगा। सिकंदरा वाटर वर्क्स पर 144 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट को भी चलाया जा रहा है, हालांकि यमुना नदी में गोकुल बैराज से पानी छोड़ने के कारण गंदगी और जलकुंभी आ रही है जो पंप में फंस रही है।
मंगलवार तक ही स्थिति सामान्य होगी
बुलंदशहर के पालड़ा में मध्य गंगा कैनाल से सप्लाई बंद कर दी गई है। शनिवार से पानी की मात्रा 70 फीसदी तक कम हो गई है। मंगलवार तक ही स्थिति सामान्य हो पाएगी। तब तक लोग पानी का भंडारण करके चलें। फिजूलखर्ची न करें और पानी से जुड़े काम मंगलवार के बाद करें। - आरके गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगाजल इकाई, जलनिगम
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