{"_id":"58a8919e4f1c1bab19d85e2d","slug":"water-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधे शहर को नहीं मिला पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधे शहर को नहीं मिला पानी
आधे शहर को नहीं मिला पानी
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
आधे शहर को नहीं मिला पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हर वर्ष गर्मियों में होने वाली पेयजल की किल्लत को देखते हुए जलकल विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने वीटी क्लियर वाटर टैंकों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। सफाई के चलते शनिवार को शहर के लगभग आधे में हिस्से में जलापूर्ति ठप रही। यह समस्या रविवार सुबह भी रहेगी। जलकल विभाग के जीएम का कहना है कि रविवार शाम से जलापूर्ति सुचारु हो पाएगी।
जीवनी मंडी जलकल विभाग परिसर में पांच क्लियर वाटर टैंक हैं। प्रत्येक वाटर टैंक की स्टोरेज क्षमता पांच मिलियन लीटर है। टैंकों में मलवा जमने की वजह से भंडारण क्षमता कम हो जाती है। इसलिए टैंकों की सफाई फरवरी और मार्च में की जाती है। शनिवार सुबह से टीम ने मुख्य टैंक की सफाई कार्य शुरू किया। इसकी वजह से जलापूर्ति प्रभावित हुई है। जलकल विभाग के महाप्रबंधक एसके वर्मा ने बताया कि मुख्य टैंक के साफ होने के बाद अन्य चारों टैंकों की सफाई की जाएगी। चूंकि सफाई क्रमवार होगी इसलिए आगे जलापूर्ति की कोई समस्या नहीं होगी। टैंकों के बाद शहर के जोनल पंपिंग स्टेशन (जेडपीएस) भी साफ किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से सूर्य नगर, संजय प्लेस, लोहामंडी, शाहंगज-वन, शाहगंज-टू, रकाबगंज, नौलक्खा, ताजगंज, केदार नगर, लायर्स कालोनी, मथुरा रोड आदि की सफाई होगी। उन्होंने कहा कि यमुना का जल स्तर ठीक रहा तो गर्मियों में पेयजल की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
इन इलाकों में रही पानी की किल्लत
जीवनी मंडी स्थित वाटर वर्क्स से पुराने शहर के दर्जनों क्षेत्र जुड़े हुए हैं। इसमें जीवनी मंडी, दरेसी, काला महल, रावतपाड़ा, छत्ता, रकाबगंज, सुभाष बाजार, पीपलमंडी, किनारी बाजार, छीपीटोला, मंटोला, बालूगंज, ट्रांस यमुन कालोनी आदि में क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित रही।
विज्ञापन
जून के अंत तक आ सकता है गंगाजल
जलकल विभाग के महाप्रबंधक एसके वर्मा ने बताया कि शहर में गंगाजल लाने की योजना अब अंतिम चरण में है। जल निगम के गंगाजल इकाई के महाप्रबंधक के मुताबिक मार्च के अंत तक शहर में गंगाजल सप्लाई योजना तैयार की गई थी लेकिन कुछ तकनीकी परेशानियों के चलते इस योजना में दो माह का विलंब हो रहा है। उम्मीद है कि जून के अंत तक सिकंदरा और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स को गंगाजल की आपूर्ति मिलने लगेगी। इससे न केवल पानी की मात्रा बढ़ जाएगी बल्कि यमुना के पानी गंगाजल मिलने से पानी की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
वाटर वर्क्स............................02
सिकंदरा वाटर वर्क्स की क्षमता.............144 एमएलडी
प्रतिदिन जल शोधन करीब...................100 एमलएडी
जीवनी मंडी वाटर वर्क्स की क्षमता........224 एमएलडी
प्रतिदिन जल शोधन करीब................... 190 एमएलडी
शहर में पानी की प्रतिदिन डिमांड.......... 500 एमएलडी
जीवनी मंडी जलकल विभाग परिसर में पांच क्लियर वाटर टैंक हैं। प्रत्येक वाटर टैंक की स्टोरेज क्षमता पांच मिलियन लीटर है। टैंकों में मलवा जमने की वजह से भंडारण क्षमता कम हो जाती है। इसलिए टैंकों की सफाई फरवरी और मार्च में की जाती है। शनिवार सुबह से टीम ने मुख्य टैंक की सफाई कार्य शुरू किया। इसकी वजह से जलापूर्ति प्रभावित हुई है। जलकल विभाग के महाप्रबंधक एसके वर्मा ने बताया कि मुख्य टैंक के साफ होने के बाद अन्य चारों टैंकों की सफाई की जाएगी। चूंकि सफाई क्रमवार होगी इसलिए आगे जलापूर्ति की कोई समस्या नहीं होगी। टैंकों के बाद शहर के जोनल पंपिंग स्टेशन (जेडपीएस) भी साफ किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से सूर्य नगर, संजय प्लेस, लोहामंडी, शाहंगज-वन, शाहगंज-टू, रकाबगंज, नौलक्खा, ताजगंज, केदार नगर, लायर्स कालोनी, मथुरा रोड आदि की सफाई होगी। उन्होंने कहा कि यमुना का जल स्तर ठीक रहा तो गर्मियों में पेयजल की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
इन इलाकों में रही पानी की किल्लत
जीवनी मंडी स्थित वाटर वर्क्स से पुराने शहर के दर्जनों क्षेत्र जुड़े हुए हैं। इसमें जीवनी मंडी, दरेसी, काला महल, रावतपाड़ा, छत्ता, रकाबगंज, सुभाष बाजार, पीपलमंडी, किनारी बाजार, छीपीटोला, मंटोला, बालूगंज, ट्रांस यमुन कालोनी आदि में क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित रही।
विज्ञापन
जून के अंत तक आ सकता है गंगाजल
जलकल विभाग के महाप्रबंधक एसके वर्मा ने बताया कि शहर में गंगाजल लाने की योजना अब अंतिम चरण में है। जल निगम के गंगाजल इकाई के महाप्रबंधक के मुताबिक मार्च के अंत तक शहर में गंगाजल सप्लाई योजना तैयार की गई थी लेकिन कुछ तकनीकी परेशानियों के चलते इस योजना में दो माह का विलंब हो रहा है। उम्मीद है कि जून के अंत तक सिकंदरा और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स को गंगाजल की आपूर्ति मिलने लगेगी। इससे न केवल पानी की मात्रा बढ़ जाएगी बल्कि यमुना के पानी गंगाजल मिलने से पानी की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
वाटर वर्क्स............................02
सिकंदरा वाटर वर्क्स की क्षमता.............144 एमएलडी
प्रतिदिन जल शोधन करीब...................100 एमलएडी
जीवनी मंडी वाटर वर्क्स की क्षमता........224 एमएलडी
प्रतिदिन जल शोधन करीब................... 190 एमएलडी
शहर में पानी की प्रतिदिन डिमांड.......... 500 एमएलडी