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भ्रष्टाचार की नींव पर खड़े किए गोदाम: कहीं दो बीम पर इमारत, कहीं छत से टपक रहा पानी; जांच में खुली धांधली

Thu, 01 Oct 2026 10:39 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 01 Oct 2026 10:39 AM IST
सार

आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत आगरा में सहकारी समितियों के 21 गोदामों के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। टीएसी की जांच में कहीं दो बीम पर गोदाम खड़े मिले तो कहीं छतों से पानी टपकता मिला, जबकि ठेकेदार को 70 फीसदी तक भुगतान किया जा चुका था।
 

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Warehouse Construction Scam Exposed in Agra: Poor-Quality Structures and Irregularities Found in Technical
गोदाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत सहकारी समितियों के 21 गोदामों के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और धांधली का मामला सामने आया है। फर्जी एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) के जरिये ठेका हासिल करने वाले ठेकेदार ने बिना पूरा निर्माण किए ही 70 फीसदी तक का भुगतान करा लिया। टेक्निकल ऑडिट टीम (टीएसी) की जांच में यह खुलासा हुआ।
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जांच में सामने आया है कि गोदामों का निर्माण बेहद घटिया स्तर का किया गया है। स्थिति यह है कि कई गोदामों की छतों से पानी रिसता है तो कुछ को चार की बजाय महज दो आरसीसी बीमों पर ही खड़ा कर दिया गया है। कई जगहों पर दीवारों पर प्लास्टर और नीचे सीसी फर्श तक नहीं बनवाया गया तो कुछ गोदामों में लिंटर डालने की बजाय उन्हें गाटर और पत्थर से पाट दिया गया है।
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इस पूरे घोटाले की जांच के लिए जिलाधिकारी ने 7 जनवरी 2025 को दो अलग-अलग टीएसी टीमों का गठन किया था। पहली टीम में पीडब्ल्यूडी (प्रांतीय खंड) और जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता सहित भवन लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शामिल थे। वहीं, दूसरी टीम में पीडब्ल्यूडी (निर्माण खंड), सिंचाई विभाग और आरईडी के अभियंता शामिल किए गए। पहली टीम ने 11 गोदामों की जांच रिपोर्ट सौंप दी है।
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चमरौआ समिति की जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया, जहां केवल 20 से 25 फीसदी काम हुआ और गोदाम को बिना पाटे लिंटर लेवल पर ही छोड़ दिया गया। टूला शाहपुर, तांसपुरा, अभेदोपुरा, बस्तई, नगला अरुआ, रायभा, लखुरानी, सिकतरा और एमनपुरा गोदामों का भी ऐसा ही हाल है। तांसपुरा में 16 की जगह केवल 4 कॉलम बनाए गए, कमरों में मिट्टी तक नहीं भरी गई और छतों से पानी टपक रहा है।

दूसरी टीम ने मिढाकुर, सोन, जगनेर, मेवली, होलीपुरा जोगीपुरा, ककुआ और मिहावा समेत 7 गोदामों की जांच की, जिनमें छतों से सीमेंट गिरने, बीम-कॉलम कम मिलने और फर्श पर आरसीसी न होने जैसी भारी अनियमितताएं मिलीं।


यह था तय मानक
योजना के तहत प्रत्येक चयनित गोदाम में दो बड़े हॉल, दो छोटे कमरे, आरसीसी बीम, कॉलम व स्लैब का कार्य, सीसी फर्श का निर्माण और प्लास्टर-पेंट का काम होना अनिवार्य था। आरोप है कि मानकों को ताक पर रखकर कागजों में ही बंदरबांट कर ली गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अब प्रशासन और सहकारिता विभाग दोषी ठेकेदार पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है।
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