वृंदावन: भूमाफिया कर रहे आश्रमों पर कब्जा, संतों में आक्रोश, 'सेना' का किया गठन
- संतों ने बिजली विभाग के अफसरों पर भी लगाया उत्पीड़न का आरोप
- एकजुटता दर्शाते हुए राष्ट्रीय संत सेना का किया गठन, सरकार को देंगे संदेश
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श्रीराधाकृष्ण की लीला भूमि पर निरंतर बढ़ रहे भूमाफिया के हस्तक्षेप और बिजली अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न के खिलाफ शुक्रवार को वृंदावन के संत और महंत एकजुट हो गए। एकजुटता का संदेश सरकार तक पहुंचाने के लिए सभी संतों ने राष्ट्रीय संत सेना के गठन का एलान कर दिया।
शुक्रवार को अभिनाशी गीता आश्रम में संत समुदाय के विभिन्न संगठनों की बैठक आयोजित हुई। इसमें वृंदावन के आश्रमों पर भूमाफिया के कब्जे को लेकर चिंता जताई गई। बैठक में कहा गया कि वृंदावन के अनेक आश्रम नष्ट कर दिए गए हैं। वर्तमान में आधा दर्जन से अधिक आश्रमों पर भू-माफिया कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पहले ही वृंदावन का मूल स्वरूप नष्ट कर दिया गया है। इस स्थिति पर नियंत्रण न हुआ तो वृंदावन में संतों का रहना मुश्किल हो जाएगा। इस बैठक के दौरान वृंदावन में बिजली अधिकारियों के रवैया को लेकर भी संतों में गुस्से का भाव नजर आया। संतों ने कहा कि आश्रमों की बिजली काटी जा रही है। बगैर अनुमति बिजली का भार बढ़ाया जा रहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी आरोप
बिजली अधिकारियों का व्यवहार भी संतों के लिए शोभनीय नहीं है। इन स्थितियों से निपटने और अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया गया। इस दौरान वृंदावन के स्वरूप को बचाने के लिए संतों ने राष्ट्रीय संत सेना के गठन का भी फैसला किया।
बैठक में संत अद्वैतमुनि, महामंडलेश्वर भाष्कारानंद, संत चित्प्रकाशानंद, संत जयरामदास, बाल योगेश्वर, संत रामदेवानंद, संत सुतीक्षण दास, संत परमानंद, संत रघुनाथ दास, संत नवल गिरी, सच्चिदानंद दास और उपदेश दास आदि उपस्थित रहे।