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प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत को हकीकत में बदलेगा आगरा, होगी इंडस्ट्रियल कोरिडोर की स्थापनाः राज्यमंत्री
Fri, 15 May 2020 12:20 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 15 May 2020 12:20 AM IST
सार
ग्वालियर रोड पर बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
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प्रदेश के एमएसएमई राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को हकीकत में बदलने के लिए आगरा में ग्वालियर रोड पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना करने का प्रयास किया जाएगा। लोकल को वोकल करने के इरादे से आगरा की मार्बल पच्चीकारी, पेठा, कालीन समेत अन्य उत्पादों को दुनिया भर में प्रसिद्ध किया जाएगा। प्रदेश के एमएसएमई राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आगरा में चमड़ा उद्योग, पत्थर की मीनाकारी अपनी पहचान रखती है। यहां के उत्पाद विश्वस्तरीय ब्रांड के रूप में पहचान हासिल करें, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
ये भी पढ़ें: लॉकडाउन में लाचारी: पैदल चलते-चलते थक गया बेटा तो मां ने सूटकेस पर लिटाकर तय किया सफर
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ग्वालियर रोड पर डिफेंस कॉरिडोर के आधार पर एक उद्योग कॉरिडोर की शुरूआत की जाए। इसके लिए वे विशेष प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के हस्तशिल्प, घुघरू-घंटी, फिरोजाबाद के कांच उद्योग, वाराणसी के जरी-जरदोजी, फतेहपुर सीकरी के दरी-गलीचा उद्योग, आगरा का पेठा उद्योग आदि को बढ़ावा देने के लिए उनके मंत्रालय ने गंभीरता से काम शुरू किया है।
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उन्होंने कहा कि आगरा में चमड़ा उद्योग, पत्थर की मीनाकारी अपनी पहचान रखती है। यहां के उत्पाद विश्वस्तरीय ब्रांड के रूप में पहचान हासिल करें, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
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ग्वालियर रोड पर डिफेंस कॉरिडोर के आधार पर एक उद्योग कॉरिडोर की शुरूआत की जाए। इसके लिए वे विशेष प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के हस्तशिल्प, घुघरू-घंटी, फिरोजाबाद के कांच उद्योग, वाराणसी के जरी-जरदोजी, फतेहपुर सीकरी के दरी-गलीचा उद्योग, आगरा का पेठा उद्योग आदि को बढ़ावा देने के लिए उनके मंत्रालय ने गंभीरता से काम शुरू किया है।
25 किमी के सर्कल में हो औद्योगिक विकास
राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने बताया कि आगरा के 25 किमी के दायरे में ककुआ (मलपुरा) से सैंया होते हुए बाह, फतेहाबाद के अलावा मनिया (धौलपुर), भिंड आदि को मिलाकर ऐसा क्षेत्र विकसित होना चाहिए, जो उद्योग और कारोबार की दृष्टि से मजबूत हो।
ताजनगरी में इन्हें दिया जाएगा बढ़ावा
- नूरी दरवाजे के पेठा और बताशे की पहचान बढ़े।
- खेरागढ़ के बीसलपुरा गांव में पत्थर नक्कासी का काम।
- फतेहपुर सीकरी के दरी-गलीचा उद्योग को नई पहचान।
- फतेहपुरसीकरी के दूरा गांव में बनने वाले पत्थर के खिलौने।
- आगरा का चमड़ा उद्योग का विकास, इस क्षेत्र में रोजगार सृजन
- आलू आधारित प्रसंस्करण इंडस्ट्री स्थापित करने के प्रयास
राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने बताया कि आगरा के 25 किमी के दायरे में ककुआ (मलपुरा) से सैंया होते हुए बाह, फतेहाबाद के अलावा मनिया (धौलपुर), भिंड आदि को मिलाकर ऐसा क्षेत्र विकसित होना चाहिए, जो उद्योग और कारोबार की दृष्टि से मजबूत हो।
ताजनगरी में इन्हें दिया जाएगा बढ़ावा
- नूरी दरवाजे के पेठा और बताशे की पहचान बढ़े।
- खेरागढ़ के बीसलपुरा गांव में पत्थर नक्कासी का काम।
- फतेहपुर सीकरी के दरी-गलीचा उद्योग को नई पहचान।
- फतेहपुरसीकरी के दूरा गांव में बनने वाले पत्थर के खिलौने।
- आगरा का चमड़ा उद्योग का विकास, इस क्षेत्र में रोजगार सृजन
- आलू आधारित प्रसंस्करण इंडस्ट्री स्थापित करने के प्रयास
एमएसएमई को जोड़ेंगे ई-मार्केट प्लेटफार्म से
एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) राज्यमंत्री चौ. उदयभान सिंह ने बताया है कि ई-कॉमर्स प्लेटफार्म को मजबूत कर एमएसएमई सेक्टर को ई-मार्केट के प्लेटफार्म से जोड़कर ग्रामीण युवाओं को स्टार्ट अप के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहली श्रेणी में वे ग्रामीण युवा, जिनमें नए उद्यम स्थापित करने की क्षमता है।
दूसरी श्रेणी में खेल-कूद में रुचि रखने वाले युवा और तीसरी श्रेणी के युवाओं को स्किल ट्रेनिंग के जरिए उद्यमों के लिए तैयार किया जाएगा। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म को विकसित करके ग्राम पंचायतों/न्याय पंचायतों को इससे जोड़ा जाएगा।
एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) राज्यमंत्री चौ. उदयभान सिंह ने बताया है कि ई-कॉमर्स प्लेटफार्म को मजबूत कर एमएसएमई सेक्टर को ई-मार्केट के प्लेटफार्म से जोड़कर ग्रामीण युवाओं को स्टार्ट अप के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहली श्रेणी में वे ग्रामीण युवा, जिनमें नए उद्यम स्थापित करने की क्षमता है।
दूसरी श्रेणी में खेल-कूद में रुचि रखने वाले युवा और तीसरी श्रेणी के युवाओं को स्किल ट्रेनिंग के जरिए उद्यमों के लिए तैयार किया जाएगा। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म को विकसित करके ग्राम पंचायतों/न्याय पंचायतों को इससे जोड़ा जाएगा।