श्री पारस अस्पताल: उपमुख्यमंत्री ने कहा- सतही जांच की गई, अंतिम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
दो दिन के दौरे पर आगरा आए प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने श्री पारस अस्पताल प्रकरण में डीएम की जांच रिपोर्ट को सतही बताकर कठघरे में खड़ा कर दिया है।
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आगरा के श्री पारस अस्पताल के मॉकड्रिल प्रकरण में जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट से उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा संतुष्ट नहीं हैं। शुक्रवार को सर्किट हाउस में उन्होंने जिलाधिकारी की जांच को सतही बताया। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर अभी गहराई से जांच होना बाकी है। ये अंतिम रिपोर्ट नहीं है। जांच अभी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि डीएम से अंतिम रिपोर्ट आने दीजिए, अस्पताल के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। संचालक के विरुद्ध पहले ही मुकदमा दर्ज है। लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है। शुक्रवार सुबह सर्किट हाउस में उन्होंने डीएम, सीएमओ व एसएसपी के साथ श्री पारस प्रकरण पर चर्चा की। साथ में कोविड अस्पतालों द्वारा मरीजों से इलाज के नाम पर अधिक वसूली के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पिछले साल महामारी फैलाने के आरोप में श्री पारस अस्पताल सील होने और उसे दोबारा खोलने की अनुमति के सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा कि दूसरी लहर में सरकार के लिए मरीजों की जान बचाना प्राथमिकता थी। तब सभी बंद अस्पतालों को खोलने का निर्णय लिया था। बंद अस्पतालों को जल्दी-जल्दी खोला गया। उन्होंने कहा-बगैर पक्षपात के इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
अधिकारी साधे रहे चुप्पी
सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान श्री पारस अस्पताल मामले में सवालों की बौछार पर डिप्टी सीएम कुछ मिनटों के लिए असहज हो गए। उनके साथ बैठे सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि भी बगले झांकने लगे। प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
अंतिम जांच कब तक पूरी होगी। किन बिंदुओं पर होगी, इन सवालों पर डिप्टी सीएम ने तीन बार डीएम से कहा-आप मीडिया को जवाब दीजिए। परंतु डीएम कुछ नहीं बोले। उन्होंने जिलाधिकारी की तरफ इशारा करते हुए कहा, आगे की जांच के बारे में जिला प्रशासन ही बताएगा।
22 मौतों का आरोप 16 की पुष्टि
26 अप्रैल के मॉकड्रिल कांड में श्री पारस अस्पताल में 22 मरीजों की मौत का आरोप है। डेथ ऑडिट में 16 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। जांच में प्रशासन ने किसी भी मरीज की मृत्यु ऑक्सीजन की कमी से नहीं मानी है। जबकि उन दिनों शहर में ऑक्सीजन का विकराल संकट था।
वीडियो में डॉ. अरिंजय ने मोदी नगर ड्राई होने और मुख्यमंत्री ऑक्सीजन नहीं मंगा सकते... बात कहते हुए ऑक्सीजन बंद कर मॉकड्रिल की बात कबूली थी। जिसके बाद सूबे से लेकर देशभर में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने डीएम से जांच कराई। 18 जून को जांच रिपोर्ट पेश करने के बाद से प्रशासन पर अस्पताल संचालक को क्लीनचिट देने के आरोप लग रहे हैं।