{"_id":"610825648ebc3e847021683a","slug":"up-board-up-board-result-result-correction-website-up-board-meerut-office-errors-in-up-board-result-result-errors-up-board-prayagraj-mainpuri-news-agr5022702103","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्ड : दो सौ से अधिक कॉलेजों के रिजल्ट में त्रुटि, विद्यार्थियों के अभिभावकों से लेकर शिक्षक तक चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्ड : दो सौ से अधिक कॉलेजों के रिजल्ट में त्रुटि, विद्यार्थियों के अभिभावकों से लेकर शिक्षक तक चिंतित
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अपूर्ण परीक्षा परिणाम की शिकायत करते प्रधानाचार्य और शिक्?
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने जिले के दो सौ से अधिक कॉलेजों का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम त्रुटिपूर्ण जारी किया है। जिससे छात्र-छात्राओं और प्रधानाचार्य को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने अपूर्ण परीक्षा परिणाम को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में परीक्षा सेल देख रहे लिपिक पंकज कुमार ने प्रधानाचार्यों को बताया कि बोर्ड के कार्यालय मेरठ से एक मेल आईडी और मोबाइल नंबर जारी किया गया है। जिस पर संबंधित छात्र परीक्षा परिणाम में आ रही त्रुटि की शिकायत कर सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों को सलाह दी कि वे छात्र-छात्राओं की शिकायत दर्ज कराने में सहयोग प्रदान करें।
शिकायत दर्ज कराने वालो में राजकीय हाईस्कूल दलीपुर सथिनी, सुभाष चंद्र इंटर कॉलेज कांसेपुर, देवनागरी इंटर कॉलेज कुरावली, संत विवेकानंद इंटर कॉलेज, चौधरी मदन सिंह उमा विद्यालय कल्याणपुर, एनडी इंटर कॉलेज सलेमपुर के प्रधानाचार्य और शिक्षक शामिल रहे।
विज्ञापन
केस एक- राजकीय हाईस्कूल, दलीपुर सथिनी
यहां के छात्र-छात्राओ के अंकपत्र पर प्रमोट लिखा है। छात्र-छात्राओं के अंक दर्ज नहीं है। जिससे भविष्य में छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यदि उनके अंक नहीं हैं तो कैसे पता चलेगा कि उन्हें कितने अंक प्राप्त हुए हैं और उनकी मैरिट कैसे बन सकेगी।
केस दो- एनडी इंटर कॉलेज, सलेमपुर पढ़ीना
यहां हाईस्कूल के 10 छात्र-छात्राओं को गणित में फेल दर्शाया गया है। जबकि कॉलेज से छात्र-छात्राओं को पूर्व की परीक्षाओं में 60 से 70 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त थे। कॉलेज से भी यह अंक बोर्ड को भेजे गए थे।
केस तीन- देवनागरी इंटर कॉलेज, कुरावली
यहां की छात्राओं को कुछ विषयों में फेल दिखाया गया है जबकि कॉलेज से भेजे गए अंकों और पूर्व में आयोजित परीक्षाओं के आधार पर छात्राएं पास थीं। ऐसे में छात्राएं और उनके परिजन चिंतित हैं।
बोर्ड ने जारी की है वेबसाइट
माध्ययमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम को लेकर एक वेबसाइट जारी की है। छात्र-छात्राएं इस वेबसाइट के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जनपद के छात्र-छात्राओं को विभाग द्वारा जारी की गई क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ की वेबसाइट पर अपना शिकायती पत्र दर्ज कराना होगा। जिसमें छात्र-छात्राओं को अपना नाम, कक्षा, अनुक्रमांक, जनपद का नाम आवश्यक रूप से अंकित करना होगा। बोर्ड के कार्यालय मेरठ का एक मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है। शिकायत मेल आईडी पर दर्ज कराने के बाद छात्र-छात्राएं दिए गए मोबाइल नंबर पर अपने परीक्षा परिणाम की प्रगति की जानकारी भी ले सकते हैं।
रिजल्ट पर ये त्रुटियां हैं सर्वाधिक
-छात्रों के अंकपत्र पर लिखा गया है सिर्फ प्रमोट।
-छात्रों को कुछ विषयों मे दर्शाया गया है फेल जबकि कॉलेज से उनके भेजे गए हैं अंक
- कई छात्रों का मार्कशीट पर उनके कुछ विषयों के अंक ही नहीं चढ़ाए गए
- कई कॉलेजों के सभी छात्रों का परीक्षा परिणाम है अपूर्ण
परीक्षा परिणाम को लेकर जिन छात्र-छात्राओं को कोई परेशानी है वे अपनी शिकायत विभाग से जारी की गई वेबसाइट पर दर्ज करा सकते हैं। प्रधानचार्यों को संबंधित वेबसाइट के संबंध में जानकारी दे दी गई है। कॉलेज पहुंचकर वेबसाइट के संबंध में जानकारी ले सकते हैं। कार्यालय पर भी वेबसाइट को नोटिस पर लगाया गया है। -मनोज कुमार वर्मा, डीआईओएस
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में परीक्षा सेल देख रहे लिपिक पंकज कुमार ने प्रधानाचार्यों को बताया कि बोर्ड के कार्यालय मेरठ से एक मेल आईडी और मोबाइल नंबर जारी किया गया है। जिस पर संबंधित छात्र परीक्षा परिणाम में आ रही त्रुटि की शिकायत कर सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों को सलाह दी कि वे छात्र-छात्राओं की शिकायत दर्ज कराने में सहयोग प्रदान करें।
विज्ञापन
शिकायत दर्ज कराने वालो में राजकीय हाईस्कूल दलीपुर सथिनी, सुभाष चंद्र इंटर कॉलेज कांसेपुर, देवनागरी इंटर कॉलेज कुरावली, संत विवेकानंद इंटर कॉलेज, चौधरी मदन सिंह उमा विद्यालय कल्याणपुर, एनडी इंटर कॉलेज सलेमपुर के प्रधानाचार्य और शिक्षक शामिल रहे।
विज्ञापन
केस एक- राजकीय हाईस्कूल, दलीपुर सथिनी
यहां के छात्र-छात्राओ के अंकपत्र पर प्रमोट लिखा है। छात्र-छात्राओं के अंक दर्ज नहीं है। जिससे भविष्य में छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यदि उनके अंक नहीं हैं तो कैसे पता चलेगा कि उन्हें कितने अंक प्राप्त हुए हैं और उनकी मैरिट कैसे बन सकेगी।
केस दो- एनडी इंटर कॉलेज, सलेमपुर पढ़ीना
यहां हाईस्कूल के 10 छात्र-छात्राओं को गणित में फेल दर्शाया गया है। जबकि कॉलेज से छात्र-छात्राओं को पूर्व की परीक्षाओं में 60 से 70 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त थे। कॉलेज से भी यह अंक बोर्ड को भेजे गए थे।
केस तीन- देवनागरी इंटर कॉलेज, कुरावली
यहां की छात्राओं को कुछ विषयों में फेल दिखाया गया है जबकि कॉलेज से भेजे गए अंकों और पूर्व में आयोजित परीक्षाओं के आधार पर छात्राएं पास थीं। ऐसे में छात्राएं और उनके परिजन चिंतित हैं।
बोर्ड ने जारी की है वेबसाइट
माध्ययमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम को लेकर एक वेबसाइट जारी की है। छात्र-छात्राएं इस वेबसाइट के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जनपद के छात्र-छात्राओं को विभाग द्वारा जारी की गई क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ की वेबसाइट पर अपना शिकायती पत्र दर्ज कराना होगा। जिसमें छात्र-छात्राओं को अपना नाम, कक्षा, अनुक्रमांक, जनपद का नाम आवश्यक रूप से अंकित करना होगा। बोर्ड के कार्यालय मेरठ का एक मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है। शिकायत मेल आईडी पर दर्ज कराने के बाद छात्र-छात्राएं दिए गए मोबाइल नंबर पर अपने परीक्षा परिणाम की प्रगति की जानकारी भी ले सकते हैं।
रिजल्ट पर ये त्रुटियां हैं सर्वाधिक
-छात्रों के अंकपत्र पर लिखा गया है सिर्फ प्रमोट।
-छात्रों को कुछ विषयों मे दर्शाया गया है फेल जबकि कॉलेज से उनके भेजे गए हैं अंक
- कई छात्रों का मार्कशीट पर उनके कुछ विषयों के अंक ही नहीं चढ़ाए गए
- कई कॉलेजों के सभी छात्रों का परीक्षा परिणाम है अपूर्ण
परीक्षा परिणाम को लेकर जिन छात्र-छात्राओं को कोई परेशानी है वे अपनी शिकायत विभाग से जारी की गई वेबसाइट पर दर्ज करा सकते हैं। प्रधानचार्यों को संबंधित वेबसाइट के संबंध में जानकारी दे दी गई है। कॉलेज पहुंचकर वेबसाइट के संबंध में जानकारी ले सकते हैं। कार्यालय पर भी वेबसाइट को नोटिस पर लगाया गया है। -मनोज कुमार वर्मा, डीआईओएस